{"_id":"5fc939238ebc3e9bea14fbc6","slug":"procession-with-out-bride-returned-city-office-news-ali2502445131","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाना मिला बेस्वाद, बिना दुल्हन लौटी बारात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाना मिला बेस्वाद, बिना दुल्हन लौटी बारात
विज्ञापन
जवां क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर कोटा में खाने के स्वाद को लेकर हुए विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि बारात बिना दुल्हन के ही लौट गई। दूल्हे के बहनोई ने खाना बेस्वाद होने का मुद्दा उठाया था। जिसे लेकर विवाद बढ़ने पर मारपीट तक हो गई थी और पुलिस को भी पहुंचना पड़ गया। इसके बाद जो बात बिगड़ी फिर नहीं बनी। दूल्हा पक्ष खाने के खर्च के रुपये देकर बिना दुल्हन के बारात वापस ले गया।
बुलंदशहर के खुर्जा से बुधवार को गांव सिकंदरपुर कोटा में बारात आई थी। मध्य रात्रि शादी की तमाम रस्में हो चुकी थीं। बाराती डीजे पर डांस कर रहे थे। तभी दूल्हे के बहनोई ने खाने पर सवाल खड़ा करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे पर डीजे तक बंद कर दिया गया। तमाम रिश्तेदार बहनोई को समझाने लगे। दुल्हन का भाई भी उन्हें समझाने लगा। मगर बात बनने के बजाय बिगड़ने लगी और मारपीट तक हो गई। बस इसी बात पर बखेड़ा खड़ा हो गया और पुलिस को फोन कर दिया गया। इस सूचना पर तत्काल पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने पर भी विवाद शांत न हुआ तो दूल्हा, दूल्हे के बहनोई व दुल्हन के भाई को थाने ले जाया गया। बाद में परिवार व गांव के संभ्रांत लोग थाने पहुंच गए। जहां शादी की औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए सुलह का प्रयास किया गया। मगर, बात नहीं बनी।
यहां दोनों पक्षों में इसी बात पर सहमति बनी कि अब शादी नहीं होनी है। इस पर दूल्हा पक्ष ने दावत में हुए खर्च को वापस किया। तब जाकर बात बनी और फिर बिना दुल्हन के ही बारात लौट गई। एसओ जवां अभय शर्मा ने इस विवाद की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर कोई कार्रवाई नहीं करने का समझौता शादी टूटने पर ही बना। समझौता होने पर दोनों पक्षों को छोड़ा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर के खुर्जा से बुधवार को गांव सिकंदरपुर कोटा में बारात आई थी। मध्य रात्रि शादी की तमाम रस्में हो चुकी थीं। बाराती डीजे पर डांस कर रहे थे। तभी दूल्हे के बहनोई ने खाने पर सवाल खड़ा करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे पर डीजे तक बंद कर दिया गया। तमाम रिश्तेदार बहनोई को समझाने लगे। दुल्हन का भाई भी उन्हें समझाने लगा। मगर बात बनने के बजाय बिगड़ने लगी और मारपीट तक हो गई। बस इसी बात पर बखेड़ा खड़ा हो गया और पुलिस को फोन कर दिया गया। इस सूचना पर तत्काल पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने पर भी विवाद शांत न हुआ तो दूल्हा, दूल्हे के बहनोई व दुल्हन के भाई को थाने ले जाया गया। बाद में परिवार व गांव के संभ्रांत लोग थाने पहुंच गए। जहां शादी की औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए सुलह का प्रयास किया गया। मगर, बात नहीं बनी।
विज्ञापन
यहां दोनों पक्षों में इसी बात पर सहमति बनी कि अब शादी नहीं होनी है। इस पर दूल्हा पक्ष ने दावत में हुए खर्च को वापस किया। तब जाकर बात बनी और फिर बिना दुल्हन के ही बारात लौट गई। एसओ जवां अभय शर्मा ने इस विवाद की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर कोई कार्रवाई नहीं करने का समझौता शादी टूटने पर ही बना। समझौता होने पर दोनों पक्षों को छोड़ा गया।
विज्ञापन