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प्रॉक्टर ऑफिस में डीजल-पेट्रोल और फोम से लगाई थी आग

Sun, 05 Jun 2016 01:52 AM IST
अभिषेक शर्मा
अभिषेक शर्मा Updated Sun, 05 Jun 2016 01:52 AM IST
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Proctor office petrol and diesel made from foam fire
एएमयू - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
एएमयू में 23 अप्रैल की रात छात्र गुटों की भिड़ंत में दो-दो पूर्व छात्रों की मौत के बाद प्रॉक्टर कार्यालय में आगजनी डीजल-पेट्रोल और फोम की मदद से की गई।
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  यह खुलासा फॉरेंसिक रिपोर्ट में हो गया और बड़ी साजिश के तहत कार्यालय के हर हिस्से में डीजल-पेट्रोल छिड़का गया था। साथ ही गद्दों से फोम निकालकर उसे भी आग के हवाले किया गया था।
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फॉरेंसिक रिपोर्ट में इन तथ्यों के उजागर होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है, क्योंकि अब मुकदमे को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सकता है।
एएमयू में 23 अप्रैल की रात दो पूर्व छात्रों को गोली लगने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जहां एक को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद छात्रों का गुट मेडिकल से अचानक शोरशराबा करता हुआ गायब हुआ था। इसके कुछ देर बाद ही खबर मिली कि प्रॉक्टर कार्यालय, गेस्ट हाउस, वीसी लॉज के बराबर और डीएसडब्ल्यू कार्यालय में आगजनी व तोड़फोड़ की गई है। जब मौके पर पहुंचकर देखा गया तो प्रॉक्टर कार्यालय पूरी तरह आग से घिरा हुआ था। उसे पूरी तरह नेस्तनाबूत करने के इरादे से आग लगाई गई थी।
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अगले दिन पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर और तीसरे दिन आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से फॉरेंसिक वैन को बुलाकर यहां साक्ष्य संकलित कराए थे। प्रॉक्टर कार्यालय में हुई आगजनी को लेकर फॉरेंसिक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि यहां आगजनी डीजल-पेट्रोल व गद्दों का फोम निकालकर की गई थी और जिस तरह से पूरे कार्यालय में साक्ष्य मिले हैं, उससे साफ है कि जानबूझकर पूरा कार्यालय खत्म करना ही मकसद था। अब पुलिस की जांच में यह बात भी शामिल हो गई है कि बाइकों से पेट्रोल तो मिल सकती है। मगर डीजल कहीं प्रॉक्टर कार्यालय के जेनरेटर रूम से किसी स्टाफ की मिलीभगत से तो नहीं मिला।
एक मठाधीश का नाम चर्चाओं में
पुलिस की अब तक की जांच में और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी में एक मठाधीश का नाम हर जगह चर्चाओं में आया है। इसे लेकर साक्ष्य संकलन का काम भी जारी है। सर्विलांस आदि की मदद से मठाधीश पर नजर रखी जा रही है। सर्विलांस की मदद से पुराना रिकार्ड भी एकत्रित किया जा रहा है।

एएमयू कांड में आगजनी को लेकर फॉरेंसिक रिपोर्ट मिल गई है, जिसे जांच में शामिल किया गया है। बाकी जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी चल रहे हैं। अब आगजनी में नाम भी खोले जा रहे हैं।
- राजीव सिंह, सीओ तृतीय
 
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