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अलीगढ़ः संदीप हत्याकांड में आरोपियों की संपत्तियों पर पुलिस की नजर
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अलीगंज के लॉजिस्टिक व सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता हत्याकांड के आरोपियों की संपत्तियों पर पुलिस की नजर पहुंच गई है। संपत्तियों का ब्योरा जुटाते हुए उन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जेल भेजे गए साजिश के आरोपी ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल के सारसौल स्थित भवन पर शुक्रवार को एडीए का नोटिस पहुंच गया है। अन्य फरार आरोपियों के घरों पर गैरजमानती वारंट चस्पा करा दिए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि अगर राजीव की ओर से नियत समय पर जवाब नहीं दिया गया तो इसे ध्वस्त किया जा सकता है और अन्य आरोपी हाजिर न हुए तो उनकी संपत्तियों को कुर्क किया जा सकता है।
27 दिसंबर को गांधी आई तिराहा पर भाडे़ के शूटर्स की मदद से संदीप की हत्या कराई गई थी। रिश्तेदारी से जुड़े विवाद में हुई हत्या में मुख्य भूमिका ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल के बेटे अंकुश अग्रवाल और उसके दोस्त दुष्यंत चौधरी, साहिल यादव व उत्कर्ष चौधरी की सामने आई। राजीव का भी इन्हें सहयोग था। इस आधार पर राजीव को जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा इनके पांच अन्य सहयोग भी जेल भेजे गए हैं। अभी चारों मुख्य साजिशकर्ता व शूटर फरार हैं। इनके विषय में इनपुट गैर प्रांतों में छिपा होने का है। हालांकि, पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार गैर प्रांतों में डेरा डाले हैं और दबिश दी जा रही हैं। मगर अभी तक कोई सटीक सफलता नहीं मिली है।
इधर, पुलिस ने इन सभी पर सख्त रुख अपनाते हुए इनकी संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अलीगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम-1973 के अंतर्गत अंकुश अग्रवाल के पिता राजीव अग्रवाल की जीटी रोड सारसौल स्थित 100 वर्ग गज के निर्माण का भौतिक सत्यापन कराते हुए पाया कि आरके ट्रेडर्स के नाम से यह कार्यालय बिना नक्शा पास कराए और बिना वैधानिक प्रक्रिया के बनाया गया है। इस कार्यालय पर एडीए की ओर से नोटिस चस्पा किया गया है। जिसमें नियत अवधि में अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है अन्यथा इसे ध्वस्त किया जाएगा। इसे लेकर वहां पुलिस के सहयोग से उद्घोषण भी की गई। इसी तरह फरार अंकुश, दुष्यंत, उत्कर्ष व साहिल के घरों पर भी गैर जमानती वारंट चस्पा किए गए और वहां भी पुलिस ने उद्घोषणा की। साफ चेतावनी दी गई कि ये अगर जल्द हाजिर न हुए तो अब इनके घरों व अन्य संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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आखिर कहां छिपे हैं शूटर व मुख्य आरोपी
पुलिस की टीमें गोवा, हरियाणा, हिमाचल, पंजाब व दिल्ली में लगातार सुराग तलाश रही हैं। मगर न तो शूटरों का कोई सुराग मिल रहा और न अन्य मुख्य आरोपियों का। इसे लेकर एक ही सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर ये सभी किस कोने में छिपे हैं। इसे लेकर पुलिस ने अब नए सिरे से इनकी तलाश के प्रयास शुरू कर दिए हैं। प्रयास किया जा रहा है कि गाजियाबाद के जिस ठिकाने से ये गायब हुए थे, वहां से खोज शुरू की जाए। हो सकता है कि कोई नया क्लू मिल जाए।
- संदीप गुप्ता हत्याकांड में एक तरफ जहां पुलिस ने आरोपियों के घरों पर गैरजमानती वारंट चस्पा किए हैं। वहीं एडीए ने राजीव के कार्यालय पर नोटिस लगाया है। अब जल्द कुर्की की प्रक्रिया होगी। पुलिस टीमें तलाश में अपना काम लगातार कर रही हैं।
-श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय
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27 दिसंबर को गांधी आई तिराहा पर भाडे़ के शूटर्स की मदद से संदीप की हत्या कराई गई थी। रिश्तेदारी से जुड़े विवाद में हुई हत्या में मुख्य भूमिका ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल के बेटे अंकुश अग्रवाल और उसके दोस्त दुष्यंत चौधरी, साहिल यादव व उत्कर्ष चौधरी की सामने आई। राजीव का भी इन्हें सहयोग था। इस आधार पर राजीव को जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा इनके पांच अन्य सहयोग भी जेल भेजे गए हैं। अभी चारों मुख्य साजिशकर्ता व शूटर फरार हैं। इनके विषय में इनपुट गैर प्रांतों में छिपा होने का है। हालांकि, पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार गैर प्रांतों में डेरा डाले हैं और दबिश दी जा रही हैं। मगर अभी तक कोई सटीक सफलता नहीं मिली है।
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इधर, पुलिस ने इन सभी पर सख्त रुख अपनाते हुए इनकी संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अलीगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम-1973 के अंतर्गत अंकुश अग्रवाल के पिता राजीव अग्रवाल की जीटी रोड सारसौल स्थित 100 वर्ग गज के निर्माण का भौतिक सत्यापन कराते हुए पाया कि आरके ट्रेडर्स के नाम से यह कार्यालय बिना नक्शा पास कराए और बिना वैधानिक प्रक्रिया के बनाया गया है। इस कार्यालय पर एडीए की ओर से नोटिस चस्पा किया गया है। जिसमें नियत अवधि में अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है अन्यथा इसे ध्वस्त किया जाएगा। इसे लेकर वहां पुलिस के सहयोग से उद्घोषण भी की गई। इसी तरह फरार अंकुश, दुष्यंत, उत्कर्ष व साहिल के घरों पर भी गैर जमानती वारंट चस्पा किए गए और वहां भी पुलिस ने उद्घोषणा की। साफ चेतावनी दी गई कि ये अगर जल्द हाजिर न हुए तो अब इनके घरों व अन्य संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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आखिर कहां छिपे हैं शूटर व मुख्य आरोपी
पुलिस की टीमें गोवा, हरियाणा, हिमाचल, पंजाब व दिल्ली में लगातार सुराग तलाश रही हैं। मगर न तो शूटरों का कोई सुराग मिल रहा और न अन्य मुख्य आरोपियों का। इसे लेकर एक ही सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर ये सभी किस कोने में छिपे हैं। इसे लेकर पुलिस ने अब नए सिरे से इनकी तलाश के प्रयास शुरू कर दिए हैं। प्रयास किया जा रहा है कि गाजियाबाद के जिस ठिकाने से ये गायब हुए थे, वहां से खोज शुरू की जाए। हो सकता है कि कोई नया क्लू मिल जाए।
- संदीप गुप्ता हत्याकांड में एक तरफ जहां पुलिस ने आरोपियों के घरों पर गैरजमानती वारंट चस्पा किए हैं। वहीं एडीए ने राजीव के कार्यालय पर नोटिस लगाया है। अब जल्द कुर्की की प्रक्रिया होगी। पुलिस टीमें तलाश में अपना काम लगातार कर रही हैं।
-श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय