{"_id":"67879f2917933b46df0b71d1","slug":"no-report-was-filed-on-the-threat-to-bomb-amu-2025-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी: आठ दिन बाद भी नहीं हुआ मुकदमा दर्ज, मास्टर माइंड की तलाश जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी: आठ दिन बाद भी नहीं हुआ मुकदमा दर्ज, मास्टर माइंड की तलाश जारी
Wed, 15 Jan 2025 05:12 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Wed, 15 Jan 2025 05:12 PM IST
सार
14 जनवरी देर रात तक एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में पकड़े गए किशोर से पूछताछ के साथ ही मास्टर माइंड की तलाश जारी है। वहीं हैरानी इस बात की है कि पुलिस अभी तक इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकी है।
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
- फोटो : ANI
विस्तार
एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में 11 जनवरी को देवरिया से हिरासत में लिए गए हैकर किशोर से पुलिस की पूछताछ लगातार जारी है। अभी तक की पुलिस जांच में इतना साफ हुआ है कि किशोर ने धमकी भरा ईमेल नहीं किया। संभावना जताई जा रही है कि उसके नाम से कोई आईडी बनाकर धमकी दी गई है। लेकिन हैरानी इस बात की है कि पुलिस अभी तक इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं कर सकी है।
विज्ञापन
8 जनवरी की रात 1.18 बजे एएमयू की कुलपति, रजिस्ट्रार, पीआरओ, प्राॅक्टर समेत कुल 20 अधिकारियों को tiwarisrijanyt@protonmail.com की प्रोटोन मेल आईडी से ईमेल मिला था। जिसमें जिक्र था कि दो लाख रुपये यूपीआई अकाउंट नंबर में दो दिन में नहीं दिए तो वह बम विस्फोट कर देंगे। यह भी धमकी दी कि अगर उसकी कही बातों का पालन नहीं किया तो वह विश्वविद्यालय में वितरित होने वाले खाने में अपशिष्ट मिलाकर खाना खराब कर देंगे।
विज्ञापन
ईमेल मिलने के बाद मची खलबली पर पुलिस की एक टीम ने देवरिया के उमानगर मोहल्ले से एक नाबालिग हैकर को हिरासत में लिया। किशोर ने पूछताछ में स्वीकारा कि नंबर व मेल आईडी उसके नाम की है। मगर, उसने कोई मेल नहीं भेजा। कोटा राजस्थान में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी के दौरान ऑनलाइन टेलीग्राम पर उसकी पहचान बेंगलुरु के एक हैकर से हुई थी। इसके बाद उसने खुद ऑनलाइन यूट्यूब के जरिए हैकिंग करना सीखा था।
विज्ञापन
हालांकि रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया और उसका संपर्क टूट गया। फिर भी वह एक टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ा हुआ है। किशोर ने संभावना जताई है कि उसके नाम व नंबर पर प्रॉक्सी सॉफ्टवेयर से यह नंबर व आईडी बनाकर धमकी भरा मेल किया गया है। सीओ सिविल लाइंस अभय पांडेय ने बताया कि 14 जनवरी देर रात तक किशोर से पूछताछ के साथ ही मास्टर माइंड की तलाश जारी है। वहीं हैरानी इस बात की है कि पुलिस अभी तक इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकी है।