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मैजिक पेन प्रकरण : स्थायी परिचालक निलंबित छह की संविदा हुई समाप्त
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मैजिक पेन से यात्रियों के साथ-साथ परिवहन निगम को चूना लगाने वाले सात परिचालक पकड़ में आ गए हैं। इस पर स्थायी परिचालक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि छह संविदा परिचालकों की संविदा समाप्त कर दी गई है। इनमें से एक संविदा परिचालक की संविदा जनवरी में समाप्त की गई थी। ये सातों परिचालक बुद्ध विहार डिपो के हैं। एआरएम बुद्ध विहार को इन परिचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा गया है।
परिवहन निगम के परिचालक मैजिक पेन (लिखने के कुछ देर बाद स्याही गायब हो जाती है) से यात्रियों को हस्तलिखित टिकट काटते थे। वेबिल पर भी ब्योरा मैजिक पेन से भरते थे। रास्ते में अगर कोई चेकिंग हो जाए तो वेबिल दिखा देते थे। लेकिन धूप, गर्मी या बल्ब की रोशनी में वेबिल की लिखावट गायब हो जाती थी। ड्यूटी पूरी होेने के बाद परिचालक सामान्य पेन से वेबिल में कमाई के मनमाफिक आंकड़े लिखकर जमा कर देते थे। आंकड़ों में हेरफेर करके रुपया अपनी जेब में रख लेते थे।
पिछले दिनों खुर्जा के यातायात निरीक्षक ने इस मामले को पकड़ा था और इसकी शिकायत लखनऊ मुख्यालय से की थी। इसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया था। मुख्यालय के साथ स्थानीय टीमों ने अलीगढ़ मंडल के अलीगढ़, हाथरस, एटा व कासगंज डिपो में जांच शुरू कर दी थी। जांच में सबसे पहले बुद्ध विहार डिपो का संविदा परिचालक रामकुमार पकड़ में आया था, इस पर जनवरी में उसकी संविदा समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद की जांच में बुद्ध विहार डिपो के छह परिचालक और पकड़ में आए। इनमें स्थायी परिचालक पुष्पेंद्र को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संविदा परिचालक संदीप गोविल, जय प्रकाश शर्मा, राहुल कुमार, प्रभात कुमार और सचिन कुमार की संविदा समाप्त कर दी गई है।
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बुद्ध विहार डिपो के एक स्थायी और छह संविदा परिचालकों द्वारा वेबिल पर मैजिक पेन का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच के बाद स्थायी परिचालक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि बाकी छह की संविदा समाप्त कर दी गई है। एआरएम बुद्ध विहार को इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा गया है।
- मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंध परिवहन निगम।
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परिवहन निगम के परिचालक मैजिक पेन (लिखने के कुछ देर बाद स्याही गायब हो जाती है) से यात्रियों को हस्तलिखित टिकट काटते थे। वेबिल पर भी ब्योरा मैजिक पेन से भरते थे। रास्ते में अगर कोई चेकिंग हो जाए तो वेबिल दिखा देते थे। लेकिन धूप, गर्मी या बल्ब की रोशनी में वेबिल की लिखावट गायब हो जाती थी। ड्यूटी पूरी होेने के बाद परिचालक सामान्य पेन से वेबिल में कमाई के मनमाफिक आंकड़े लिखकर जमा कर देते थे। आंकड़ों में हेरफेर करके रुपया अपनी जेब में रख लेते थे।
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पिछले दिनों खुर्जा के यातायात निरीक्षक ने इस मामले को पकड़ा था और इसकी शिकायत लखनऊ मुख्यालय से की थी। इसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया था। मुख्यालय के साथ स्थानीय टीमों ने अलीगढ़ मंडल के अलीगढ़, हाथरस, एटा व कासगंज डिपो में जांच शुरू कर दी थी। जांच में सबसे पहले बुद्ध विहार डिपो का संविदा परिचालक रामकुमार पकड़ में आया था, इस पर जनवरी में उसकी संविदा समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद की जांच में बुद्ध विहार डिपो के छह परिचालक और पकड़ में आए। इनमें स्थायी परिचालक पुष्पेंद्र को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संविदा परिचालक संदीप गोविल, जय प्रकाश शर्मा, राहुल कुमार, प्रभात कुमार और सचिन कुमार की संविदा समाप्त कर दी गई है।
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बुद्ध विहार डिपो के एक स्थायी और छह संविदा परिचालकों द्वारा वेबिल पर मैजिक पेन का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच के बाद स्थायी परिचालक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि बाकी छह की संविदा समाप्त कर दी गई है। एआरएम बुद्ध विहार को इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा गया है।
- मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंध परिवहन निगम।