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Aligarh News: जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में नर्सिंग होम सील
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पूजा नर्सिंग होम के कमरे को सील कराते डिप्टी सीएमओ व टीम के सदस्य।
- फोटो : samvad
जच्चा-बच्चा की मौत के आरोपों में घिरे पूजा नर्सिंग होम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एसडीएम कोल की मौजूदगी में शुक्रवार दोपहर को सील कर दिया। नर्सिंग होम सीएचसी से सेवानिवृत स्टाफ नर्स कुसुम वर्मा द्वारा संचालित किया जा रहा था। इस नर्सिंग होम को पहले क्लीनचिट दे दी गई थी।
क्षेत्र के गांव सफेदपुरा की गर्भवती जावित्री पत्नी यतेंद्र कुमार को चार अक्तूबर को तबीयत बिगड़ने पर बुढ़ासी रोड स्थित पूजा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। यतेंद्र कुमार के अनुसार पत्नी को सीएचसी लेकर जाने की तैयारी थी लेकिन गांव की आशा कार्यकर्ता के कहने पर वह नर्सिंग होम ले गए, जहां अस्पताल संचालिका कुसुम वर्मा व पूनम ने खुद को डॉक्टर बताकर कस्बे के एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया, फिर बच्चे की धड़कन कम बताकर इलाज शुरू कर ठीक करने का दावा किया। पत्नी की चिंताजनक हालात देखकर उन्होंने कई बार रेफर को कहा, लेकिन इन्कार कर जबरन डिलीवरी कर दी, जिसमें नवजात की मृत्यु हो गई। डिलीवरी के बाद जावित्री की हालत अत्यधिक खराब देख छह अक्तूबर को उसे अलीगढ़ के निजी अस्पताल में रेफर कर दिया जहां सात अक्तूबर को पत्नी की मौत हो गई।
एडी हेल्थ की जांच में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित होते मिला
पीड़ित यतेंद्र ने इलाज में लापरवाही बताकर पूजा नर्सिंग होम को जिम्मेदार ठहराया था। शिकायत सीएमओ से लेकर एडी हेल्थ से की गई थी। शुक्रवार को एसडीएम (कोल) महिमा सिंह, एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार जैन, डिप्टी सीएमओ डॉ. रोहित गोयल, हरदुआगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमेंद्र कुमार ने की टीम ने पूजा नर्सिंग होम को सील कर दिया। एसीएमओ ने बताया कि अवैध हॉस्पिटल संचालक व अन्य दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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जांच के बाद ही उतर गए थे बोर्ड, सामान हो गया था शिफ्ट..
डिप्टी सीएमओ डॉ. रोहित गोयल ने बताया कि पूजा नर्सिंग होम लगभग चार साल से संचालित है, 2022 में मथुरा के हरेंद्र पाल सिंह के नाम से इसका रजिस्ट्रेशन हुआ था, जिसका बाद में नवीनीकरण नहीं हुआ लेकिन कार्रवाई से पहले हॉस्पिटल से बोर्ड हटा दिए गए तथा जरूरी कीमती सामान संचालिका के दूसरे अस्पताल भेज दिया गया, जबकि यहां पर दो कमरों को सीज किया गया है। ज्ञात रहे जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में परिजनों द्वारा 10 अक्तूबर को शिकायत की गई थी। जांच में डॉ. रोहित गोयल ने अस्पताल संचालिका और आशा को उनके बयान के आधार पर क्लीनचिट दे दी थी।
डॉ. बंगाली को थमाया नोटिस, आस्था हॉस्पिटल में भर्ती मिले मरीज
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील की कार्रवाई के बाद हनुमानगढ़ी रोड स्थित डॉ. बंगाली के हॉस्पिटल की जांच की तो वह कोई रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा सके। डॉ. विजय विश्वास उर्फ डॉ. बंगाली के पास 12 बैड के अस्पताल पर डिस्पेंसरी संचालन के साथ अग्निशमन व प्रदूषण विभाग की एनओसी भी नहीं मिली, जिसके बाद उन्हें सख्त हिदायत देते हुए नोटिस देकर तलब किया गया है।
प्रसव का पंजीकरण, हर्निया के मरीज मिले
पीड़ित यतेंद्र के शिकायती पत्र में मृतक जावित्री का बैरामगढ़ी स्थित आस्था हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड कराया जाने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम आस्था हॉस्पिटल भी पहुंची, जहां अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लटका था, जबकि हर्निया के दो मरीज भर्ती पाए गए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमेंद्र ने बताया कि डॉ. अब्दुल्ला व डॉ. बुशरा द्वारा संचालित अस्पताल के पास केवल प्रसव करने का पंजीकरण है। अस्पताल को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने की तैयारी है।
नर्सिंग होम में कमियां मिलने पर उसे सील किया गया है, जांच की जा रही है। दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सुनील कुमार जैन, एसीएमओ
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क्षेत्र के गांव सफेदपुरा की गर्भवती जावित्री पत्नी यतेंद्र कुमार को चार अक्तूबर को तबीयत बिगड़ने पर बुढ़ासी रोड स्थित पूजा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। यतेंद्र कुमार के अनुसार पत्नी को सीएचसी लेकर जाने की तैयारी थी लेकिन गांव की आशा कार्यकर्ता के कहने पर वह नर्सिंग होम ले गए, जहां अस्पताल संचालिका कुसुम वर्मा व पूनम ने खुद को डॉक्टर बताकर कस्बे के एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया, फिर बच्चे की धड़कन कम बताकर इलाज शुरू कर ठीक करने का दावा किया। पत्नी की चिंताजनक हालात देखकर उन्होंने कई बार रेफर को कहा, लेकिन इन्कार कर जबरन डिलीवरी कर दी, जिसमें नवजात की मृत्यु हो गई। डिलीवरी के बाद जावित्री की हालत अत्यधिक खराब देख छह अक्तूबर को उसे अलीगढ़ के निजी अस्पताल में रेफर कर दिया जहां सात अक्तूबर को पत्नी की मौत हो गई।
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एडी हेल्थ की जांच में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित होते मिला
पीड़ित यतेंद्र ने इलाज में लापरवाही बताकर पूजा नर्सिंग होम को जिम्मेदार ठहराया था। शिकायत सीएमओ से लेकर एडी हेल्थ से की गई थी। शुक्रवार को एसडीएम (कोल) महिमा सिंह, एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार जैन, डिप्टी सीएमओ डॉ. रोहित गोयल, हरदुआगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमेंद्र कुमार ने की टीम ने पूजा नर्सिंग होम को सील कर दिया। एसीएमओ ने बताया कि अवैध हॉस्पिटल संचालक व अन्य दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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जांच के बाद ही उतर गए थे बोर्ड, सामान हो गया था शिफ्ट..
डिप्टी सीएमओ डॉ. रोहित गोयल ने बताया कि पूजा नर्सिंग होम लगभग चार साल से संचालित है, 2022 में मथुरा के हरेंद्र पाल सिंह के नाम से इसका रजिस्ट्रेशन हुआ था, जिसका बाद में नवीनीकरण नहीं हुआ लेकिन कार्रवाई से पहले हॉस्पिटल से बोर्ड हटा दिए गए तथा जरूरी कीमती सामान संचालिका के दूसरे अस्पताल भेज दिया गया, जबकि यहां पर दो कमरों को सीज किया गया है। ज्ञात रहे जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में परिजनों द्वारा 10 अक्तूबर को शिकायत की गई थी। जांच में डॉ. रोहित गोयल ने अस्पताल संचालिका और आशा को उनके बयान के आधार पर क्लीनचिट दे दी थी।
डॉ. बंगाली को थमाया नोटिस, आस्था हॉस्पिटल में भर्ती मिले मरीज
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील की कार्रवाई के बाद हनुमानगढ़ी रोड स्थित डॉ. बंगाली के हॉस्पिटल की जांच की तो वह कोई रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा सके। डॉ. विजय विश्वास उर्फ डॉ. बंगाली के पास 12 बैड के अस्पताल पर डिस्पेंसरी संचालन के साथ अग्निशमन व प्रदूषण विभाग की एनओसी भी नहीं मिली, जिसके बाद उन्हें सख्त हिदायत देते हुए नोटिस देकर तलब किया गया है।
प्रसव का पंजीकरण, हर्निया के मरीज मिले
पीड़ित यतेंद्र के शिकायती पत्र में मृतक जावित्री का बैरामगढ़ी स्थित आस्था हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड कराया जाने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम आस्था हॉस्पिटल भी पहुंची, जहां अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लटका था, जबकि हर्निया के दो मरीज भर्ती पाए गए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमेंद्र ने बताया कि डॉ. अब्दुल्ला व डॉ. बुशरा द्वारा संचालित अस्पताल के पास केवल प्रसव करने का पंजीकरण है। अस्पताल को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने की तैयारी है।
नर्सिंग होम में कमियां मिलने पर उसे सील किया गया है, जांच की जा रही है। दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सुनील कुमार जैन, एसीएमओ