{"_id":"5d8fc22f8ebc3e93b24e3c53","slug":"protest-whenever-women-insulted-gangiri-news-ali214838389","type":"story","status":"publish","title_hn":"जहां भी हो नारी का अपमान तो विरोध करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जहां भी हो नारी का अपमान तो विरोध करें
विज्ञापन
अपराजिता की कार्यशाला में आत्मरक्षा के गुर बताती अध्यापिका।
- फोटो : GANGIRI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारी का जहां भी अपमान अथवा शोषण हो रहा हो वहां खुलकर विरोध करना चाहिए। समाज में महिलाओं को कमजोर मानने की सोच बदलने की जरूरत है। पुरुषों को नारियों के प्रति अपनी सोच बदलनी होगी तभी नारी का सम्मान होगा।
यह उद्गार शनिवार को गंगीरी के सुशीला देवी इंटर कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत आयोजित नारी सशक्तीकरण सेमिनार में व्यक्त किए गए।
कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विष्णु कुमार कुशवाहा व शिक्षिका अतिया सहामीन ने कहा कि छात्राओं को हर परिस्थिति का सामना करना चाहिए। अपनी आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए।
विज्ञापन
अभिभावकों को भी चाहिए कि वह बेटों की तरह ही बेटियों को भी शिक्षित बनाएं। उन्होंने कहा कि नारियां अपनी शक्ति को पहचानें और हर मुश्किल का डटकर मुकाबला करें।
किसी भी जमाने में नारी किसी से कम नहीं रही। सेमिनार में लक्ष्मी, चंचल, महक वार्ष्णेय, निकता वार्ष्णेय, प्राची वार्ष्णेय, इरम कुरैशी, गुनगुन रावत, रेनू रावत, ममता राजपूत, रश्मि, उसरा, सुनेहरीलाल, रमेशचंद्र, रवि कुमार, नरेंद्र सिंह, बंटी यादव, रक्षपाल सिंह, प्रेम बहादुर कुलश्रेष्ठ, संजीव कुशवाहा मौजूद रहे।
विज्ञापन
यह उद्गार शनिवार को गंगीरी के सुशीला देवी इंटर कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत आयोजित नारी सशक्तीकरण सेमिनार में व्यक्त किए गए।
विज्ञापन
कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विष्णु कुमार कुशवाहा व शिक्षिका अतिया सहामीन ने कहा कि छात्राओं को हर परिस्थिति का सामना करना चाहिए। अपनी आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए।
विज्ञापन
अभिभावकों को भी चाहिए कि वह बेटों की तरह ही बेटियों को भी शिक्षित बनाएं। उन्होंने कहा कि नारियां अपनी शक्ति को पहचानें और हर मुश्किल का डटकर मुकाबला करें।
किसी भी जमाने में नारी किसी से कम नहीं रही। सेमिनार में लक्ष्मी, चंचल, महक वार्ष्णेय, निकता वार्ष्णेय, प्राची वार्ष्णेय, इरम कुरैशी, गुनगुन रावत, रेनू रावत, ममता राजपूत, रश्मि, उसरा, सुनेहरीलाल, रमेशचंद्र, रवि कुमार, नरेंद्र सिंह, बंटी यादव, रक्षपाल सिंह, प्रेम बहादुर कुलश्रेष्ठ, संजीव कुशवाहा मौजूद रहे।