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अलीगढ़ः फर्जी आशा गैंग बनाकर कर रहे थे बच्चा बेचने का 'कारोबार'

Tue, 27 Jul 2021 12:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 12:45 AM IST
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Making a fake Asha gang, they were doing 'business' of selling children
अलीगढ़ पुलिस द्वारा पकड़े गए बच्चा चोरी करने के आरोपी। - फोटो : CITY OFFICE
अभिषेक शर्मा
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महानगर पुलिस द्वारा पकड़ा गया बच्चा चोरी कर बेचने वाला गैंग फर्जी आशाओं का गैंग बनाकर अलीगढ़ से लेकर एनसीआर तक बेहद सुनियोजित तरीके से चल रहा था। इस गैंग की सरगना मोमोज बेचने वाली बहन बबली और चाट की ढकेल लगाने वाला भाई धर्मवीर उर्फ धोनी हैं। इन दोनों ने मिलकर यह गैंग खड़ा किया और नि:संतान दंपतियों को बच्चे दिलाने का गोरखधंधा शुरू कर दिया। गैंग की महिलाएं आशा कार्यकर्ता बनकर ऐसे घरों से सौदा पटाकर लातीं, जहां या तो संतान नहीं है या फिर बेटे की चाहत है। इसी सौदे के आधार पर बबली और धोनी मिलकर अपने भाई व उसके दोस्तों से बच्चा चोरी कराते। फिर उस बच्चे को आगे बेचा जाता था। गिरोह ने अब तक 6 बच्चे चोरी करना स्वीकारा है, पांच बरामद किए गए हैं, जबकि छठवां मुंबई में बेचा गया है। जिसकी बरामदगी के लिए अलीगढ़-गाजियाबाद पुलिस संयुक्त रूप से प्रयास कर रही हैं। इधर, पकड़े गए सभी 16 लोगों को शाम को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद जेल भेज दिया गया है।
फर्जी माता-पिता बनकर बाकायदा गोद देते थे बच्चा
पुलिस जांच व पूछताछ में साफ हुआ कि बबली ने अपने मोहल्ले व परिचय की महिलाओं के साथ मिलकर यह काम शुरू किया। नि:संतान या बेटे की चाह रखने वाले दंपतियों को तलाशा जाता था। इन दंपतियों से सौदा बबली की वे महिला मित्र लेकर आती थीं, जो या तो पोलियो टीकाकरण अभियान में घर-घर जाती थीं या फिर खुद को आशा बताकर अस्पतालों में अपने बेहतर संबंध बताती हैं। इनका कहना होता था कि ऐसे निर्बल परिवारों के लोग उनके संपर्क में हैं जो बच्चे को गोद देने को तैयार हैं। फिर बबली अपने भाई दुर्योधन व उसके दोस्तों की मदद से ऐसे बच्चों की तलाश कराने जाती थी। वे चार-छह दिन के प्रयास में सड़क पटरियों पर रहने वाले घुमंतू जाति के परिवार के बच्चों को निशाना बनाकर रेकी करते थे। उनके फोटो खींचकर क्लाइंट को भेजे जाते थे। सौदा तय किया जाता था। बच्चा पसंद आने पर उसे चोरी किया जाता और फिर इस रैकेट की किसी महिला को उस बच्चे की मां बनाकर उसका फर्जी गोदनामा एक शपथ पत्र पर तैयार कर उस बच्चे को बेच दिया जाता था।
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सरोज नगर कांड में एक सीसीटीवी फुटेज ने दिलाई सफलता
22 जुलाई को सरोज नगर के बाहर से जब लोहा पीटने वाले परिवार की बच्ची चोरी हुई तो इस घटना से दहशत में आए परिवारों ने अपने बच्चों को जंजीरों में बांधकर रखना शुरू कर दिया। इस मामले को एसएसपी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल थाना पुलिस के साथ-साथ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, सर्विलांस को काम पर लगाया। इसी दौरान बाईपास पर क्वार्सी व एटा चुंगी की ओर सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस को एटा चुंगी के सीसीटीवी में 22 जुलाई की रात में एक बाइक पर दो युवक जाते दिखाई दिए। जिनके बीच में से बच्चे के पैर हवा में लहराते दिखाई दिए। बस उसी फुटेज ने इन बाइक सवारों पर शक पैदा कर दिया और साफ हो गया कि हो न हो, ये बच्चा चोर हैं। उनकी बाइक के नंबर व हुलिया और कदकाठी के आधार पर जब काम शुरू किया गया तो इस रैकेट तक पुलिस पहुंच गई। हालांकि सरोज नगर की घटना के बाद ये दोनों बाइक सवार शहर छोड़कर गाजियाबाद चले गए थे और पुलिस इनके पीछे लगी थी।
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बच्चा चोरी से पहले सटीक मुखबिरी
सीसीटीवी में दोनों का हुलिया कैद होने पर मुखबिरों ने इनकी पहचान भी कर दी थी। रविवार दोपहर में मुखबिरों ने पुलिस को इनपुट दिया कि आज वे दोनों अलीगढ़ आ रहे हैं और किसी बच्चे की चोरी का इरादा है। इस पर पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं और देर रात बाइक पर घूमते तीनों आरोपियों को दबोचा गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरा रैकेट हत्थे चढ़ गया। अभी दो महिलाओं के नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है।

इस तरह चोरी और बरामद हुए बच्चे
1- दिसंबर 2020 में हज हाउस गाजियाबाद से चोरी बच्चा दादरी की महिला को डेढ़ लाख में बेचा, उस महिला ने मुंबई ले जाकर बेचा है बच्चा, बरामद नहीं।
2- फरवरी 2021 में हज हाउस गाजियाबाद से चोरी 9 माह का बच्चा जीवनगढ़ की महिला के जरिये हाथपुल देहली गेट के जाहिद को एक लाख में बेचा, बरामद।
3- गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पीछे से 2 माह की बच्ची चोरी कर लाई गई, जिसे गैंग सरगना की पड़ोसन के घर से बरामद किया गया।
4- गांधीपार्क थाने के सामने से डेढ़ वर्षीय बच्चा चोरी किया गया, जिसे पड़ोस के आकाश दंपती को 45 हजार रुपये में बेचा गया, बरामद किया।
5- 20 जून 2021 को गांधीपार्क थाने के सामने लोहा पीटने वाले का 13 माह का बच्चा चोरी किया गया, जिसे मध्यस्थों के जरिये 5 लाख में खैर के सर्राफ को बेचा, बरामद।
6- 22 जून 2021 को सरोज नगर के लोहा पीटने वाले की 2 साल की बच्ची को चोरी की गई, जिसका अभी सौदा नहीं हुआ, घर से बरामद की गई है।
ये हैं रैकेट के सदस्य और खरीदार
मुख्य सरगना: - बबली चोरी करने वाले की बहन। धर्मवीर उर्फ धोनी बबली का भाई और सहयोगी।
चोरी करने वाले: - दुर्योधन बबली का भाई, अनिल व शुभम।
खरीदार : - आकाश, सराफ संजय गोयल, जाहिद।
मध्यस्थ और सहयोगी: - नेहा, रश्मि, चांदनी उर्फ राजकुमारी, अनीता पत्नी धर्मवीर उर्फ धोनी, रेखा देवी, गुलफ्शा उर्फ गुल्लू , रुखसार, हाजरा।
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