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जहरीली शराब कांड का एक साल : डायलिसिस से बचाईं 100 जानें, एंटी डॉट का न हो पाया था इंतजाम
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एक साल पहले जहरीली शराब पीने से मौत के उस मंजर को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह दृश्य आज भी आंखों के सामने नुमाया हो जाता है। किसी तरह बचा लेने की गुहार-मनुहार और परिवारों की चीत्कार ने हिलाकर रख दिया था। रात भर जागकर और दिन भर कवायद कर बस एक ही प्रयास रहता था कि कैसे भी इन्हें बचा लिया जाए। किसी तरह डायलिसिस के सहारे 100 से ज्यादा जानों को बचाया जा सका। अगर एंटी डॉट का इंतजाम होता तो शायद मौतों का आंकड़ा भी थामा जा सकता था। ये कहना है उन डॉक्टरों का जिन्होंने दस दिन तक प्रभावित लोगों का उपचार कर काळी लोगों को जीवनदान दिया।
बेहद घातक केमिकल होता है मिथाइल अल्कोहल
- मिथाइल अल्कोहल में घातक केमिकल होता है। इसकी 30 एमएल या उससे अधिक मात्रा शरीर के अंदर जाने पर किडनी, ब्रेन और आंख पर असर कर सकती है। जानकारी में आया कि 240 एमएल तक लोगों ने मिथाइल अल्कोहल मिलावटी शराब का सेवन किया था। जैसे तैसे कुछ ऐसे लोगों को बचाया गया, जिन्होंने कम मात्रा में शराब का सेवन किया था। इनकी आंखों की रोशनी चली गई है, उसे अब वापस लाया जाना संभव नहीं है।
- डॉ.नरेश शर्मा, सीएमओ इंचार्ज, जेएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी/ट्रामा
- जैसे ही हमारे ट्रामा सेंटर में जहरीली शराब पीने वाले मरीजों का आना शुरू हुआ। हमने पहली डिमांड रखी कि प्रशासनिक स्तर से एंटी डॉट मंगाई जाए, जो गुजरात या दिल्ली से आती है। लेकिन उसकी आपूर्ति नहीं हो सकी। वह मिल जाती तो मौत का आंकड़ा जरूर कम होता। डायलिसिस के सहारे दिन रात एक कर मरीजों को बचाया गया। ऐसे मरीजों की संख्या 100 के आसपास रही होगी। बाकी जिनकी रोशनी गई, उन्हें राहत नहीं मिल सकी।
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- डॉ.संजय भार्गव, संचालक वरुण ट्रामा सेंटर
प्रयोगशाला में हुई मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि
- आबकारी विभाग की मेरठ स्थित प्रयोगशाला में करसुआ, छेरत, रोहेरा भट्ठा आदि से बरामद शराब के क्वार्टर तथा तालानगरी की फैक्टरी और अकराबाद में पकड़ी शराब फैक्टरी से बरामद शराब के सैंपल की जांच में मिथाइल अल्कोहल मिले होने की पुष्टि हुई।
- करीब 35 शवों के पोस्टमार्टम में लक्षण के आधार पर मिथाइल अल्कोहल युक्त शराब पीने से मौत का अनुमान जताया गया। सभी 106 शवों के पोस्टमार्टम के बाद विसरा प्रिजर्व किया गया, जिनकी रिपोर्ट में आगरा प्रयोगशाला ने मिथाइल अल्कोहल होने की पुष्टि की।
टेट्रा पैकिंग में शराब की बिक्री शुरू
- इस कांड के बाद उत्तर प्रदेश में देशी शराब की बिक्री शीशी या प्लास्टिक पैकिंग में बंद कर दी गई और अब सिर्फ टेट्रा पैकिंग में ही अलीगढ़ सहित प्रदेश भर में बिक्री की जा रही है ताकि इसमें न मिलावट की जा सके और न इस पैकिंग की नकल कर मिलावटी शराब बेची जा सके।
- इस कांड में जिन 80 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया है, उनको यूपी आबकारी विभाग की वेबसाइट पर ब्लैकलिस्ट घोषित किया गया है। ये उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के किसी भी हिस्से में न तो आबकारी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं और न किसी शराब ठेके पर अब बतौर सेल्समैन नौकरी कर सकते हैं।
- ये थे लक्षण : सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना, उल्टी, पेट में दर्द से हो रही थी शुरुआत
--
- यहां तक हुआ असर : दौरा पड़ने से लेकर बेहोशी, किडनी, ब्रेन, आंख पर अटैक और कोमा में जाने पर हुई मौत
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- ये थी दिक्कत : अल्कोहल के असर को कम करने के लिए थी एंटी डॉट की जरूरत। गुजरात या दिल्ली से आपूर्ति न हो पाने के कारण हुईं अधिक मौतें।
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बेहद घातक केमिकल होता है मिथाइल अल्कोहल
- मिथाइल अल्कोहल में घातक केमिकल होता है। इसकी 30 एमएल या उससे अधिक मात्रा शरीर के अंदर जाने पर किडनी, ब्रेन और आंख पर असर कर सकती है। जानकारी में आया कि 240 एमएल तक लोगों ने मिथाइल अल्कोहल मिलावटी शराब का सेवन किया था। जैसे तैसे कुछ ऐसे लोगों को बचाया गया, जिन्होंने कम मात्रा में शराब का सेवन किया था। इनकी आंखों की रोशनी चली गई है, उसे अब वापस लाया जाना संभव नहीं है।
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- डॉ.नरेश शर्मा, सीएमओ इंचार्ज, जेएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी/ट्रामा
- जैसे ही हमारे ट्रामा सेंटर में जहरीली शराब पीने वाले मरीजों का आना शुरू हुआ। हमने पहली डिमांड रखी कि प्रशासनिक स्तर से एंटी डॉट मंगाई जाए, जो गुजरात या दिल्ली से आती है। लेकिन उसकी आपूर्ति नहीं हो सकी। वह मिल जाती तो मौत का आंकड़ा जरूर कम होता। डायलिसिस के सहारे दिन रात एक कर मरीजों को बचाया गया। ऐसे मरीजों की संख्या 100 के आसपास रही होगी। बाकी जिनकी रोशनी गई, उन्हें राहत नहीं मिल सकी।
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- डॉ.संजय भार्गव, संचालक वरुण ट्रामा सेंटर
प्रयोगशाला में हुई मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि
- आबकारी विभाग की मेरठ स्थित प्रयोगशाला में करसुआ, छेरत, रोहेरा भट्ठा आदि से बरामद शराब के क्वार्टर तथा तालानगरी की फैक्टरी और अकराबाद में पकड़ी शराब फैक्टरी से बरामद शराब के सैंपल की जांच में मिथाइल अल्कोहल मिले होने की पुष्टि हुई।
- करीब 35 शवों के पोस्टमार्टम में लक्षण के आधार पर मिथाइल अल्कोहल युक्त शराब पीने से मौत का अनुमान जताया गया। सभी 106 शवों के पोस्टमार्टम के बाद विसरा प्रिजर्व किया गया, जिनकी रिपोर्ट में आगरा प्रयोगशाला ने मिथाइल अल्कोहल होने की पुष्टि की।
टेट्रा पैकिंग में शराब की बिक्री शुरू
- इस कांड के बाद उत्तर प्रदेश में देशी शराब की बिक्री शीशी या प्लास्टिक पैकिंग में बंद कर दी गई और अब सिर्फ टेट्रा पैकिंग में ही अलीगढ़ सहित प्रदेश भर में बिक्री की जा रही है ताकि इसमें न मिलावट की जा सके और न इस पैकिंग की नकल कर मिलावटी शराब बेची जा सके।
- इस कांड में जिन 80 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया है, उनको यूपी आबकारी विभाग की वेबसाइट पर ब्लैकलिस्ट घोषित किया गया है। ये उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के किसी भी हिस्से में न तो आबकारी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं और न किसी शराब ठेके पर अब बतौर सेल्समैन नौकरी कर सकते हैं।
- ये थे लक्षण : सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना, उल्टी, पेट में दर्द से हो रही थी शुरुआत
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- यहां तक हुआ असर : दौरा पड़ने से लेकर बेहोशी, किडनी, ब्रेन, आंख पर अटैक और कोमा में जाने पर हुई मौत
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- ये थी दिक्कत : अल्कोहल के असर को कम करने के लिए थी एंटी डॉट की जरूरत। गुजरात या दिल्ली से आपूर्ति न हो पाने के कारण हुईं अधिक मौतें।