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बिना रक्त निकाले खून की जांच संभव
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Sat, 19 Mar 2016 02:24 AM IST
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क्या कभी सोचा है कि बिना रक्त निकाले खून की जांच संभव है। लेकिन इस सोच को मूर्त रूप देने जा रहे हैं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थी।
उनके दिमाग में बिना रक्त निकाले लेजर तकनीक से खून की तमाम तरह की जांच का आइडिया आते ही इसपर काम भी शूरू कर दिया है। यही नहीं, तार्किक एवं वैज्ञानिक कसौटी पर इस दिलचस्प आइडिया के खरे उतरने पर उन्हें दस लाख रुपये ईनाम से बंगलूरू में सम्मानित भी किया गया है। जल्द ही युवाओं की यह टोली इस परियोजना पर अमल शुरू कर देगी।
16-17 मार्च को बंगलूरू में जीई एडिशन चैलेंज 2016 का आयोजन किया गया था।
इसमें आईआईटी, एनआईटी समेत देश के तमाम टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। लेकिन प्रतियोगिता में शमिल होने वाले एएमयू बीटेक कंप्यूटर साइंस द्वितीय वर्ष की सौम्या अग्रवाल एवं वाणी शर्मा, इलेक्ट्रीकल्स की सिमरन कौर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के रोहन महेश्वरी ने सबको पछाड़ दिया। एएमयू की इस चार सदस्यीय ‘टीम फ्लेम’ की इस उपलब्धि से एएमयू एवं अलीगढ़ के लोग गदगद हैं। प्रतियोगिता में प्रथम आने पर टीम को दस लाख रुपये पुरस्कार मिले हैं। एएमयू इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रो. शाद आलम ने छात्र-छात्राओं को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है।
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उनके दिमाग में बिना रक्त निकाले लेजर तकनीक से खून की तमाम तरह की जांच का आइडिया आते ही इसपर काम भी शूरू कर दिया है। यही नहीं, तार्किक एवं वैज्ञानिक कसौटी पर इस दिलचस्प आइडिया के खरे उतरने पर उन्हें दस लाख रुपये ईनाम से बंगलूरू में सम्मानित भी किया गया है। जल्द ही युवाओं की यह टोली इस परियोजना पर अमल शुरू कर देगी।
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16-17 मार्च को बंगलूरू में जीई एडिशन चैलेंज 2016 का आयोजन किया गया था।
इसमें आईआईटी, एनआईटी समेत देश के तमाम टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। लेकिन प्रतियोगिता में शमिल होने वाले एएमयू बीटेक कंप्यूटर साइंस द्वितीय वर्ष की सौम्या अग्रवाल एवं वाणी शर्मा, इलेक्ट्रीकल्स की सिमरन कौर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के रोहन महेश्वरी ने सबको पछाड़ दिया। एएमयू की इस चार सदस्यीय ‘टीम फ्लेम’ की इस उपलब्धि से एएमयू एवं अलीगढ़ के लोग गदगद हैं। प्रतियोगिता में प्रथम आने पर टीम को दस लाख रुपये पुरस्कार मिले हैं। एएमयू इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रो. शाद आलम ने छात्र-छात्राओं को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है।
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