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10 महीने से कोरोना के सैंपल जांच के लिए लैब पहुंचा रहे निरंजन
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निरंजन मलखान सिंह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कार्यरत चिकित्सा कर्मी
- फोटो : CITY OFFICE
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में काम करने वाले निरंजन पिछले 10 महीने से कोरोना योद्धा की तरह अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वह प्रतिदिन 100 से 150 कोरोना जांच सैंपल लेकर दीनदयाल संयुक्त अस्पताल की लैब पहुंचाते हैं।
सैंपल और स्वयं की सुरक्षा की दृष्टि से निरंजन का यह काम बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। एक किस्सा बताते हुए निरंजन कहते हैं, एक बार रास्ते में कुछ सुरक्षाकर्मियों ने उनको संदिग्ध मानकर रोक लिया। पूछा बॉक्स में क्या है। जब बताया कि इसमें कोरोना वायरस जांच के सैंपल हैं तो सभी लोग तुरंत पीछे हट गए।
निरंजन कहते हैं, जो सैंपल पहले जाते हैं यह जरूरी नहीं कि वह सभी संक्रमित हों। लेकिन उन सैंपल में संक्रमित लोगों के सैंपल भी शामिल होते हैं। जिनकी पुष्टि जांच के बाद होती है। यह काम बेहद गोपनीय और विश्वसनीयता का है। पहले तो उनके परिवार वालों को भी पता नहीं था कि वह यह काम कर रहे हैं।
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लेकिन बाद में उनको जानकारी हो गई। वह बताते हैं, इस दौरान वह भी संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। बाद में स्वस्थ होने पर फिर से काम संभाल लिया। हालांकि परिवार वालों ने इस काम को करने से मना भी किया था लेकिन निरंजन का कहना था, अगर सभी लोग इस तरह सोच लेंगे तो फिर कोई कुछ भी काम नहीं कर पाएगा।
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सैंपल और स्वयं की सुरक्षा की दृष्टि से निरंजन का यह काम बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। एक किस्सा बताते हुए निरंजन कहते हैं, एक बार रास्ते में कुछ सुरक्षाकर्मियों ने उनको संदिग्ध मानकर रोक लिया। पूछा बॉक्स में क्या है। जब बताया कि इसमें कोरोना वायरस जांच के सैंपल हैं तो सभी लोग तुरंत पीछे हट गए।
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निरंजन कहते हैं, जो सैंपल पहले जाते हैं यह जरूरी नहीं कि वह सभी संक्रमित हों। लेकिन उन सैंपल में संक्रमित लोगों के सैंपल भी शामिल होते हैं। जिनकी पुष्टि जांच के बाद होती है। यह काम बेहद गोपनीय और विश्वसनीयता का है। पहले तो उनके परिवार वालों को भी पता नहीं था कि वह यह काम कर रहे हैं।
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लेकिन बाद में उनको जानकारी हो गई। वह बताते हैं, इस दौरान वह भी संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। बाद में स्वस्थ होने पर फिर से काम संभाल लिया। हालांकि परिवार वालों ने इस काम को करने से मना भी किया था लेकिन निरंजन का कहना था, अगर सभी लोग इस तरह सोच लेंगे तो फिर कोई कुछ भी काम नहीं कर पाएगा।