अलीगढ़ जिला अस्पताल: भाजपा नेता-डॉक्टर भिड़े, विधायक के पीआरओ ने चिकित्सक को दी जान से मारने की धमकी
हर्षद ने शहर विधायक के पीआरओ अमित कुमार से फोन पर डॉक्टर से बात कराई। फोन पर ही अमित कुमार और चिकित्सक के बीच तीखी बहस हो गई। चिकित्सक रीतेश का आरोप है कि पीआरओ ने उनके साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी।
विस्तार
अलीगढ़ जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 22 नवंबर की शाम करीब तीन बजे मारपीट की घटना में घायल दो युवकों की पैरवी में पहुंचे भाजयुमो नेता हर्षद वार्ष्णेय की चिकित्सक से कहासुनी हो गई। चिकित्सक ने उन्हें गुटका थूककर आने के लिए कहा था, इसी पर बात गाली गलौज व हाथपाई तक पहुंच गई। इसके विरोध चिकित्सक व स्वास्थ्य विभाग कर्मियों ने इमरजेंसी सेवा ठप कर दी और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि विधायक के पीआरओ अमित कुमार ने भी फोन पर चिकित्सक से गाली गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जगबीर सिंह ने चिकित्सक स्टाफ को समझाया और इस प्रकरण में लिखित कार्रवाई करने की बात कही, तब जाकर करीब दो घंटे बाद जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवा बहाल हो पाई।
घटनाक्रम के अनुसार 22 नवंबर दोपहर शहर के महेंद्र नगर के रहने वाले शिखर व राहुल वार्ष्णेय मारपीट की घटना में घायल होकर उपचार व मेडिकल कराने जिला अस्पताल पहुंचे। करीब तीन बजे उनके समर्थन में भाजपा युवा मोर्चा महानगर मंत्री हर्षद वार्ष्णेय कुछ अन्य लोगों के साथ यहां पहुंचे। चिकित्सक के न होने पर भाजपा नेता ने स्टॉफ से जानकारी मांगी। इसी बीच चिकित्सक डॉक्टर रीतेश ने घायलों का उपचार शुरू किया। स्टाफ का कहना है कि चिकित्सक ने भाजपा नेता से गुटका बाहर थूककर आने की बात कही। इसी बात को लेकर भाजपा नेता और चिकित्सक में कहासुनी होने लगी।
हर्षद ने शहर विधायक के पीआरओ अमित कुमार से फोन पर डॉक्टर से बात कराई। फोन पर ही अमित कुमार और चिकित्सक के बीच तीखी बहस हो गई। चिकित्सक रीतेश का आरोप है कि पीआरओ ने उनके साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। यही नहीं अस्पताल में मौजूद भाजपा नेता ने भी उन्हें भला-बुरा कहा। शोर और हंगामे के बाद ड्यूटी पर मौजूद अन्य चिकित्सक व स्टाफ भी एकत्र हो गया। आक्रोशित डॉक्टर और स्टाफ ने इमरजेंसी गेट पर ताला लगा दिया और बाहर बैठ गए।
इसके चलते एंबुलेंस से लाए गए कई गंभीर मरीजों को बिना प्राथमिक उपचार के ही वापस लौटना पड़ा। सूचना मिलते ही सीएमएस और बन्नादेवी पुलिस मौके पर पहुंची। सीएमएस के समझाने पर दो घंटे बाद इमरजेंसी वार्ड का ताला खोल दिया। डॉक्टर रीतेश ने सीएमओ और सीएमएस को पत्र लिख कर घटना की जानकारी दी है।

गंभीर रूप से घायल एक पक्ष के दो लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे, उनको एक घंटे तक इलाज नहीं मिला, पीड़ित की सूचना पर वह पहुंचे तो वहां डॉक्टर अपने कमरे में कैंडी क्रैश गेम खेल रहे थे। दलाल के माध्यम से मेडिकल करने के लिए 20 हजार रुपये मांगे जा रहे थे। उन पर लगाए गए आरोप गलत है, उसकी रिकॉर्डिंग या धमकाने का कोई वीडियो है तो उसे सार्वजनिक करें।-हर्षद वार्ष्णेय महानगर मंत्री ,युवा मोर्चा महानगर
जिला अस्पताल के चिकित्सक के द्वारा लगाए गए आरोप निराधार है। अगर ऐसा कुछ है तो चिकित्सक आडियो व वीडियो सार्वजनिक करें। चिकित्सक के गलत व्यवहार और लापरवाही की शिकायत शासन व प्रशासन से की जाएगी।-अमित कुमार, पीआरओ, शहर विधायक
अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज के उपचार और मेडिकोलीगल के दौरान चिकित्सक और भाजपा नेता से विवाद हो गया था, जिसे मौके पर पहुंचकर शांत कराया गया है। अस्पताल की इमरजेंसी सेवा संचालित है। किसी भी प्रकार का कोई विवाद अब नहीं है।-डॉ. जगवीर सिंह वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
हड़ताल पर हैं हम...तड़पते मरीजों से बोला स्टाफ-कहीं और जाकर कराओ अपना इलाज
अलीगढ़ जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भाजपा नेता और चिकित्सक के बीच हुए विवाद के बाद शनिवार को दो घंटे तक पूरी इमरजेंसी सेवा ठप रही।इस दौरान सीने में तेज दर्द से कराहते बुजुर्ग, हाथ टूटने पर दर्द से बेहाल बालक को लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सक और स्टाफ संवेदनहीन बना रहा। उन्होंने साफ कह दिया कि हम हड़ताल पर हैं, आज इमरजेंसी बंद है, कहीं और जाकर अपना इलाज कराओ।
केस-1
अपरान्ह तीन बजे सराय रहमान चौक निवासी कासिफ अपनी मां को लेकर जिला अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचे। मां का हाथ में चोट लगी थी और उससे खून बह रहा था। कासिफ ने बताया कि डॉक्टर व स्टाफ इमरजेंसी में नहीं मिले। पूरा सन्नाटा पसरा हुआ है। कोई पूछने तक नहीं आया, मां दर्द से बेहाल है।
केस-2
लीलावती देवी अपने पति को सीने में तेज दर्द की शिकायत लेकर सवा तीन बजे बजे इमरजेंसी पहुंचीं। पति सीट पर बैठ कर दर्द से तड़पते रहे। मगर चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा। पास में मौजूद एक कर्मचारी ने कहा कि सभी हड़ताल पर हैं, थोड़ी देर बाद देख लेंगे। काफी देर बाद भी कोई नहीं आया तो लीलावती रोते-रोते बोलीं, अगर कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा ?
केस-3
तुर्कमान गेट के अबरार अहमद अपने घायल भतीजे को लेकर अस्पताल पहुंचा। बच्चे का हाथ टूट गया था। इमरजेंसी गेट पर ताला देखकर उन्होंने गुहार लगाई तो एक डॉक्टर ने दूर से चिल्लाकर कहा कि आज इमरजेंसी बंद है, कहीं और ले जाओ।