{"_id":"5d62e0f38ebc3e93b85cfe07","slug":"muslim-women-made-passport-on-name-of-hindu-women-fir-registered","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुस्लिम महिला ने हिंदू महिला के नाम से बनवाया पासपोर्ट, इस तरह पकड़ी गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुस्लिम महिला ने हिंदू महिला के नाम से बनवाया पासपोर्ट, इस तरह पकड़ी गई
Mon, 26 Aug 2019 12:56 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: Abhishek Singh
Updated Mon, 26 Aug 2019 12:56 AM IST
विज्ञापन
पासपोर्ट
- फोटो : Social Media (File Photo)
बांग्लादेशी महिला का कोतवाली के गांव टीकरी खुर्द से 2018 में तैनात दरोगा की रिपोर्ट लगाने के बाद पासपोर्ट बन गया। मुस्लिम महिला ने हिंदू महिला के रूप में गांव में पता दर्ज कराया, लेकिन उसकी पोल तब खुल गई, जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर जांच में अन्य अभिलेखों के आधार पर उसका पासपोर्ट फर्जी पाया गया। मामला एसपी के दफ्तर में आया तो उसकी जांच में पूरी हकीकत सामने आई। दोषी महिला के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- देह व्यापार के धंधे से आजाद करवाई गई किशोरी, पढ़ने की है ख्वाहिश
विज्ञापन
बांग्लादेशी महिला सोनी खातून ने सोनी कुमारी पत्नी संदीप कुमार निवासी टीकरी खुर्द के नाम से पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। 2018 में हल्के में तैनात दरोगा रक्षपाल सिंह ने जांच में धांधली बरतते हुए सोनी खातून के पासपोर्ट के दस्तावेजों पर पॉजिटिव रिपोर्ट लगा दी। रिपोर्ट के आधार पर सोनी कुमारी के नाम से पासपोर्ट बन गया। इसके बाद सोनी 2018 में ही अपने घर बांग्लादेश जा रही थी।
विज्ञापन
बार्डर पर उसके अभिलेखों की जांच में पाया गया कि भारत से बनाया गया उसका पासपोर्ट फर्जी था, जबकि वह बांग्लादेश की रहने वाली थी। बांग्लादेश में यह महिला चांदन महल ढिढौलिया चटगांव की रहने वाली है। इसके पश्चात बार्डर से एसपी हाथरस के लिए पत्र आया। पत्र के आधार पर दरोगा राजीव कुमार ने गांव जाकर प्रकरण की जांच की तो पाया कि सोनी कुमारी गांव में है ही नहीं। इसके आधार पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित कागज तैयार कर पासपोर्ट बनवाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
प्रकरण की जांच सीओ कर रहे हैं। जांच में ही उजागर होगा कि आखिर किस उद्देश्य से बांग्लादेशी महिला गांव में आई और फर्जी पासपोर्ट तैयार कराने के पीछे क्या मकसद रहा। क्या वह किसी देशविरोधी गतिविधि में लिप्त थी या तस्करी के उद्देश्य से ऐसा किया गया, लेकिन इतना स्पष्ट हो गया कि पुलिस आज भी पासपोर्ट और शस्त्र लाइसेंस मामलों में फर्जी रिपोर्ट लगा देती है।