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दहेज हत्या के आरोप में पति, सास-ससुर को सुनाई सजा
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मिशन शक्ति अभियान के तहत दहेज हत्या के मुकदमे में एडीजे-10 गरिमा सिंह के न्यायालय से आरोपियों को दस-दस साल की सजा व जुर्माने से दंडित किया गया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार, रामबाबू शर्मा ने अपनी बेटी अनु देवी की शादी 25 फरवरी 2015 को खंडेहा टप्पल निवासी सुनील संग की थी।
शादी के बाद से ही उसे दहेज में स्कार्पियो व एक प्लाट की मांग को लेकर ससुरालियों की ओर से परेशान किया जाने लगा और 30 मई 2016 को गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस संबंध में पिता ने मुकदमे में पति सुनील, सास मंजू देवी, ससुर कालीचरण आदि को नामजद किया। न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल की सजा व 30-30 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। पचास फीसदी जुर्माना राशि पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिए हैं।
दहेज उत्पीड़न के आरोपियों को सजा
एसीजेएम-प्रथम अर्शी नूर के न्यायालय से दहेज उत्पीड़न के वर्ष 1996 के मुकदमे के दो आरोपियों को सजा सुनाई गई है। मुकदमे का निस्तारण मिशन शक्ति अभियान के तहत किया गया है। अभियोजन अधिकारी हेमंत सिंह के अनुसार, 14 जुलाई 1996 को छर्रा निवासी अजीत और अनिल के खिलाफ अजीत के साले उमेश चंद्र ने अपनी बहन नीलम के उत्पीड़न को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें दहेज की खातिर प्रताड़ित करने का आरोप था। न्यायालय ने दोनों को दो दो साल व 3500-3500 रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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शादी के बाद से ही उसे दहेज में स्कार्पियो व एक प्लाट की मांग को लेकर ससुरालियों की ओर से परेशान किया जाने लगा और 30 मई 2016 को गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस संबंध में पिता ने मुकदमे में पति सुनील, सास मंजू देवी, ससुर कालीचरण आदि को नामजद किया। न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार देते हुए दस-दस साल की सजा व 30-30 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। पचास फीसदी जुर्माना राशि पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिए हैं।
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दहेज उत्पीड़न के आरोपियों को सजा
एसीजेएम-प्रथम अर्शी नूर के न्यायालय से दहेज उत्पीड़न के वर्ष 1996 के मुकदमे के दो आरोपियों को सजा सुनाई गई है। मुकदमे का निस्तारण मिशन शक्ति अभियान के तहत किया गया है। अभियोजन अधिकारी हेमंत सिंह के अनुसार, 14 जुलाई 1996 को छर्रा निवासी अजीत और अनिल के खिलाफ अजीत के साले उमेश चंद्र ने अपनी बहन नीलम के उत्पीड़न को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें दहेज की खातिर प्रताड़ित करने का आरोप था। न्यायालय ने दोनों को दो दो साल व 3500-3500 रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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