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Aligarh: पटाखों से फैलने वाले वायु प्रदूषण की 31 अक्तूबर तक मॉनीटरिंग, कानपुर से जारी होगी एक्यूआई रिपोर्ट
Wed, 19 Oct 2022 01:28 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2022 01:28 AM IST
सार
17 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक जांच की जाएगी और जांच फिल्टर दो नवंबर तक कानपुर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। यहां दो दिनों जांच के बाद इसकी रिपोर्ट जारी की जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : FILE PHOTO
विस्तार
महानगर में दीपावली पर पटाखों से फैलने वाले वायु प्रदूषण की 31 अक्तूबर तक मॉनीटरिंग की जाएगी। वायु प्रदूषण की इस बार एक्यूआई की रिपोर्ट कानपुर से जारी होगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दीपावली से पहले एवं उसके बाद एक्यूआई की मॉनीटरिंग के आदेश दिए हैं।
17 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक जांच की जाएगी और जांच फिल्टर दो नवंबर तक कानपुर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। यहां दो दिनों जांच के बाद इसकी रिपोर्ट जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पटाखे जलने के बाद वायु मंडल में कौन सा हैवी मेटल अधिक मात्रा में पाया गया है, इसकी जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ज्ञान सरोवर कॉलोनी स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय पर तीन शिफ्टों में प्रदूषण की निगरानी होगी। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण का सासनीगेट चौराहा, ज्ञान सरोवर कॉलोनी में परीक्षण भी किया जाएगा। पीएम 10, पीएम 2.5 के लिए गए नमूनों के फिल्टर पेपर से ही कानपुर प्रयोगशाला में पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर हैवी मेटल्स की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ में हैवी मेटल्स की जांच की व्यवस्था यहां नहीं है।
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17 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक जांच की जाएगी और जांच फिल्टर दो नवंबर तक कानपुर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। यहां दो दिनों जांच के बाद इसकी रिपोर्ट जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पटाखे जलने के बाद वायु मंडल में कौन सा हैवी मेटल अधिक मात्रा में पाया गया है, इसकी जांच की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि ज्ञान सरोवर कॉलोनी स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय पर तीन शिफ्टों में प्रदूषण की निगरानी होगी। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण का सासनीगेट चौराहा, ज्ञान सरोवर कॉलोनी में परीक्षण भी किया जाएगा। पीएम 10, पीएम 2.5 के लिए गए नमूनों के फिल्टर पेपर से ही कानपुर प्रयोगशाला में पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर हैवी मेटल्स की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ में हैवी मेटल्स की जांच की व्यवस्था यहां नहीं है।
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