Good News: अलीगढ़ में हादसों का ग्राफ गिरा, हादसे और मरने वालों की संख्या घटी
पिछले पांच सालों में करीब साढ़े तीन हजार लोग अलीगढ़ में हादसों के शिकार होकर अकाल मौत के मुंह में समा चुके हैं। तमाम अभियानों के बाद भी न तो वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगी और न ही जिले में होने वाले हादसों की संख्या में कमी आई।
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प्रदेश में सड़क हादसों के लिए बदनाम जिला अलीगढ़ में हादसों में मरने वालों की संख्या में कमी आई हैं। अलीगढ़ जिला इस मामले में शीर्ष 10 की सूची से बाहर होकर आठवें स्थान से 32 वें स्थान पर पहुंच गया है।
यह थोड़ी राहत देने वाली खबर जरूर हैं, लेकिन मरने वालों की संख्या को देखते हुए अभी हादसों की रोकथाम के लिए प्रयास किए जाने की जरूरत है। हादसों में मरने वालों और घायलों की संख्या के आधार यातायात निदेशालय ने यह सूची जारी की है। अलीगढ़ मंडल में एटा 14 वें, कासगंज 17वें एवं हाथरस 28 वें स्थान पर आ गया है। हाईवे व जीटी रोड समेत कई सड़कें लगातार वाहन चालकों और सवारों के लिए काल बन रही हैं। इन हादसों में हर दूसरे दिन किसी न किसी की जान चली जाती है।इसके लिए वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
पांच साल में साढ़े तीन हजार ने गंवाईं जान
वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी जिंदगी पर भारी पड़ रही है। पिछले पांच सालों में करीब साढ़े तीन हजार लोग अलीगढ़ में हादसों के शिकार होकर अकाल मौत के मुंह में समा चुके हैं। तमाम अभियानों के बाद भी न तो वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगी और न ही जिले में होने वाले हादसों की संख्या में कमी आई।
जिला और मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति का गठन
प्रदेश के यातायात एवं सड़क सुरक्षा निदेशक ने सड़क हादसों को लेकर चिंता व्यक्त की है और हादसों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कमी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अलीगढ़, एटा जनपदों में इंटरसेप्टर, स्पीड रडार, ब्रेथ एनालाइजर आदि उपलब्ध होने के बाद भी हादसों में आशा के अनुरूप कमी नहीं आने पर नाराजगी जताई है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय एवं मंडल स्तर पर मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति गठित की है।
पिछले पांच साल में हुए सड़क हादसे
वर्ष हादसे मृतक घायल
- 2019 929 530 928
- 2020 472 314 463
- 2021 552 473 583
- 2022 871 517 461
- 2023 839 466 817
- 2024 395 195 116
नोट: सभी आंकड़े 25 जून 2024 तक
यहां होते हैं सबसे अधिक हादसे
अवंतीबाई चौराहा अतरौली, बरौठा नहर, हरदुआगंज, गंगीरी, गोपी, अकराबाद, पनैठी, नानऊ, खेरेश्वर - लोधा, कस्बा लोधा, चूहरपुर गभाना, बरौली मोड़- गभाना, मुकंदपुर- मडराक, पीतल फैक्टरी- मडराक, यमुना एक्सप्रेसवे ।
ट्रैफिक नियमों का पालन करना हर चालक के लिए अनिवार्य है। तेज रफ्तार, रेडलाइट जंप करना जुर्म है। हमने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती शुरू की है। वाहन चालक भी जागरुकता दिखाएं। ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए स्वयं तो सुरक्षित चलें ही दूसरों की जान भी जोखिम में न डालें।- मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी यातायात
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। वाहन चालकों को जागरुक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। नियमों को तोड़ने वालों से सख्ती भी बरती जा रही है। चालान, जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।- हरिशंकर सिंह, आरटीओ प्रशासन