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स्कूल में सिर्फ प्रिंसिपल और शिक्षिका... पर हाईस्कूल में 94 व इंटर में 76 फीसदी पास
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छात्रा कृष्णा चौधरी।
- फोटो : CITY OFFICE
राजा तिवारी
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज बढ़ेसरा अतरौली ने यूपी बोर्ड परीक्षा के नतीजों में दिखा दिया कि संसाधनों के अभाव में भी सफलता हासिल की जा सकती है। स्कूल में कक्षा 6 से लेकर 12 तक कुल 274 विद्यार्थी हैं। जबकि हाईस्कूल में 96 और इंटरमीडिएट में 13 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। शुक्रवार को घोषित नतीजों में हाईस्कूल में 94.4 फीसदी और इंटरमीडिएट में 76.92 फीसदी बच्चे पास हुए।
हाईस्कूल की छात्रा कृष्णा चौधरी ने 600 में से 475 अंक यानी 79 फीसदी अंक हासिल किए हैं। इन सबके पीछे सिर्फ दो शिक्षकों की मेहनत है। जिसमें से एक तो खुद इस स्कूल के प्रिंसिपल दीप ज्योति सिंह राणा और दूसरी शिक्षिका अर्चना फौजदार हैं। राणा विज्ञान के तो अर्चना गृह विज्ञान की शिक्षिका है।
हाईस्कूल में स्कूल की टॉपर कृष्णा चौधरी से जब अमर उजाला ने बातचीत की तो हकीकत सामने आई। उन्होंने बताया कि विद्यालय में दो शिक्षक हैं। जिनके बलबूते यह सफलता मिली है। प्रधानाचार्य दीप ज्योति सिंह राना विज्ञान विषय पढ़ाते हैं। लेकिन उन्होंने अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान को भी पढ़ाया। जबकि अर्चना फौजदार गृह विज्ञान की शिक्षिका हैं। उन्होंने हिंदी और संस्कृत विषय भी पढ़ाया।
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केएमबी इंटर कॉलेज अतरौली से सेवानिवृत्त नंदवीर शर्मा ने स्कूल के बच्चों को गणित पढ़ाया। जिसका उन्होंने कोई मानदेय नहीं दिया गया था। ऐसे में घर पर स्वाध्याय और इंटरनेट का भी सहारा लिया। कृष्णा ने बताया कि पिता किसान हैं और मां बीमार रहती हैं। ऐसे में घर में भी काफी समय देना पड़ता था। इसके बावजूद अगर लगन हो तो सफलता जरूर मिलती है। प्रधानाचार्य दीप ज्योति सिंह राणा ने बताया कि वास्तव में यहां शिक्षकों का अभाव है। लेकिन जितना हो सका, हमने किया।
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज बढ़ेसरा अतरौली ने यूपी बोर्ड परीक्षा के नतीजों में दिखा दिया कि संसाधनों के अभाव में भी सफलता हासिल की जा सकती है। स्कूल में कक्षा 6 से लेकर 12 तक कुल 274 विद्यार्थी हैं। जबकि हाईस्कूल में 96 और इंटरमीडिएट में 13 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। शुक्रवार को घोषित नतीजों में हाईस्कूल में 94.4 फीसदी और इंटरमीडिएट में 76.92 फीसदी बच्चे पास हुए।
हाईस्कूल की छात्रा कृष्णा चौधरी ने 600 में से 475 अंक यानी 79 फीसदी अंक हासिल किए हैं। इन सबके पीछे सिर्फ दो शिक्षकों की मेहनत है। जिसमें से एक तो खुद इस स्कूल के प्रिंसिपल दीप ज्योति सिंह राणा और दूसरी शिक्षिका अर्चना फौजदार हैं। राणा विज्ञान के तो अर्चना गृह विज्ञान की शिक्षिका है।
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हाईस्कूल में स्कूल की टॉपर कृष्णा चौधरी से जब अमर उजाला ने बातचीत की तो हकीकत सामने आई। उन्होंने बताया कि विद्यालय में दो शिक्षक हैं। जिनके बलबूते यह सफलता मिली है। प्रधानाचार्य दीप ज्योति सिंह राना विज्ञान विषय पढ़ाते हैं। लेकिन उन्होंने अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान को भी पढ़ाया। जबकि अर्चना फौजदार गृह विज्ञान की शिक्षिका हैं। उन्होंने हिंदी और संस्कृत विषय भी पढ़ाया।
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केएमबी इंटर कॉलेज अतरौली से सेवानिवृत्त नंदवीर शर्मा ने स्कूल के बच्चों को गणित पढ़ाया। जिसका उन्होंने कोई मानदेय नहीं दिया गया था। ऐसे में घर पर स्वाध्याय और इंटरनेट का भी सहारा लिया। कृष्णा ने बताया कि पिता किसान हैं और मां बीमार रहती हैं। ऐसे में घर में भी काफी समय देना पड़ता था। इसके बावजूद अगर लगन हो तो सफलता जरूर मिलती है। प्रधानाचार्य दीप ज्योति सिंह राणा ने बताया कि वास्तव में यहां शिक्षकों का अभाव है। लेकिन जितना हो सका, हमने किया।