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महाशिवरात्रि : आस्था के सैलाब में सब शिवमय
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खेरेश्वर धाम मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : CITY OFFICE
महाशिवरात्रि पर आस्था के सैलाब में सब कुछ शिव, शिव हो गया। कांवड़िया ही नहीं घर-घर, बड़े-बच्चे, बूढ़े और महिलाएं सभी शिवमय हो गए। हाथों में गंगाजल, जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, भांग, भतूरा, पुष्पादि के साथ महानगर खेरेश्वर, अचलेश्वर व मंगलेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
एक-दूसरे से सटे हुए, अभिषेक की सामग्री गिरने से बचाते हुए, छोटे बच्चों को कंधे पर बिठाए हुए हर हर, बम बम, हर हर महादेव का स्वर गुंजायमान करते हुए श्रद्धालुओं को शिव के धाम पहुंचने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ा। खेरेश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार की शाम छह बजे तक करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु खेरेश्वर महादेव का दर्शन कर चुके थे। देर शाम तक श्रद्धालुओं की लाइन टूटने का नाम नहीं ले रही थी।
कोरोना काल के बाद महाशिवरात्रि में गंगा स्नान, कांवड़ यात्रा, मंदिरों में जलाभिषेक की अनुमति मिली तो सोमवार की शाम से शिवालयों में कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगी थी। महानगर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं को सिर्फ जलाभिषेक की अनुमति थी। अन्य मंदिरों में पूरे दिन भर भक्तों ने विविध प्रकार से भगवान शिव का अभिषेक किया। महानगर की सड़कों पर शिव बरात निकाली गईं। जगह-जगह से डोले और शोभायात्राएं निकलीं। इससे पूरा शहर शिव भक्ति में रमा रहा।
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महानगर के खेरेश्वर महादेव मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर, मंगलेश्वर महादेव मंदिर समेत बिजौली के शिव मंदिर व इगलास के सहारा खुर्द स्थित तीन शिवालयों में सोमवार को रात 12 बजे के बाद जलाभिषेक शुरू हो गया था जो मंगलवार देर शाम तक जारी रहा। अन्य जगह मंदिरों में भक्तों ने रुद्राभिषेक का भी अनुष्ठान किया।
पिछले साल के मुकाबले दोगुने पहुंचे श्रद्धालु
वर्ष 2020 में महाशिवरात्रि के बाद भारत में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी। 2020 में मार्च के अंत में कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया था। वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण की दर कुछ कम होने पर महाशिवरात्रि पर मंदिर खुले थे, लेकिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। खेरेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह के अनुसार वर्ष 2021 में करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। वर्ष 2022 में लॉकडाउन से मुक्ति और कोरोना संक्रमण की दर में सुस्ती पर श्रद्धालु शिवालयों में उमड़ पड़े।
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एक-दूसरे से सटे हुए, अभिषेक की सामग्री गिरने से बचाते हुए, छोटे बच्चों को कंधे पर बिठाए हुए हर हर, बम बम, हर हर महादेव का स्वर गुंजायमान करते हुए श्रद्धालुओं को शिव के धाम पहुंचने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ा। खेरेश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार की शाम छह बजे तक करीब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु खेरेश्वर महादेव का दर्शन कर चुके थे। देर शाम तक श्रद्धालुओं की लाइन टूटने का नाम नहीं ले रही थी।
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कोरोना काल के बाद महाशिवरात्रि में गंगा स्नान, कांवड़ यात्रा, मंदिरों में जलाभिषेक की अनुमति मिली तो सोमवार की शाम से शिवालयों में कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगी थी। महानगर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं को सिर्फ जलाभिषेक की अनुमति थी। अन्य मंदिरों में पूरे दिन भर भक्तों ने विविध प्रकार से भगवान शिव का अभिषेक किया। महानगर की सड़कों पर शिव बरात निकाली गईं। जगह-जगह से डोले और शोभायात्राएं निकलीं। इससे पूरा शहर शिव भक्ति में रमा रहा।
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महानगर के खेरेश्वर महादेव मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर, मंगलेश्वर महादेव मंदिर समेत बिजौली के शिव मंदिर व इगलास के सहारा खुर्द स्थित तीन शिवालयों में सोमवार को रात 12 बजे के बाद जलाभिषेक शुरू हो गया था जो मंगलवार देर शाम तक जारी रहा। अन्य जगह मंदिरों में भक्तों ने रुद्राभिषेक का भी अनुष्ठान किया।
पिछले साल के मुकाबले दोगुने पहुंचे श्रद्धालु
वर्ष 2020 में महाशिवरात्रि के बाद भारत में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी। 2020 में मार्च के अंत में कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया था। वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण की दर कुछ कम होने पर महाशिवरात्रि पर मंदिर खुले थे, लेकिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। खेरेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह के अनुसार वर्ष 2021 में करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। वर्ष 2022 में लॉकडाउन से मुक्ति और कोरोना संक्रमण की दर में सुस्ती पर श्रद्धालु शिवालयों में उमड़ पड़े।