मधुमक्खियों की हत्या में केस दर्ज: चीनी खाने से करोड़ों बेजुबानों की गई जान, दोषी पाए जाने पर हो सकती है ये सजा
अलीगढ़ के मडराक क्षेत्र में करोड़ों मधुमक्खियों की चीनी खाने से मौत हो गई। मधुमक्खी पालक की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। साथ ही चीनी का सैंपल भी जांच के लिए एफडीए को भेजा गया है।
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भाजपा किसान मोर्चा के मडराक मंडल मंत्री हेमंत सारस्वत मधुमक्खी पालन केंद्र चलाते हैं। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया है कि वे 231 पेटियों में मधुमक्खी पाल रहे हैं। उनके इस व्यापार में हरियाणा के हिसार के गांव काबरेल के अजमेर भी साझीदार हैं। एक पेटी में करीब एक करोड़ मधुमक्खी रखी गई थीं। 30 मई को वे क्षेत्र के ही गांव भकरौला मोड़ की दुकान से चार चीनी की बोरी खरीदकर लाए और एक-एक कर उन्हें पेटियों में मधुमक्खियों के भोजन के लिए डालना शुरू किया। इसके कुछ देर बाद ही मधुमक्खियां मरना शुरू हो गईं।
करीब 125 पेटियों में चीनी डाल पाए और जब गौर किया तो चीनी अन्य पेटियों में डालना रोक दिया। हैरत की बात है कि बाकी में मधुमक्खी सुरक्षित हैं, जिन पेटियों में चीनी डाली गई, उनमें मक्खियों की मौत हो गई। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 429 के तहत चीनी विक्रेता पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इधर, उद्यान विभाग को मौत का कारण जानने के लिए पत्र लिखा है और एफडीए को चीनी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
सीओ बोले- एफडीए की रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह का कहना है कि मडराक में मधुमक्खी की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी जांच कराई जा रही है। एफडीए व उद्यान विभाग की रिपोर्ट यह साफ करेगी कि मौत कैसे हुई। उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
ये है धारा 429 में
पचास रुपये या उससे अधिक कीमत मूल्य के किसी भी पशु, जीव जंतु का वध करने, विष देने, विकलांग करने या निरुपयोगी बनाने का आरोप। जिसमें 5 वर्ष तक की सजा या जुर्माने का प्रावधान है।