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भाजपा महानगर अध्यक्ष पद के चुनाव में महाभारत
अलीगढ़
Updated Tue, 29 Dec 2015 02:06 AM IST
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भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष पद चुनाव में महाभारत का नजारा देखने को मिला। अध्यक्ष पद के नामांकन करने आए भाजपा नेता एवं समर्थकों ने महामंत्री की कुर्सी खींच कर गिरा दिया। दोनों नेताओं के बीच जमकर नोकझोंक एवं कहासुनी हुई। मौके पर मौजूद मुख्य चुनाव अधिकारी अशोक कटारिया के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
बारहद्वारी स्थित महानगर कार्यालय में सोमवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष एवं प्रदेश परिषद के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही थी। भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष एवं सभासद रह चुके भाजपा नेता संजय गोयल नामांकन करने पहुंचे। नामांकन फार्म की जांच के लिए बैठाए गए महानगर महामंत्री वीरेंद्र शर्मा ने यह कहकर संजय गोयल का फार्म स्वीकार करने से इंकार कर दिया कि नामांकन फार्म के साथ वापसी फार्म भी भरकर जमा करे तब फार्म स्वीकार किया जाएगा। इस पर संजय गोयल भड़क गए और महामंत्री वीरेंद्र सिंह से उलझ गए।
संजय गोयल ने वीरेंद्र शर्मा को चुनौती दी कि तुम मेरा नामांकन रोकने वाले कौन हो। संजय गोयल के आक्रामक तेवर देख वहां मौजूद लोग दंग रह गए। वीरेंद्र शर्मा का आरोप है कि संजय गोयल ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और कुर्सी खींच दी, जिसके कारण मैं गिर गया।
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वीरेंद्र शर्मा का कहना है कि संजय गोयल ने क्यों उनके साथ गलत व्यवहार किया, वह नहीं जानता। यदि कोई शिकायत थी तो अधिकारी से करते। वहीं संजय गोयल का कहना है कि कन्फ्यूजन के कारण विवाद हुआ। या तो मेरे सुनने में भूल हुई या वीरेंद्र शर्मा ने गलत बोला होगा।
बहरहाल मुख्य चुनाव अधिकारी एवं नेताओं के कहने पर मैने वीरेंद्र शर्मा ने क्षमा मांग ली। हाथापाई एवं कुर्सी खींचने का आरोप सही नहीं है। गोयल ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि नामांकन फार्म के साथ वापसी का फार्म भी साथ-साथ जमा करना है।
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बारहद्वारी स्थित महानगर कार्यालय में सोमवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष एवं प्रदेश परिषद के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही थी। भाजयुमो के पूर्व अध्यक्ष एवं सभासद रह चुके भाजपा नेता संजय गोयल नामांकन करने पहुंचे। नामांकन फार्म की जांच के लिए बैठाए गए महानगर महामंत्री वीरेंद्र शर्मा ने यह कहकर संजय गोयल का फार्म स्वीकार करने से इंकार कर दिया कि नामांकन फार्म के साथ वापसी फार्म भी भरकर जमा करे तब फार्म स्वीकार किया जाएगा। इस पर संजय गोयल भड़क गए और महामंत्री वीरेंद्र सिंह से उलझ गए।
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संजय गोयल ने वीरेंद्र शर्मा को चुनौती दी कि तुम मेरा नामांकन रोकने वाले कौन हो। संजय गोयल के आक्रामक तेवर देख वहां मौजूद लोग दंग रह गए। वीरेंद्र शर्मा का आरोप है कि संजय गोयल ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और कुर्सी खींच दी, जिसके कारण मैं गिर गया।
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वीरेंद्र शर्मा का कहना है कि संजय गोयल ने क्यों उनके साथ गलत व्यवहार किया, वह नहीं जानता। यदि कोई शिकायत थी तो अधिकारी से करते। वहीं संजय गोयल का कहना है कि कन्फ्यूजन के कारण विवाद हुआ। या तो मेरे सुनने में भूल हुई या वीरेंद्र शर्मा ने गलत बोला होगा।
बहरहाल मुख्य चुनाव अधिकारी एवं नेताओं के कहने पर मैने वीरेंद्र शर्मा ने क्षमा मांग ली। हाथापाई एवं कुर्सी खींचने का आरोप सही नहीं है। गोयल ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि नामांकन फार्म के साथ वापसी का फार्म भी साथ-साथ जमा करना है।