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किडनी की दुर्लभ बीमारियों का उपचार अब जेएन मेडिकल कॉलेज में संभव
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जेएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : CITY OFFICE
किडनी, नर्वस सिस्टम और अन्य हेमटोलॉजिकल समस्याओं से जूझ रहे रोगियों को अब प्लाज्मा फेरेसिस प्रक्रिया के लिए अलीगढ़ से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जेएन मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के डायलेसिस यूनिट नेफ्रोलोजी डिवीजन में ही गुणवत्ता पूर्ण उपचार मिलेगा। इसके लिये यहां आधुनिक मशीन से प्लाज्मा फेरेसिस की सुविधा शुरू हुई है।
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा है कि प्लाज्मा चिकित्सा प्रक्रिया तंत्रिका तंत्र, खून के थक्के बनने संबंधी दुर्लभ विकारों, किडनी तथा फेफड़ों पर हमला करने वाली एंटीबॉडीज से पैदा होने वाली बीमारियों, खून के गाढ़े होने तथा अंगों को नुकसान पहुंचाने की दशा से संबंधित चिकित्सीय स्थितियों के बड़े क्षेत्र का उपचार करती है। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा चिकित्सा प्रक्रिया आरंभ होना मेडिसिन विभाग की नेफ्रोलोजी यूनिट के स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता और कठोर श्रम से संभव हो सका है। मेडिसन विभाग के अध्यक्ष प्रो. शादाब ए खान ने बताया कि एएमयू का जेएन मेडिकल कालेज आईएमएस बीएचयू, वाराणसी और एसजीपीजीआई के बाद प्रदेश का तीसरा ऐसा चिकित्सा संस्थान बन गया है, जहां रोगियों को यह अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रो. शादाब ने बताया कि प्लाज्मा चिकित्सा के दौरान मशीन अस्वस्थ प्लाज्मा को हटाकर उसके बदले स्वस्थ प्लाज्मा को चढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा रक्त से हानिकारक तत्वों को दूर करेेगी। डायलेसिस यूनिट के इंचार्ज डा. मो. असलम ने कहा कि प्लाज्मा चिकित्सा के बाद विभिन्न रोगों में जल्दी स्वास्थ्य लाभ होता है। मरीज अंगों में स्थायी नुकसान के बिना पूरी तरह स्वास्थ्य लाभ कर लेता है, जो कि इन बीमारियों के इलाज में इस प्रक्रिया के बिना संभव नहीं है।
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एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा है कि प्लाज्मा चिकित्सा प्रक्रिया तंत्रिका तंत्र, खून के थक्के बनने संबंधी दुर्लभ विकारों, किडनी तथा फेफड़ों पर हमला करने वाली एंटीबॉडीज से पैदा होने वाली बीमारियों, खून के गाढ़े होने तथा अंगों को नुकसान पहुंचाने की दशा से संबंधित चिकित्सीय स्थितियों के बड़े क्षेत्र का उपचार करती है। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा चिकित्सा प्रक्रिया आरंभ होना मेडिसिन विभाग की नेफ्रोलोजी यूनिट के स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता और कठोर श्रम से संभव हो सका है। मेडिसन विभाग के अध्यक्ष प्रो. शादाब ए खान ने बताया कि एएमयू का जेएन मेडिकल कालेज आईएमएस बीएचयू, वाराणसी और एसजीपीजीआई के बाद प्रदेश का तीसरा ऐसा चिकित्सा संस्थान बन गया है, जहां रोगियों को यह अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
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प्रो. शादाब ने बताया कि प्लाज्मा चिकित्सा के दौरान मशीन अस्वस्थ प्लाज्मा को हटाकर उसके बदले स्वस्थ प्लाज्मा को चढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा रक्त से हानिकारक तत्वों को दूर करेेगी। डायलेसिस यूनिट के इंचार्ज डा. मो. असलम ने कहा कि प्लाज्मा चिकित्सा के बाद विभिन्न रोगों में जल्दी स्वास्थ्य लाभ होता है। मरीज अंगों में स्थायी नुकसान के बिना पूरी तरह स्वास्थ्य लाभ कर लेता है, जो कि इन बीमारियों के इलाज में इस प्रक्रिया के बिना संभव नहीं है।
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