{"_id":"58f27eb44f1c1bc342cf9256","slug":"now-the-police-verification-will-be-done-from-the-app","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब एेप से होगा पुलिस वेरीफिकेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब एेप से होगा पुलिस वेरीफिकेशन
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Sun, 16 Apr 2017 01:52 AM IST
विज्ञापन
पत्रकारों को विभाग द्वारा जारी किए गए ऐप के बारे में जानकारी देते एसएसपी राजेश पाण्डेय।
- फोटो : Amar Ujala
अपराध नियंत्रण और यातायात सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए अलीगढ़ पुलिस ने शनिवार को वेरीफिकेशन एेप लांच की है। इस मोबाइल एप के जरिये किरायेदारों, नौकरों, ऑटो-टिर्री चालकों का सत्यापन होगा और इनका डाटा भी पुलिस के पास कंप्यूटर में रिकार्ड के रूप में सुरक्षित रहेगा। यह एेप शनिवार को ही जिले के सभी थानों के सब इंस्पेक्टरों के मोबाइलों में अपलोड करा दी गई है। आने वाले दस दिन तक यह सब इंस्पेक्टर जिले में सत्यापन अभियान चलाएंगे। इसके बाद अगर कोई बिना सत्यापन के पाया गया तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
एसएसपी राजेश पांडेय ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पुलिस सत्यापन के काम को पेपर लेस करने और अपराध नियंत्रण के लिए किरायेदारों, नौकरों, ऑटो टिर्री चालकों का डाटा एकत्रित करने के लिए यह प्रयास किया गया है। पिछले कुछ अपराधों में यह सामने आया कि या तो अपराधी आसपास कहीं किरायेदार या नौकर है। या फिर दिन में ऑटो-टिर्री चलाता है और रात में अपराध करता है। जब इन लोगों की तलाश होती है तो किसी के पास इनकी कोई सूचना नहीं होती।
पिछले दिनों उड़ान सोसाइटी के माध्यम से शहर में संचालित ऑटो-टिर्री चालकों का चिह्नीकरण कराया गया। इसके तहत करीब 3650 टिर्री चालक व 2400 ऑटो चालक मिले हैं। इस तरह 6 हजार लोगों का डाटा पुलिस के पास है। अब इनका सत्यापन कराते हुए इनका डाटा ऑनलाइन होगा। जिसमें इनका नाम, पता, गाड़ी नंबर, इंजन नंबर, मॉडल नंबर, मोबाइल नंबर, रूट आदि के अलावा इनका फोटो भी होगा। इन्हें नगर निगम के सहयोग से नंबर दिया जाएगा।
विज्ञापन
इनका रूट निर्धारित होगा। इसी तरह किरायेदारों व नौकरों का डाटा तैयार किया जाएगा।
जिले के सभी थानों के दरोगा अपने-अपने क्षेत्र में अभियान चलाकर दस दिन में मोबाइल में वेरीफिकेशन एेप के जरिये डाटा व फोटो एकत्रित करेंगे। जैसे ही वह इस डाटा व फोटो को सेव करेंगे, वह स्वयं ही एसपी सिटी कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल सर्वर के कंप्यूटर में मेल के जरिये पहुंच जाएंगे। एसएसपी ने बताया कि इस सत्यापन के बाद भविष्य में अगर किसी मकान स्वामी का किरायेदार अपराध में लिप्त पाया गया और उसका डाटा हमारे पास नहीं हुआ तो मकान स्वामी को भी अपराध की साजिश का दोषी मानकर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, एसपी यातायात डॉ.ब्रजेश सिंह, एसपी देहात संकल्प शर्मा सहित सभी सीओ भी मौजूद थे।
एक-दो दिन में वनवे-नो पार्किंग जोन व्यवस्था शुरू
एसएसपी ने बताया कि ऑटो टिर्री चालकों को नंबर दिए जाने के साथ ही साथ एक-दो दिन में शहर में यातायात सुधार के लिए वन वे व नो पार्किंग जोन व्यवस्था शुरू होने जा रही है। इसके लिए शहर में 8 नो पार्किंग जोन और 4 नो एंट्री जोन आदि तय किए गए हैं। यह व्यवस्था एक-दो दिन में शुरू होने जा रही है।
विज्ञापन
एसएसपी राजेश पांडेय ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पुलिस सत्यापन के काम को पेपर लेस करने और अपराध नियंत्रण के लिए किरायेदारों, नौकरों, ऑटो टिर्री चालकों का डाटा एकत्रित करने के लिए यह प्रयास किया गया है। पिछले कुछ अपराधों में यह सामने आया कि या तो अपराधी आसपास कहीं किरायेदार या नौकर है। या फिर दिन में ऑटो-टिर्री चलाता है और रात में अपराध करता है। जब इन लोगों की तलाश होती है तो किसी के पास इनकी कोई सूचना नहीं होती।
विज्ञापन
पिछले दिनों उड़ान सोसाइटी के माध्यम से शहर में संचालित ऑटो-टिर्री चालकों का चिह्नीकरण कराया गया। इसके तहत करीब 3650 टिर्री चालक व 2400 ऑटो चालक मिले हैं। इस तरह 6 हजार लोगों का डाटा पुलिस के पास है। अब इनका सत्यापन कराते हुए इनका डाटा ऑनलाइन होगा। जिसमें इनका नाम, पता, गाड़ी नंबर, इंजन नंबर, मॉडल नंबर, मोबाइल नंबर, रूट आदि के अलावा इनका फोटो भी होगा। इन्हें नगर निगम के सहयोग से नंबर दिया जाएगा।
विज्ञापन
इनका रूट निर्धारित होगा। इसी तरह किरायेदारों व नौकरों का डाटा तैयार किया जाएगा।
जिले के सभी थानों के दरोगा अपने-अपने क्षेत्र में अभियान चलाकर दस दिन में मोबाइल में वेरीफिकेशन एेप के जरिये डाटा व फोटो एकत्रित करेंगे। जैसे ही वह इस डाटा व फोटो को सेव करेंगे, वह स्वयं ही एसपी सिटी कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल सर्वर के कंप्यूटर में मेल के जरिये पहुंच जाएंगे। एसएसपी ने बताया कि इस सत्यापन के बाद भविष्य में अगर किसी मकान स्वामी का किरायेदार अपराध में लिप्त पाया गया और उसका डाटा हमारे पास नहीं हुआ तो मकान स्वामी को भी अपराध की साजिश का दोषी मानकर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, एसपी यातायात डॉ.ब्रजेश सिंह, एसपी देहात संकल्प शर्मा सहित सभी सीओ भी मौजूद थे।
एक-दो दिन में वनवे-नो पार्किंग जोन व्यवस्था शुरू
एसएसपी ने बताया कि ऑटो टिर्री चालकों को नंबर दिए जाने के साथ ही साथ एक-दो दिन में शहर में यातायात सुधार के लिए वन वे व नो पार्किंग जोन व्यवस्था शुरू होने जा रही है। इसके लिए शहर में 8 नो पार्किंग जोन और 4 नो एंट्री जोन आदि तय किए गए हैं। यह व्यवस्था एक-दो दिन में शुरू होने जा रही है।