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दबाव के कारण बदलना पड़ा ‘तीन तलाक’ से संबंधित विषय

Fri, 03 Mar 2017 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Fri, 03 Mar 2017 01:43 AM IST
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Pressure had to change three divorce 'concerns
एएमयू में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन अतिथि। - फोटो : Amar Ujala
विरोध के कारण जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में फोरम फॉर अवेयरनेस ऑफ नेशनल सेक्युरिटी (फैंस) को अपने सेमिनार का विषय बदलना पड़ा। कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी दर्ज किया। हालांकि जामिया में सफल आयोजन से आरएसएस से जुड़े लोग गदगद हैं, लेकिन भीतर ही भीतर इस बात को लेकर नाराजगी भी है कि चंद लोगों के दबाव के कारण कार्यक्रम की तिथि और सेमिनार का विषय बदलना पड़ा। इस कार्यक्रम में एएमयू के पूर्व कुलपति पद्मश्री डॉ. महमूद उर रहमान एवं एएमयू के कार्यवाहक कुलपति रह चुके प्रो. एम शब्बीर शामिल हुए थे।
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28 फरवरी को जामिया मिलिया के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ऑडिटोरियम में ‘मुस्लिम महिला सशक्तीकरण : मुद्दा एवं चुनौती ’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें एएमयू के दो पूर्व कुलपति के अलावा राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन शमशेर सिंह, जस्टिस पी कोहली आदि शामिल हुए थे। 
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इसका आयोजन आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के करीबी संगठन फ्रेंड्स द्वारा किया गया था। पहले यह कार्यक्रम 16 फरवरी को ‘तीन तलाक’ विषय पर होना था, लेकिन अंतिम समय में जामिया प्रशासन द्वारा अनुमति को रद्द कर दिया गया। अनुमति फ्रेंड्स के बदले एक सदस्य के नाम पर लिया गया था। इससे फ्रेंड्स के शैलेश वत्स थोड़े नाराज हैं। उनका कहना है कि चंद लोगों के दबाव के कारण जामिया प्रशासन को तीन तलाक विषय एवं भाजपा नेता शाजिया इल्मी के नाम से एतराज था। 
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उसके बाद मुस्लिम महिला सशक्तिकरण विषय से 28 फरवरी को कार्यक्रम कराने की अनुमति मिली। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम बेहद सफल रहा। 80 प्रतिशत विद्यार्थी साथ थे। सिर्फ 20 प्रतिशत लोग ही विरोध कर रहे थे। रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण बहुत से लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। 


इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. महमूद उर रहमान ने की थी। मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. एम शब्बीर ने पर्सनल लॉ में सुधार की वकालत की। उन्होंने कुरान एवं हदीस का हवाला देते हुए कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अपनी जिम्मेदारी को ठीक से अंजाम नहीं दे रहा है। इसलिए उससे नाता तोड़ चुके हैं। उल्लेखनीय है कि चंद महीने पहले एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह भी फ्रेंड्स के कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
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