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... तो बिना तलाक दिए ही बीवी को छोड़ देेंगे लोग
Thu, 01 Aug 2019 01:57 AM IST
राजेश सिंह
कौशल कुमार ओझा अलीगढ़।
कौशल कुमार ओझा अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 01 Aug 2019 01:57 AM IST
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तीन तलाक
- फोटो : Amar Ujala
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प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने तीन तलाक बिल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो तीन तलाक देकर मेहर दे, उसे तीन साल की सजा होगी। जबकि बिना तलाक बीवी को छोड़ दे तो कोई सजा नहीं। यह नाइंसाफी है। इसका असर यह होगा कि आदमी बीवी को तलाक देगा ही नहीं, यूं ही छोड़ देगा।
प्रो. इरफान हबीब ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस्लाम में तीन तलाक की इजाजत तो है लेकिन इसे बुरा समझा जाता है। कई देशों में तीन तलाक नहीं है। मुगल काल में खास निकाहनामा होता था। शौहर बीवी को छोड़ नहीं सकता था। खाना-कपड़ा व अन्य खर्च देना होता था। बिना बताए दो-तीन साल तक शौहर गायब हो जाए तो बीवी तलाक ले सकती थी। निकाह एक तरह का समझौता होता था। उसमें शर्तें होती थीं।
उसी के तहत मेहर होती थी। अंग्रेजों के आने के बाद यह दस्तूर नहीं रहा। अब निकाहनामा से शर्तें गायब हो गई हैं। प्रो. इरफान हबीब ने कहा कि तीन तलाक बिल उचित नहीं है। तीन तलाक देने के बाद तीन साल की सजा का प्रावधान है। बिना तलाक दिए शौहर भाग जाए या छोड़ दे तो उसका कुछ नहीं होगा। तलाक में मेहर व खर्च देने होते हैं। उन महिलाओं के बारे में कोई नहीं सोच रहा जिनके शौहर घर में पड़े रहते हैं, कोई काम नहीं करते। बीवी खेतों में काम करती है और घर-परिवार चलाती है।
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प्रो. इरफान हबीब ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस्लाम में तीन तलाक की इजाजत तो है लेकिन इसे बुरा समझा जाता है। कई देशों में तीन तलाक नहीं है। मुगल काल में खास निकाहनामा होता था। शौहर बीवी को छोड़ नहीं सकता था। खाना-कपड़ा व अन्य खर्च देना होता था। बिना बताए दो-तीन साल तक शौहर गायब हो जाए तो बीवी तलाक ले सकती थी। निकाह एक तरह का समझौता होता था। उसमें शर्तें होती थीं।
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उसी के तहत मेहर होती थी। अंग्रेजों के आने के बाद यह दस्तूर नहीं रहा। अब निकाहनामा से शर्तें गायब हो गई हैं। प्रो. इरफान हबीब ने कहा कि तीन तलाक बिल उचित नहीं है। तीन तलाक देने के बाद तीन साल की सजा का प्रावधान है। बिना तलाक दिए शौहर भाग जाए या छोड़ दे तो उसका कुछ नहीं होगा। तलाक में मेहर व खर्च देने होते हैं। उन महिलाओं के बारे में कोई नहीं सोच रहा जिनके शौहर घर में पड़े रहते हैं, कोई काम नहीं करते। बीवी खेतों में काम करती है और घर-परिवार चलाती है।
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