Aligarh News: बीएचएमएस छात्रा से प्रोफेसर ने किया गलत व्यवहार, शासन ने किया सस्पेंड, यह है मामला
हाथरस के पीसी बागला डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर रजनीश का मामला इस समय चर्चा में है, वहीं अलीगढ़ में जकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज और अस्पताल के प्रोफेसर अमरीश को सस्पेंड किया गया है। प्रोफेसर अमरीश पर बीएचएमएस छात्रा के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप है।
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अलीगढ़ में जवां क्षेत्र के छेरत में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज और अस्पताल में प्रोफेसर ने एक बीएचएमएस छात्रा के साथ गलत व्यवहार किया। शिकायत होने पर शासन ने प्रोफेसर को सस्पेंड करते हुए सोनभद्र राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में संबद्ध कर दिया है।
विकास खंड जवां के छेरत स्थित राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में 3 फरवरी को फीजियोलॉजी के प्रोफेसर अमरीश कुमार पर वहां की छात्रा ने गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया था। जब मामला बढ़ा तो कालेज प्रशासन ने समझा-बुझा कर शांत करा दिया। 4 फरवरी को छात्रा ने लिखित शिकायत कर दी। प्रोफेसर ने छात्रा से माफी मांगी।
मगर निदेशक ने इस कृत्य पर प्रोफेसर अमरीश का तबादला गोरखपुर के बडहलगंज में स्थित होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में कर दिया। साथ ही प्रभारी प्राचार्य को भी मुरादाबाद भेज दिया। इसकी जांच डीएम को सौंप दी। 8 मार्च को डीएचओ मुकेश कुमार के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम ने जांच की। जिसमें छात्रा ने घटना के बारे में बताया। टीम ने प्रोफेसर व प्राचार्य का भी बयान दर्ज कर रिपोर्ट डीएम को भेज दी। इसके बाद डीएम ने एक और जांच के लिए कमेटी गठित कर दी। जिसका नेतृत्व एसडीएम खैर महिमा राजपूत करेंगी। इधर मार्च को शासन ने प्रोफेसर अमरीश को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया।
होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में छात्रा के साथ अभद्रता व अश्लील हरकत करने वाले प्रोफेसर अमरीश को सस्पेंड कर दिया गया है। जिलाधिकारी अलीगढ़ स्तर से जांच हो रही है। उसमें अगर दोषी पाए गए तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. अरविंद कुमार वर्मा, निदेशक, होम्योपैथिक आयुष विभाग
होम्योपैथी अस्पताल के प्रोफेसर द्वारा यौन उत्पीड़न में डीएम का बयानराजकीय होम्योपैथिक अस्पताल के प्रोफेसर द्वारा छात्रा के साथ गलत हरकत करने के मामले में शासन के निर्देश पर प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। मामले की जांच चल रही है। जहां तक आरोपी पर मुकदमा दर्ज करने का सवाल है, तो पीड़िता को पूरा हक है वह मुकदमा दर्ज कराएं। यह उनका अधिकार है। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी