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अलीगढ़: धरने में खाना सप्लाई करने वाली गाड़ी पकड़ी, चालक से पूछताछ में जुटी पुलिस
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धरने में खाने बाटंने वाली गाड़ी को क्वार्सी थाने की पुलिस ने पकड़ी ।
- फोटो : CITY OFFICE
पुरानी चुंगी समेत अन्य स्थानों पर धरना दे रही महिलाओं को खाना सप्लाई करने वाली उत्तराखंड के नंबर वाली गाड़ी पुलिस ने क्वारसी इलाके से पकड़ ली है। यह गाड़ी उत्तराखंड के किसी व्यक्ति के नाम है और इसे एक स्थानीय व्यक्ति खरीद लाया था। कागजों की जांच में पता चला है कि अब तक गाड़ी के कागज ट्रांसफर नहीं हुए हैं। यही नहीं, गाड़ी का नंबर भी दस साल पुरानी सीरीज का है। पकड़े गए व्यक्ति से पुलिस पूछताछ कर रही है। पूछताछ में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे की संभावना है।
सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहजमाल, पुरानी चुंगी एवं जीवनगढ़ समेत अन्य स्थानों पर धरना देने वाली महिलाओं को खाना आदि सप्लाई करने वाली गाड़ी संख्या यूए-08 एच-1108 क्वार्सी इलाके से पकड़ ली गई है। आरोप है कि उत्तराखंड के नंबर वाली इस गाड़ी से आंदोलनकारियों को एएमयू परिसर होकर खाना आदि सप्लाई होता था। गाड़ी के साथ पकड़े गए शाहीन नाम के व्यक्ति ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने यह गाड़ी उत्तराखंड के एक व्यक्ति से खरीदी थी। उसने गाड़ी से आंदोलनकारियों को खाना आदि सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने बताया कि गाड़ी के नंबर दस साल पुराने हैं और यह सीरीज तभी खत्म हो गई थी। गाड़ी शाहीन के नाम स्थानांतरित भी नहीं हुई है। इस वजह से बेचने वाला व्यक्ति भी जांच के दायरे में आ गया है। कुछ अन्य संदिग्ध गाड़ियां भी चिन्हित की गई हैं, इन्हें पकड़ने के लिए कोशिशें जारी हैं।
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दस लोगों पर 110 जी तो 250 लोगों को नोटिस
अलीगढ़। सीएए व एनआरसी के विरोध में निषेधाज्ञा के बावजूद धरना प्रदर्शन करने वाले कोतवाली क्षेत्र के दस लोगों पर 110 जी की कार्रवाई हुई है। जीवनगढ़ में धरने में शामिल 250 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी को अपना पक्ष रखने एवं जमानत कराने के लिए दो से तीन दिन की तारीखें दी गई हैं। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में 24 से 28 फरवरी के मध्य शांतिभंग की धारा में पाबंद किए गए 110 लोगों ने सोमवार को अपनी जमानत कराई। इस चक्कर में दिन भर न्यायालय में जबरदस्त भीड़ रही।
साहब! पति भेजता था धरने में
अलीगढ़। साहब पति भेजता था धरने में। बोलता था खाना भी मिलेगा और नाश्ता भी। पुरानी चुंगी, शाहजमाल एवं जीवनगढ़ में धरना देकर पुलिस एवं प्रशासन के रडार पर आईं महिलाओं से पूछताछ में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह भी पता चला है कि धरने में शामिल महिलाएं नगला पटवारी, फिरदौस नगर, भमोला, जीवनगढ़, रेलवे लाइन के पास की झुग्गियों में रहने वाली हैं। एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने बताया कि वह और सीओ तृतीय अनिल समानियां सोमवार को धरने में शामिल कुछ महिलाओं के घर गए थे। पूछताछ में महिलाओं ने अपने पति के सामने ही स्वीकार किया कि उन्हें उनका पति धरने में भेजता था।
फेरी वाले पुलिस के निशाने पर
लगातार चल रहे धरने एवं उपद्रव में नगला पटवारी, फिरदौस नगर, भमोला, जीवनगढ़ आदि क्षेत्रों के फेरी वालों की भूमिका मानी जा रही है। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी इन्हें चिन्हित करने के प्रयास में जुट गये हैं। इन सभी को शांतिभंग के नोटिस जारी किए जाएंगे। पता चला है कि इन्हें खाना एवं पैसे का लालच देकर धरने में रोजाना बैठाया जा रहा था। इन्हें धरने में भेजने वाले एवं खाना व पैसे बांटने वालों का पता लगाने का प्रयास हो रहा है।
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सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहजमाल, पुरानी चुंगी एवं जीवनगढ़ समेत अन्य स्थानों पर धरना देने वाली महिलाओं को खाना आदि सप्लाई करने वाली गाड़ी संख्या यूए-08 एच-1108 क्वार्सी इलाके से पकड़ ली गई है। आरोप है कि उत्तराखंड के नंबर वाली इस गाड़ी से आंदोलनकारियों को एएमयू परिसर होकर खाना आदि सप्लाई होता था। गाड़ी के साथ पकड़े गए शाहीन नाम के व्यक्ति ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने यह गाड़ी उत्तराखंड के एक व्यक्ति से खरीदी थी। उसने गाड़ी से आंदोलनकारियों को खाना आदि सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
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एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने बताया कि गाड़ी के नंबर दस साल पुराने हैं और यह सीरीज तभी खत्म हो गई थी। गाड़ी शाहीन के नाम स्थानांतरित भी नहीं हुई है। इस वजह से बेचने वाला व्यक्ति भी जांच के दायरे में आ गया है। कुछ अन्य संदिग्ध गाड़ियां भी चिन्हित की गई हैं, इन्हें पकड़ने के लिए कोशिशें जारी हैं।
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दस लोगों पर 110 जी तो 250 लोगों को नोटिस
अलीगढ़। सीएए व एनआरसी के विरोध में निषेधाज्ञा के बावजूद धरना प्रदर्शन करने वाले कोतवाली क्षेत्र के दस लोगों पर 110 जी की कार्रवाई हुई है। जीवनगढ़ में धरने में शामिल 250 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी को अपना पक्ष रखने एवं जमानत कराने के लिए दो से तीन दिन की तारीखें दी गई हैं। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में 24 से 28 फरवरी के मध्य शांतिभंग की धारा में पाबंद किए गए 110 लोगों ने सोमवार को अपनी जमानत कराई। इस चक्कर में दिन भर न्यायालय में जबरदस्त भीड़ रही।
साहब! पति भेजता था धरने में
अलीगढ़। साहब पति भेजता था धरने में। बोलता था खाना भी मिलेगा और नाश्ता भी। पुरानी चुंगी, शाहजमाल एवं जीवनगढ़ में धरना देकर पुलिस एवं प्रशासन के रडार पर आईं महिलाओं से पूछताछ में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह भी पता चला है कि धरने में शामिल महिलाएं नगला पटवारी, फिरदौस नगर, भमोला, जीवनगढ़, रेलवे लाइन के पास की झुग्गियों में रहने वाली हैं। एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने बताया कि वह और सीओ तृतीय अनिल समानियां सोमवार को धरने में शामिल कुछ महिलाओं के घर गए थे। पूछताछ में महिलाओं ने अपने पति के सामने ही स्वीकार किया कि उन्हें उनका पति धरने में भेजता था।
फेरी वाले पुलिस के निशाने पर
लगातार चल रहे धरने एवं उपद्रव में नगला पटवारी, फिरदौस नगर, भमोला, जीवनगढ़ आदि क्षेत्रों के फेरी वालों की भूमिका मानी जा रही है। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी इन्हें चिन्हित करने के प्रयास में जुट गये हैं। इन सभी को शांतिभंग के नोटिस जारी किए जाएंगे। पता चला है कि इन्हें खाना एवं पैसे का लालच देकर धरने में रोजाना बैठाया जा रहा था। इन्हें धरने में भेजने वाले एवं खाना व पैसे बांटने वालों का पता लगाने का प्रयास हो रहा है।