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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Pro. Tariq Mansoor took charge of AMU VC

प्रो. तारिक मंसूर ने किया एएमयू वीसी का पदभार ग्रहण

Wed, 17 May 2017 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Wed, 17 May 2017 01:51 AM IST
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भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. तारिक मंसूर ने जमीरउद्दीन शाह से एएमयू कुलपति का कार्यभार ग्रहण किया। इनका कार्यकाल पांच साल के लिए होगा। शाह के विरोध की आशंका को देखते हुए एएमयू में भारी संख्या में आरआरएफ सहित पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद एवं एसएसपी राजेश पांडेय नए कुलपति के पदभार ग्रहण करते समय स्वयं मौजूद रहे। 
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कुलपति का पदभार ग्रहण करने से पहले प्रो. तारिक मंसूर ने सर सैयद की मजार पर पुष्पांजलि अर्पित की। पद भार ग्रहण करने के बाद सर सैयद हॉल नार्थ एवं मोरिसन कोर्ट में जाकर छात्रों से बातचीत की। खास बात यह रही कि बीवॉक कोर्स की अवधि चार साल करने की मांग को लेकर पिछले चार दिन से आंदोलित छात्रों ने नए कुलपति के कार्यभार ग्रहण करने से पहले ही धरना खत्म कर बाब-ए-सैयद का दरवाजा खोल दिया। इसे नए कुलपति प्रो. मंसूर की प्रशासनिक सूझबूझ के रूप में देखा जा रहा है। इस मौके पर वीसी कार्यालय में एएमयू कंट्रोलर प्रो. जावेद अख्तर, डीएसडब्लू प्रो. जमशेद सिद्दीकी, प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान समेत बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि कुछ छात्र जमीरउद्दीन शाह के विरोध की योजना बना रहे थे। इसकी भनक एएमयू एवं जिला प्रशासन को लग गई थी। सुबह से ही पुलिस अलर्ट थी। एएमयू सर्किल से लेकर वीसी लॉज तक बड़ी संख्या में आरआरएफ एवं पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जमीरउद्दीन शाह कार्यभार सौंपने प्रशासनिक ब्लाक पहुंचे। 
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ठीक 5 बजे हस्ताक्षर कर नए कुलपति को सौंपा कार्यभार 
कुलपति जमीरउद्दीन शाह अपनी घोषणा पर कायम रहे। उन्होंने ठीक पांच बजे हस्ताक्षर कर एएमयू के नए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को कार्यभार सौंपा। जनरल शाह अपने पूर्व के संबोधन के दौरान बार-बार कहते थे कि वह निर्धारित समय से पहले यूनिवर्सिटी छोड़कर जाने वाले नहीं हैं। वह अपना कार्यकाल पूरा करके ही यहां से जाएंगे। अंत समय तक उन्होंने इसका ध्यान रखा और जब 4.59 मिनट पर कागज सौंपा गया तो कहा कि एक मिनट रुक जाइए। घड़ी की सुई सांय पांच पर पहुंचने पर ही उन्होंने हस्ताक्षर किया और फाइल नए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की तरफ बढ़ा दी। प्यार भरे माहौल में उन्होंने प्रो. तारिक मंसूर को वीसी के कुर्सी पर बैठाया। 
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आपको मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी, इंशाअल्लाह-इंशाअल्लाह
 नए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने जमीरउद्दीन शाह को शुभकामनाएं दीं और कहा कि आपको भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। इस पर वहां मौजूद विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इंशाअल्लाह, इंशाअल्लाहा कहकर शुभकामनाएं दी। नए कुलपति के आने एवं पुराने की विदाई के समय कार्यालय का माहौल भावुक रहा।  

अलीगढ़ के संभ्रांत परिवार से हैं प्रो. मंसूर के ताल्लुक      
 20 सितंबर 1956 में जन्मे प्रोफेसर मंसूर एएमयू के छात्र रह चुके हैं। 1978 में जेएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस तथा 1982 में एमएस की डिग्री हासिल की। 1994 में इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ  सर्जंस से एफआईसीएस का कोर्स पूर्ण किया था। अलीगढ़ के एक संभ्रांत एवं शिक्षित परिवार से संबंध रखने वाले प्रो. मंसूर के वालिद मरहूम प्रोफेसर हफीजुर रहमान एएमयू की लॉ फैकल्टी के डीन रह चुके थे। प्रो. मंसूर के बड़े भाई प्रो. रशीद उज जफर आईआईटी दिल्ली में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर, एएमयू के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष तथा 1992-94 तक जामियां हमदर्द विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति रह चुके हैं। प्रो. मंसूर एएमयू में कई प्रशासनिक पदों पर आसीन रह चुके हैं। 2013 में उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल तथा सीएमएस का कार्यभार ग्रहण किया और कुछ ही वर्षों में उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज को नई बुलंदियों पर पहुंचा दिया। उन्होंने 1983 में जनरल सर्जरी विभाग में क्लीनिकल रजिस्ट्रार के रूप में ज्वाइन किया था तथा एमबीबीएस के लिए शिक्षण कार्य किये। 

2013 में जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का पदभार ग्रहण करने के उपरांत प्रो. मंसूर ने कॉलेज तथा इससे जुड़े अस्पताल की दशा को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉलेज में साफ-सफाई के अतिरिक्त मरीजों की देखरेख पर विशेष बल दिया गया, जिसके नतीजे में 2015-2016 की इंडिया टुडे रैकिंग में कॉलेज को उत्तर प्रदेश में दूसरे सबसे अच्छे मेडिकल कॉलेज का दर्जा दिया गया। प्रो. मंसूर के नेतृत्व में जेएन मेडिकल कॉलेज में एक कैथ लैब की स्थापना की गई, जहां एंजियोग्राफी तथा एंजियोप्लास्टी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत पीडियाट्रिक कार्डियालोजी तथा कार्डियक सर्जरी के लिए कॉलेज को 15 करोड़ की ग्रांट उपलब्ध हुई। जबकि शिशुओं के अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के लिए अतिरिक्त 8 करोड़ की ग्रांट प्राप्त हुई। प्रो. मंसूर की खेलों में भी विशेष रुचि रही है और वह विभिन्न क्लबों के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने 1996-97 तथा 2007 से 2014 तक टेनिस क्लब के अध्यक्ष तथा जुलाई 2007 से जुलाई 2014 तक विश्वविद्यालय गेम्स कमेटी के सचिव के रूप में महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की हैं।


सफल कुलपति साबित होंगे प्रो. तारिक मंसूर 
एएमयू के निवर्तमान कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने विश्वविद्यालय समुदाय के लिए जारी अपने संदेश में कहा कि प्रो. तारिक मंसूर एक सीनियर शिक्षक एवं अलीगढ़ बिरादरी से करीब होने के नाते एक सफल कुलपति साबित होंगे। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों में उनके अनुभवों से उन्हें लाभ होगा। उन्होंने कहा कि वह 17 मई 2017 को विश्वविद्यालय से भारी मन से रुखसत होंगे। परंतु उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि उन्होंने एएमयू को अच्छे से अच्छा बनाने के लिए अपना बेस्ट दिया है। शाह ने कहा कि वह एएमयू को देश का नंबर एक विश्वविद्यालय बनाना चाहते थे, परंतु किन्हीं कारणों से ऐसा न हो सका। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जल्द ही इस लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल दो दिन पूर्व अपने 2017 के सर्वे में इंडिया टुडे ने देश में लॉ फैकल्टी को दूसरा तथा जेएन मेडिकल कॉलेज को 8 वां स्थान प्रदान किया है जो हमारे लिए हर्ष का विषय है।
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