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प्रो. इरफान हबीब पुनः बने भारतीय इतिहास कांग्रेस के उपाध्यक्ष
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प्रोफेसर इरफान हबीब।
- फोटो : CITY OFFICE
प्रोफेसर एमेरिटस इरफान हबीब एक बार फिर भारतीय इतिहास कांग्रेस के उपाध्यक्ष बन गए हैं। केरल के कन्नूर विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय अधिवेशन में एएमयू के इतिहासकार व कांग्रेस के पूर्व सचिव प्रो. इसरत आलम को मध्यकालीन भारत खंड का अध्यक्ष चुना गया है। प्रो. शिरीन मूसवी एवं इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. अली नदीम रिजावी को एग्जीक्यूटिव कमेटी में स्थान मिला है। उल्लेखनीय है कि अधिवेशन में एएमयू के 30 से अधिक शिक्षक एवं शोध छात्र शामिल हुए थे। केरल के राज्यपाल एवं एएमयू के पूर्व छात्र आरिफ मोहम्मद खान के विरोध को लेकर यह अधिवेशन पूरे देश में चर्चा में है।
कैंपस में पुलिस प्रवेश के खिलाफ प्रस्ताव पास
भारतीय इतिहास कांग्रेस के 80 वें अधिवेशन में किसी भी शैक्षणिक संस्थान में पुलिस के प्रवेश के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रो. इसरत आलम ने बताया कि नई शिक्षा नीति के खिलाफ भी प्रस्ताव पारित किया गया है और सरकार से मांग की गई है कि शिक्षा का निजीकरण नहीं किया जाए। इससे देश का आम आदमी शिक्षा से दूर हो जाएगा। देश में मौजूद पुराने धरोहरों को बचाने की भी मांग सरकार से की गई है। आए दिन इंटरनेट बंद करने के फैसले के खिलाफ भी कांग्रेस में प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रो. इसरत आलम ने कहा कि कश्मीर सहित देश के विभिन्न शहरों में इंटरनेट बंद कर दिया जाता है। इससे रिसर्च व अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती है।
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कैंपस में पुलिस प्रवेश के खिलाफ प्रस्ताव पास
भारतीय इतिहास कांग्रेस के 80 वें अधिवेशन में किसी भी शैक्षणिक संस्थान में पुलिस के प्रवेश के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रो. इसरत आलम ने बताया कि नई शिक्षा नीति के खिलाफ भी प्रस्ताव पारित किया गया है और सरकार से मांग की गई है कि शिक्षा का निजीकरण नहीं किया जाए। इससे देश का आम आदमी शिक्षा से दूर हो जाएगा। देश में मौजूद पुराने धरोहरों को बचाने की भी मांग सरकार से की गई है। आए दिन इंटरनेट बंद करने के फैसले के खिलाफ भी कांग्रेस में प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रो. इसरत आलम ने कहा कि कश्मीर सहित देश के विभिन्न शहरों में इंटरनेट बंद कर दिया जाता है। इससे रिसर्च व अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती है।
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