Aligarh: MBA की छात्रा की मौत, कॉलेज के हॉस्टल में फंदे से मिली लटकी; परिवार के इस फैसले से सब हैरान
अलबरकात मैनेजमेंट स्टडीज की एमबीए अंतिम वर्ष की छात्रा सुंबुल ने कैंपस के हॉस्टल में आत्महत्या कर ली। उनका शव 25 जनवरी सुबह हॉस्टल के बाथरूम में दुपट्टे के फंदे पर झूलता मिला।
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अलीगढ़ महानगर के अनूपशहर रोड के निजी शिक्षण संस्थान अलबरकात मैनेजमेंट स्टडीज की एमबीए अंतिम वर्ष की छात्रा सुंबुल ने कैंपस के हॉस्टल में आत्महत्या कर ली। उनका शव 25 जनवरी सुबह हॉस्टल के बाथरूम में दुपट्टे के फंदे पर झूलता मिला। आनन फानन उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
खबर पर आए परिजन बिना किसी पुलिस कार्रवाई या पोस्टमार्टम के शव को साथ ले गए। उन्होंने पुलिस को बेटी के डिप्रेशन में होने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार मूल रूप से लखीमपुरखीरी जनपद के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के रसूलपुर के अयूब खां की बेटी सुंबुल (23) अलबरकात से एमबीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। वह कॉलेज कैंपस में ही हॉस्टल में रहती थीं।
साथ में एमबीए की पढ़ाई कर रही सुंबुल की ममेरी बहन ने परिवार को घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि रात को सुंबुल अच्छी भली खाना खाकर अपने कमरे में सोई थी। सुबह के समय वह बाथरूम गई थी। इसके बाद काफी देर तक नहीं लौटी। उसने वहां जाकर देखा तो शव बाथरूम के अंदर चौखट के सहारे से दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ था। उसके शोर मचाने पर स्टाफ मौके पर पहुंचे और फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां कुछ देर के उपचार के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।
25 जनवरी दोपहर में परिजन भी आ गए। हालांकि, शुरुआत में कॉलेज की ओर से पुलिस को सूचना नहीं दी गई। मौत होने के बाद मेडिकल कॉलेज की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। जिस पर सिविल लाइंस व क्वार्सी पुलिस मौके पर पहुंच गईं। कॉलेज थाना क्वार्सी क्षेत्र में आता है, यहां की पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए पंचायतनामा आदि की औपचारिकताएं पूरी कीं। लेकिन परिवार ने कोई कार्रवाई न चाहने की बात कही तो बिना पोस्टमार्टम कराए शव परिवार को सौंप दिया।
अलबरकात कॉलेज की एमबीए अंतिम वर्ष की छात्रा ने हॉस्टल में आत्महत्या की है। छात्रा के परिवार की ओर से उसकी मानसिक बीमारी का हवाला देकर कार्रवाई या पोस्टमार्टम न चाहने की बात लिखित में दी गई। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। बाकी पहलुओं को भी देखा जा रहा है। - अभय पांडेय, सीओ तृतीय
यह छात्रा हॉस्टल में रहती थी। मानसिक रूप से बीमार होने के चलते उसने आत्महत्या की है। यह बात परिवार ने भी स्वीकारी है। - प्रो.जावेद अख्तर, निदेशक, अलबरकात मैनेजमेंट स्टडीज
अंतिम वर्ष के चलते थी हॉस्टल में, नहीं तो घर रखते
पुलिस के अनुसार परिवार की ओर से पुलिस को लिखकर दिया है कि छात्रा डिप्रेशन की शिकार थी और उसका काफी समय से लखनऊ के चिकित्सक का उपचार चल रहा था। चूंकि वह अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। परीक्षा का समय भी नजदीक था। इसलिए उसे हॉस्टल में रखने की मजबूरी थी। उसकी ममेरी बहन भी साथ रहती थी। अन्यथा उसे घर ही रखने का इरादा था। अब बेटी ने जान दे दी। इसके बाद कुछ नहीं कहना चाहते।