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Aligarh News: सुरक्षाकर्मी-डॉक्टर सहित आठ को दिया नोटिस
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रेफरल सेंटर बने मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार दोपहर हुए घटनाक्रम का मुद्दा अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने पर अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन सीएमएस ने इमरजेंसी पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ में सुरक्षाकर्मियों व डॉक्टरों सहित आठ लोगों को नोटिस जारी कर दिया।
ये घटनाक्रम बुधवार का है। जब खिरनी गेट इलाके के पंकज अपने इकलौते छह माह के बेटे गगन को दिखाने अपनी मां रानी व पत्नी डॉली संग जिला अस्पताल पहुंचे। पेट फूलने व दर्द होने पर बच्चे को ओपीडी से इमरजेंसी भेजा गया था, लेकिन वहां भी उसे देखते ही मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चे को गोद में लिए दादी व मां डेढ़ घंटे तक बिलखती रहीं।
एंबुलेंस के इंतजार में बच्चे को उपचार नहीं मिल पा रहा था। इमरजेंसी स्टाफ ने बच्चे को भिजवाने में कोई दिलचस्पी दिखाने के बजाय पल्ला झाड़ लिया। बमुश्किल पिता की गुहार पर एंबुलेंस को फोन किया। तक एंबुलेंस आई। यह मामला बृहस्पतिवार को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ।
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खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमएस डाॅ. जगवीर सिंह सुबह ही इमरजेंसी पहुंच गए। उन्होंने इमरजेंसी में उस समय तैनात डॉक्टर, फार्मासिस्ट व सुरक्षा गार्ड के अलावा जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ सहित कुल आठ लोगों को नोटिस जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। साथ में चेतावनी दी गई है कि अगर भविष्य में इस तरह की लापरवाही हुई तो विभागीय कार्रवाई होगी।
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ये घटनाक्रम बुधवार का है। जब खिरनी गेट इलाके के पंकज अपने इकलौते छह माह के बेटे गगन को दिखाने अपनी मां रानी व पत्नी डॉली संग जिला अस्पताल पहुंचे। पेट फूलने व दर्द होने पर बच्चे को ओपीडी से इमरजेंसी भेजा गया था, लेकिन वहां भी उसे देखते ही मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चे को गोद में लिए दादी व मां डेढ़ घंटे तक बिलखती रहीं।
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एंबुलेंस के इंतजार में बच्चे को उपचार नहीं मिल पा रहा था। इमरजेंसी स्टाफ ने बच्चे को भिजवाने में कोई दिलचस्पी दिखाने के बजाय पल्ला झाड़ लिया। बमुश्किल पिता की गुहार पर एंबुलेंस को फोन किया। तक एंबुलेंस आई। यह मामला बृहस्पतिवार को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ।
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खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमएस डाॅ. जगवीर सिंह सुबह ही इमरजेंसी पहुंच गए। उन्होंने इमरजेंसी में उस समय तैनात डॉक्टर, फार्मासिस्ट व सुरक्षा गार्ड के अलावा जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ सहित कुल आठ लोगों को नोटिस जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। साथ में चेतावनी दी गई है कि अगर भविष्य में इस तरह की लापरवाही हुई तो विभागीय कार्रवाई होगी।