Aligarh: 15 माह में खत्म होगा 11 लाख मीट्रिक टन कूड़ा, नोएडा की इकोस्टैन इंफ्रा प्रालि के साथ हुआ अनुबंध
नई कंपनी को दो मुख्य काम दिए गए हैं। पहला मथुरा बाईपास पर जमा करीब 11 लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा का निस्तारण करना। दूसरा शहर से हर दिन निकलने वाले 700 टन कूड़ा-कचरे को निस्तारित करना है।
विस्तार
एटुजेड प्लांट में जमा 11 लाख मीट्रिक टन कूड़े के पहाड़ से शहरवासियों को मुक्ति मिलने वाली है। इसके निस्तारण के लिए नगर निगम ने नोएडा की कंपनी इकोस्टैन इंफ्रा प्रालि. के साथ अनुबंध किया है। यह कंपनी 15 माह में पुराने कचरा (लिगेसी वेस्ट) और नए कचरे दोनों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगी। नए प्लांट के लिए सप्ताह भर में शहर से 15 किमी बाहर जमीन उपलब्ध कराया जाएगा।
मथुरा रोड पर एटुजेड प्लांट में कूड़े का पहाड़ बना हुआ है। इससे उठने वाली बदबू से लगभग 30 से 40 हजार की आबादी का जीना दूभर हो गया है। यही नहीं शहर से हर दिन निकलने वाला 600 से 700 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण भी नगर निगम के लिए चुनौती बनी हुई है। इसका निस्तारण नहीं कर पाने की पर नगर आयुक्त ने 18 सितंबर को एटुजेड कंपनी के साथ अनुबंध खत्म कर दिया था।
अब इकोस्टैन इंफ्रा प्रालि. नोएडा को जिम्मेदारी सौंपी है। नया प्लांट डिजाइन, बिल्ड और ऑपरेट आधार पर बनेगा। नई कंपनी को दो मुख्य काम दिए गए हैं। पहला मथुरा बाईपास पर जमा करीब 11 लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा का निस्तारण करना। दूसरा शहर से हर दिन निकलने वाले 700 टन कूड़ा-कचरे को निस्तारित करना है।
यह परियोजना शहर की स्वच्छता में क्रांति लाएगी। पुराने कचरे से होने वाला प्रदूषण रुकेगा, बदबू और मच्छरों की समस्या कम होगी। काम की निगरानी के लिए अपर नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। अगर कंपनी समय पर या अच्छा काम नहीं करेगी, तो कार्रवाई होगी। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
यह सिर्फ कचरा हटाना नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। हमने शहरवासियों से जो वादा किया था, उसे निभा रहे हैं। जल्द ही शहर कचरे के बोझ से मुक्त और स्वच्छ बनेगा। - प्रशांत सिंघल, महापौर