{"_id":"630fb78c4087b906cd4155f5","slug":"misery-cannot-come-from-your-understanding-cyber-expert-aligarh-news-ali2993649120","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News : पुलिस की पाठशाला, छात्रों को साइबर अपराध के बारे में किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News : पुलिस की पाठशाला, छात्रों को साइबर अपराध के बारे में किया जागरूक
Thu, 01 Sep 2022 01:03 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Sep 2022 01:03 AM IST
सार
पाठशाला में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया। साइबर विशेषज्ञ कुसुमलता ने कहा कि समझदारी से काम लिया जाए तो सोशल साइट्स पर बदनामी से बचने के साथ ठगी से भी बच जाएंगे।
विज्ञापन
पुलिस की पाठशाला में छात्रों को जानकारी देते उप निरीक्षक कुसुम लता।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अग्रसेन इंटर कॉलेज हरदुआगंज में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तहत पुलिस की पाठशाला लगी। पाठशाला में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया गया। साइबर विशेषज्ञ कुसुमलता ने कहा कि समझदारी से काम लिया जाए तो सोशल साइट्स पर बदनामी से बचने के साथ ठगी से भी बच जाएंगे। समझदारी से किसी की भी जिंदगी में दुश्वारी नहीं आ सकती।
विज्ञापन
साइबर विशेषज्ञों ने कहा कि कोई भी बदनाम करने की धमकी देता है तो उससे डरें नहीं, बल्कि साइबर क्राइम सेल या हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें। लॉटरी निकल आई है या कोई इनाम जीत गए हैं, इस तरह की आने वाली कॉल पर बिल्कुल भरोसा न करें। इससे ठगी के शिकार हो सकते हैं।
विज्ञापन
साइबर क्राइम सेल के सब इंस्पेक्टर महेश कुमार, सब इंस्पेक्टर कुसुम लता, तकनीशियन मनीषा यादव, मयंक गौतम ने साइबर अपराध से जुड़ी जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने साइबर क्राइम से बचाव के तरीके भी बताए। छात्र-छात्राओं ने सवाल भी पूछे, जिनका अधिकारियों ने जवाब भी दिया। प्रधानाचार्य डॉ. शंभूदयाल रावत ने अतिथियों का आभार जताया।
विज्ञापन
हेल्पलाइन पर कर सकते शिकायत
बच्चों की शिकायतों के बारे में जारी हेल्पलाइन 1098 व महिलाओं के संबंध में जारी हेल्पलाइन 1090 व साइबर अपराधों के संबंध में जारी हेल्पलाइन 155260 पर शिकायत कर सकते हैं।
साइबर अपराध से बचने के तरीके
- टेलीफोन कॉल पर एटीएम/बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी नंबर आदि कभी भी किसी से साझा न करें।
- एटीएम बूथ में ट्रांजेक्शन करने जाएं तो इस बात को सुनिश्चित कर लें, एटीएम बूथ में कोई अंजान व्यक्ति मौजूद न हो।
- ट्रांजेक्शन के समय अपने पिन नंबर को छिपा कर अंकित करें। प्रक्रिया पूरी होने पर ही बूथ को छोड़ें।
- सभी अकाउंट के लिए एक पासवर्ड न रखें।
- पासवर्ड में विशेष अक्षर, गिनती होनी चाहिए।
- जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर किसी को शेयर न करें।
- बार-बार पासवर्ड बदलते रहना चाहिए।
- अनजान व्यक्ति को सरकारी योजना के लिए आधार व खाता का नंबर न दें।
- क्यूआर कोड या पेमेंट लिंक भेजता है, तो उसकी जांच किए बगैर भुगतान न करें।
- ओएलएक्स के माध्यम से चीजों को बेचने या खरीदने के लिए क्यूआर कोड या लिंक को सत्यापन के बिना शेयर न करें।
- फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है तो बिना सत्यापन के स्वीकार न करें।
- किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टाल करते समय उसकी नीति के बारे में जानकारी कर लें।
- एनी डेस्क या टीम व्यूवर, क्विक सपोर्ट आदि के एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचना चाहिए।