मुक्ताकाश मंच पर विशाल सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसका विषय आदर्श परिवार के निर्माण में धर्म का योगदान रहा। मुरादाबाद रफीकउज्जमा ने कहा कि वर्तमान समय में परिवार टूट रहा है। इसको जोड़ने का कार्य केवल धर्म ही कर सकता है। ज्ञानी लखविंदर सिंह ने सिख समाज किस तरह परिवार बनाता है, उसकी जानकारी दी।
डॉ. राजीव प्रचंडया ने जैन धर्म की शिक्षाएं रखीं। मौलाना अशहद जमाल नदवी ने कहा कि इस्लाम एक ऐसा समाज/ खानदान बनाना चाहता है, जहां माता-पिता का सम्मान है। सम्मान भी ऐसा है कि वह दोनों बुढ़ापे की आयु को पहुंच जाएं तो इनके लिए बच्चे सेवा का भाव लेकर उनका सहारा बनें। दीपक शर्मा ने कहा कि एक ऐसा परिवार होना चाहिए, जहां सब का सम्मान हो। जयसिंह सुमन बौद्ध ने बौद्ध धर्म की शिक्षा के बारे में बताया। उमामा सलमा ने कहा कि इस्लाम औरत को इज्जत देता है। अध्यक्षता अहमद अजीज ने की व संचालन शाहिद हुसैन ने किया।