Milk: अलीगढ़ में हर व्यक्ति के हिस्से आ रहा 875 ग्राम दूध, यहां से हर रोज एनसीआर भेजा जा रहा पांच लाख लीटर
यूपी के अलीगढ़ में प्रतिदिन 35 लाख लीटर दूध बनता है। यहां प्रति व्यक्ति 875 ग्राम दूध उपलब्ध है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। पांच लाख लीटर दूध रोजाना एनसीआर भेजा जा रहा है। जिले में दुधारू पशुओं की संख्या बढ़कर 14 लाख हो गई है।
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यूपी में सबसे ज्यादा दुग्ध उत्पादन करने वाले शीर्ष जिलों में से एक अलीगढ़ में हर व्यक्ति के हिस्से 875 ग्राम दूध आ रहा है। यह मात्रा राष्ट्रीय औसत से बहुत ज्यादा है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि अलीगढ़ में दुग्ध उत्पादन बढ़कर प्रतिदिन 35 लाख लीटर रोजाना तक पहुंच गया है। उत्पादन अधिक होने के चलते अब पांच लाख लीटर दूध रोजाना एनसीआर भेजा जा रहा है। बुलंदशहर के बाद अलीगढ़ एनसीआर के लिए सबसे बड़ा दुग्ध हब बना है।
वैश्विक भोजन के रूप में दूध के महत्व को पहचानने और लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल एक जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है। इस साल अलीगढ़ के लिए यह दिवस बहुत खास रहा, क्योंकि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए अलीगढ़ में दुधारू मवेशियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। पशुपालन विभाग के अनुसार अलीगढ़ में इनकी संख्या बढ़कर 14 लाख तक पहुंच गई है। इनमें 10 लाख भैंस, तीन लाख गाय और एक लाख बकरियां शामिल हैं। इनमें से सात लाख पशु प्रतिदिन औसतन पांच लीटर दूध देते हैं, जिससे जिले का दैनिक उत्पादन 35 लाख लीटर तक पहुंच गया है।
जिले की कुल अनुमानित आबादी 44 लाख के हिसाब से यह उपलब्धता प्रति व्यक्ति करीब 875 ग्राम प्रतिदिन बैठती है। प्रतिदिन 35 में से 20 लाख लीटर दूध की खपत अलीगढ़ में हो रही है। मिठाई, खोवा, घी, दही, छाछ, मठ्ठा और अन्य दुग्ध उत्पादों में लगभग 10 लाख लीटर दूध उपयोग हो रहा है। बकाया पांच लाख लीटर दूध दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत एनसीआर के बाजारों में भेजा जा रहा है।
वर्ष 2024 में जारी आईसीएमआर के आहार दिशानिर्देश बताते हैं कि एक सामान्य वयस्क को प्रतिदिन लगभग 300 मिलीलीटर दूध लेना चाहिए। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह मात्रा 400 मिलीलीटर प्रतिदिन तक है। ऐसे में अलीगढ़ में प्रति व्यक्ति करीब 875 ग्राम दूध की उपलब्धता जिले को दुग्ध समृद्ध क्षेत्रों की श्रेणी में खड़ा कर रही है। इसका बड़ा असर प्रदेश स्तर पर भी देखने को मिला है। 2016-17 से 2024-25 के बीच उत्तर प्रदेश में दूध का उत्पादन 40 फीसदी बढ़ा है। कुल दुग्ध उत्पादन 277 लाख टन से बढ़कर 388 लाख टन तक पहुंच गया। देश के कुल दूध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 16 फीसदी है जबकि उत्तर प्रदेश के कुल उत्पादन में 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, मेरठ, आगरा, हाथरस और अलीगढ़ जिले की है।
अलीगढ़ का औसत दूध उत्पादन लगभग 35 लाख लीटर रोजाना पहुंच गया है। घरेलू जरूरतें बेहतर ढंग से पूरी हो रहीं हैं। रोजाना लगभग पांच लाख लीटर दूध दिल्ली एनसीआर भेजा जा रहा है, जिससे किसानों की आय में इजाफा हुआ है। -डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों में पराग डेयरी से जुड़े किसानों का दूध उत्पादन बीते चार साल में बढ़ा है। वर्तमान में यह 24,344 लीटर तक पहुंच गया है, अब इसको 25 हजार लीटर रोजाना तक पहुंचाने का लक्ष्य है।-संजीव, प्रधान प्रबंधक, पराग डेयरी
चार साल में 73 फीसदी बढ़ा उत्पादन
अलीगढ़ मंडल में सहकारी समितियों से इन दिनों रोजाना 24,344 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। 12,430 सदस्यों वाली इन समितियों में 6,736 किसान दूध उत्पादन कर रहे हैं। इसमें साल दर साल लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2023 में यह 14,000 लीटर, वर्ष 2024 में 16,169 लीटर और वर्ष 2025 में 19,406 और वर्ष 2026 में 24,344 लीटर तक पहुंच गया है। इस तरह से बीते चार साल में इसमें लगभग 73 फीसदी की बड़ी वृद्धि हो चुकी है।
सवा लाख पैकेट पैक्ड दूध का कारोबार
अलीगढ़ में पराग की सहकारी समिति के मेरठ के प्लांट से रोजाना लगभग पांच हजार पैकेट पैक्ड दूध आता है। जिसकी यहां पर बिक्री होती है। इसके अलावा अमूल, मदर डेयरी, अनांदा और अन्य कंपनियों के पैक्ड दूध का बड़ा कारोबार हो रहा है। रोजाना लगभग सवा लाख पैकेट पैक्ड दूध बिक रहा है।
छह बड़े कारण, जिन्होंने बढ़ाया दूध
1-नंदनी कृषक समृद्धि योजना
2-मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना
3-मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना
4-मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश
5-मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना
6- बड़े प्रोजेक्ट पर अनुदान