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अलीगढ़: खुद नहीं जा सके तो पंडितों ने फोन से कराई पूजा पाठ
Thu, 26 Mar 2020 12:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2020 12:15 AM IST
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नवरात्र के पहले दिन रामघाट रोड एडीए कार्यालय स्थित मंदिर में दूर से पूजा करती महिला।
- फोटो : CITY OFFICE
परिस्थितियां विपरीत हों तो ऐसे में भी मनुष्य स्थितियों को अपने अनुकूल बना देता है। इसका प्रमाण बुधवार को नवरात्र के पहले दिन देखने को मिला। जब पंडित पूजा पाठ करवाने यजमानों के घर नहीं जा सके तो उन्होंने वीडियो कॉल और आडियो कॉल के जरिए पूजा पाठ करवाई। ऐसे में कई यजमानों ने अपनी दक्षिणा उधार रखी तो कई ने ऑनलाइन पेमेंट कर दक्षिणा दी।
शहर के विभिन्न इलाकों में पांडित्य कर्म करने वाले पंडितों ने विपरीत परिस्थिति में अनोखा तरीका निकाला। पंडितों ने यजमानों को फोन कर पूजा सामग्री इकट्ठा करवाई। पूजा स्थल तैयार करवाया और घट की स्थापना करवाई। वैदिक मंत्र फोन पर ही आडियो या वीडियो काल के जरिए पढ़े।
पूजा से लेकर अग्यारी तक मंत्र पढ़े तो उनको यजमानों द्वारा दक्षिणा देना भी स्वाभाविक था। ऐसे में जो पंडित ऑनलाइन नकद लेनदेन नहीं करते हैं, उनकीी दक्षिणा उधार कर दी। वहीं युवा वर्ग के पंडितों को यजमानों ने ऑनलाइन ही पेमेंट कर दक्षिणा दी। इससे भक्तों ने भी विधि विधान से पूजा अर्चना कर ली और कोई पंडित किसी के घर नहीं पहुंचा।
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शहर के विभिन्न इलाकों में पांडित्य कर्म करने वाले पंडितों ने विपरीत परिस्थिति में अनोखा तरीका निकाला। पंडितों ने यजमानों को फोन कर पूजा सामग्री इकट्ठा करवाई। पूजा स्थल तैयार करवाया और घट की स्थापना करवाई। वैदिक मंत्र फोन पर ही आडियो या वीडियो काल के जरिए पढ़े।
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पूजा से लेकर अग्यारी तक मंत्र पढ़े तो उनको यजमानों द्वारा दक्षिणा देना भी स्वाभाविक था। ऐसे में जो पंडित ऑनलाइन नकद लेनदेन नहीं करते हैं, उनकीी दक्षिणा उधार कर दी। वहीं युवा वर्ग के पंडितों को यजमानों ने ऑनलाइन ही पेमेंट कर दक्षिणा दी। इससे भक्तों ने भी विधि विधान से पूजा अर्चना कर ली और कोई पंडित किसी के घर नहीं पहुंचा।
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चैत्र के नवरात्र बुधवार से शुरू हो गए। इतिहास में ऐसा पहलीबार हुआ कि श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार पूजा पाठ किया। नौरंगाबाद स्थित नवदुर्गा मंदिर बंद होने से यहां से महाआरती फेसबुक पर लाइव दिखाई गई। वहीं कई मंदिर बंद थे तो श्रद्धालुओं ने बंद दरवाजे पर ही जल चढ़ाकर पूजा अर्चना की।
जबकि खुले हुए मंदिरों में दूर-दूूर रहकर पूूजा अर्चना की। इससे पहले सुबह घट स्थापना की गई। कई श्रद्धालु तो ऐसे भी थे जो अपने वाहनों से नवदुर्गा मंदिर पहुंचे और दूर से ही प्रणाम कर अपने घर को निकल लिए।
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। इससे पहले घर में विधिविधान से घट स्थापना की परंपरा भी है। श्रद्धालुओं ने सुबह-सुबह घर की साफ सफाई की। इसके बाद नहा धोकर पूजा स्थल पर घट की स्थापना की।
सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े आठ बजे तक नवदुर्गा मंदिर से फेसबुक लाइव चलाया गया। जिसमें पूरे मंदिर की पूजा अर्चना दिखायी गई। इसके अलावा कई भक्त शहर के गली मोहल्लों में जाकर खुले मंदिरों में पहुंचे। यहां उचित दूरी बनाकर पूजा पाठ किया। कई मंदिरों में ताला लगा होने के चलते श्रद्धालु दरवाजे पर ही जल चढ़ाकर पूजा अर्चना की। जबकि कुछ श्रद्धालुओं ने तो मुख्य मंदिरों के बाहर से माता को प्रणाम आशीर्वाद लिया।
जबकि खुले हुए मंदिरों में दूर-दूूर रहकर पूूजा अर्चना की। इससे पहले सुबह घट स्थापना की गई। कई श्रद्धालु तो ऐसे भी थे जो अपने वाहनों से नवदुर्गा मंदिर पहुंचे और दूर से ही प्रणाम कर अपने घर को निकल लिए।
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। इससे पहले घर में विधिविधान से घट स्थापना की परंपरा भी है। श्रद्धालुओं ने सुबह-सुबह घर की साफ सफाई की। इसके बाद नहा धोकर पूजा स्थल पर घट की स्थापना की।
सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े आठ बजे तक नवदुर्गा मंदिर से फेसबुक लाइव चलाया गया। जिसमें पूरे मंदिर की पूजा अर्चना दिखायी गई। इसके अलावा कई भक्त शहर के गली मोहल्लों में जाकर खुले मंदिरों में पहुंचे। यहां उचित दूरी बनाकर पूजा पाठ किया। कई मंदिरों में ताला लगा होने के चलते श्रद्धालु दरवाजे पर ही जल चढ़ाकर पूजा अर्चना की। जबकि कुछ श्रद्धालुओं ने तो मुख्य मंदिरों के बाहर से माता को प्रणाम आशीर्वाद लिया।