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Aligarh News: सम्मान समारोह में पहुंचे एमएलसी डॉ आकाश, बोले- निजी वित्तविहीन विद्यालयों को मिलें सरकारी सुविधा
Tue, 30 Jan 2024 08:49 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 30 Jan 2024 08:49 PM IST
सार
भारतीय शैक्षणिक संगठन की ओर से प्रधानाचार्य व प्रबंधक के सम्मान समारोह आयोजित हुआ। जिसमें भारतीय शैक्षणिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व आगरा शिक्षक खंड के एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल पहुंचे । उन्होंने कहा कि सरकारी सुविधाएं भी निजी वित्तविहीन विद्यालयों को मिलनी चाहिए।
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संबोधिक करते भारतीय शैक्षणिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व आगरा शिक्षक खंड के एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ में भारतीय शैक्षणिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व आगरा शिक्षक खंड के एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल ने कहा है कि पुरातन काल से भारत में शिक्षक का दर्जा भगवान के समकक्ष रखा गया है। युवा पीढ़ी ही देश का निर्माण करती है। यह संगठन का मानना है। सरकारी सुविधाएं भी निजी वित्तविहीन विद्यालयों को मिलनी चाहिए।
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30 जनवरी को क्वार्सी स्थित राज गार्डन में भारतीय शैक्षणिक संगठन की ओर से प्रधानाचार्य व प्रबंधक के सम्मान समारोह में वह बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मन में उत्साह भर कर एक नवीन भारत का निर्माण करना है, जो नवीन भारत शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार व भविष्य की उम्मीदों से परिपूर्ण हो। डॉ. आकाश ने कहा कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है, जिस पर खर्च होने वाले रुपये सरकार द्वारा व्यय किए जाते हैं। इसलिए वित्तविहीन शिक्षकों को सहायता प्राप्त विद्यालयों की तरह ही समान कार्य का समान वेतन सरकारी कोषागार से तत्काल प्रदान किया जाना चाहिए।
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सरकारी सुविधाएं वित्तविहीन विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी निशुल्क प्रदान की जाएं। इनमें मिड डे मील, निशुल्क पुस्तक, बैग, जूते, यूनिफॉर्म आदि। वित्तविहीन विद्यालयों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाए। यूपी बोर्ड के वित्तविहीन विद्यालयों को मान्यता देने वाली नई नियमावली को निरस्त करके पुरानी नियमावली को लागू किया जाए। वित्तविहीन विद्यालयों को भवन, लैब आदि में सुधार के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए।
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इस अवसर पर प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी, संदीप मुखरिया, राजेश अरेला, अरविंद कटारा ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान 325 निजी विद्यालयों के एक हजार शिक्षकों को सम्मानित किया गया।