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शब-ए-बरात में कब्रिस्तान, दरगाहों में लोगों के आने पर पाबंदी
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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने शब-ए-बरात के मौके पर कब्रिस्तान, दरगाह में लोगों के आने पर पाबंदी लगा दी है। अगर पाबंदी नहीं मानी गई तो इसके जिम्मेदार मुतवल्ली होंगे।
बृहस्पतिवार को शब-ए-बरात है। पहले शब-ए-बरात की रात मस्जिदों व घरों में लोग इबादत करते हैं। भोर में लोग कब्रिस्तान जाते हैं और अपने रिश्तेदारों की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं और दरगाह में मजार पर चादरपोशी करते हैं, लेकिन इस बार इस पर रोक लगा दी गई है। बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएम शोएब ने मुतवल्लियों को भेजे पत्र में कहा कि लोगों को अपने घरों में ही इबादत करने के लिए मुतवल्ली उन्हें प्रोत्साहित करें, ताकि लॉकडाउन की अवहेलना न होने पाए। अगर आदेश की अवहेलना होती है तो सभी जिम्मेदारी मुतवल्ली की होगी।
मस्जिदों में नमाज पढ़ने न जाएं: शहर मुफ्ती
शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने लोगों से अपील की है कि वह शब-ए-बरात के मौके पर मस्जिद के बजाय अपने घरों पर नमाज पढ़ें और कुुरान शरीफ की तिलावत करें। कब्रिस्तान जाने से गुरेज करें। आतिशबाजी से परहेज करें। गिड़गिड़ाकर रब से कोरोना वायरस के संक्रमण से भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे दुनिया को महफूज रखने की दुआ करें।
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बृहस्पतिवार को शब-ए-बरात है। पहले शब-ए-बरात की रात मस्जिदों व घरों में लोग इबादत करते हैं। भोर में लोग कब्रिस्तान जाते हैं और अपने रिश्तेदारों की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं और दरगाह में मजार पर चादरपोशी करते हैं, लेकिन इस बार इस पर रोक लगा दी गई है। बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएम शोएब ने मुतवल्लियों को भेजे पत्र में कहा कि लोगों को अपने घरों में ही इबादत करने के लिए मुतवल्ली उन्हें प्रोत्साहित करें, ताकि लॉकडाउन की अवहेलना न होने पाए। अगर आदेश की अवहेलना होती है तो सभी जिम्मेदारी मुतवल्ली की होगी।
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मस्जिदों में नमाज पढ़ने न जाएं: शहर मुफ्ती
शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने लोगों से अपील की है कि वह शब-ए-बरात के मौके पर मस्जिद के बजाय अपने घरों पर नमाज पढ़ें और कुुरान शरीफ की तिलावत करें। कब्रिस्तान जाने से गुरेज करें। आतिशबाजी से परहेज करें। गिड़गिड़ाकर रब से कोरोना वायरस के संक्रमण से भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे दुनिया को महफूज रखने की दुआ करें।
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