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अलीगढ़: बरेली पैसेंजर में ‘भीड़ हिंसा’ का शिकार हुआ था मदरसे का छात्र, अब जाकर पुलिस को दी तहरीर
Fri, 28 Jun 2019 12:04 AM IST
Abhishek Singh
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: Abhishek Singh
Updated Fri, 28 Jun 2019 12:04 AM IST
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बरेली पैसेंजर ट्रेन में कथित भीड़ हिंसा का शिकार छात्र
- फोटो : Amar Ujala
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कासिमपुर पावर हाउस स्थित तालिब नगर के बरेली मदरसा में अध्ययनरत छात्र बरेली पैसेंजर ट्रेन में कथित भीड़ हिंसा का शिकार हुआ है। हालांकि घटना 10 दिन पहले गांव से बरेली जाते समय राजघाट-बबराला के मध्य हुई। मगर अब आकर उसने अपनी व्यथा पुलिस को सुनाई, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ पीड़ित की तहरीर ले ली है। जिसके आधार पर रात में मुकदमा दर्ज किया जा रहा था।
जवां तालिब नगर निवासी 17 वर्षीय हाफिज मोहम्मद फरमान नियाजी उर्फ मुजीबुर्रहमान बरेली के ख्वाजा कुतुब इलाके के मदरसा खानकाह आलिया नियाजिया अजीजुल उलूम में छात्र है। उसके बड़े भाई यहां एएमयू में सुरक्षा गार्ड हैं।
वाकये के अनुसार 17 जून की दोपहर बरेली जाने के लिए वह बरेली पैसेंजर ट्रेन में सुनामई रेलवे हॉल्ट से सवार हुआ। उसकाआरोप है कि ट्रेन राजघाट से आगे निकली, तभी उसमें सवार आधा दर्जन से अधिक युवकों ने उसे घेरकर धार्मिक नारेबाजी करते हुए और धार्मिंक गालियां देते हुए छींटाकशी करना शुरू कर दिया।
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उसने ऐतराज दर्ज कराया तो उसके सिर से टोपी उतारकर चलती ट्रेन से बाहर फेंक दी। इन लोगों ने वहां मारपीट शुरू कर दी और उसका चश्मा तोड़ दिया, कपड़े तक फाड़ दिए। उनकी मारपीट के चलते वह बेहोश हो गया। अराजकता का आलम यह था कि न तो उसे किसी ने बचाया और न कोई उनका वीडियो तक बना सका।
अगले दिन 18 जून की सुबह जब उसे होश आया तो वह बबराला क्षेत्र में कहीं जंगलों में पड़ा था और उसके आसपास कुछ महिलाएं खड़ी थीं। उन्हीं महिलाओं ने उसे पानी डालकर होश में लाया था। उसका टूटा चश्मा और फटे कपड़े भी वहीं थे। जेब में आधार कार्ड भी था, जिसके आधार पर उन्हीं महिलाओं की मदद से युवक किसी तरह अलीगढ़ के लिए बस में सवार हुआ।
वापस घर आने पर उसने अपने भाई को पूरी बात बताई। इसके बाद भाई उसे चुपचाप ले जाकर बरेली छोड़ आया। इस बीच एएमयू सुरक्षाकर्मी भाई ने कुछ एएमयू छात्र नेता फैजुल हसन को यह वाकया बताया। इस पर युवक को 25 जून की शाम को बरेली से वापस बुलाकर रेलवे पुलिस को जानकारी दी। मगर रेलवे पुलिस स्तर से मदद नहीं मिली। बाद में मामला स्थानीय पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।
इस पर देर रात जवां थाने में पीड़ित की ओर से अज्ञात युवकों के खिलाफ तहरीर दी गई है। सीओ तृतीय अनिल समानिया के अनुसार मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा जवां थाने में दर्ज किया जा रहा है। बाकी मामले में चंदौसी जीआरपी को भी बता दिया गया है। जांच के लिए प्रकरण वहीं ट्रांसफर
किया जाएगा। रहा सवाल युवक संग घटना का तो वह कौन लोग थे और क्यों यह सब हुआ, जांच के बाद ही तय होगा।
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जवां तालिब नगर निवासी 17 वर्षीय हाफिज मोहम्मद फरमान नियाजी उर्फ मुजीबुर्रहमान बरेली के ख्वाजा कुतुब इलाके के मदरसा खानकाह आलिया नियाजिया अजीजुल उलूम में छात्र है। उसके बड़े भाई यहां एएमयू में सुरक्षा गार्ड हैं।
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वाकये के अनुसार 17 जून की दोपहर बरेली जाने के लिए वह बरेली पैसेंजर ट्रेन में सुनामई रेलवे हॉल्ट से सवार हुआ। उसकाआरोप है कि ट्रेन राजघाट से आगे निकली, तभी उसमें सवार आधा दर्जन से अधिक युवकों ने उसे घेरकर धार्मिक नारेबाजी करते हुए और धार्मिंक गालियां देते हुए छींटाकशी करना शुरू कर दिया।
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उसने ऐतराज दर्ज कराया तो उसके सिर से टोपी उतारकर चलती ट्रेन से बाहर फेंक दी। इन लोगों ने वहां मारपीट शुरू कर दी और उसका चश्मा तोड़ दिया, कपड़े तक फाड़ दिए। उनकी मारपीट के चलते वह बेहोश हो गया। अराजकता का आलम यह था कि न तो उसे किसी ने बचाया और न कोई उनका वीडियो तक बना सका।
अगले दिन 18 जून की सुबह जब उसे होश आया तो वह बबराला क्षेत्र में कहीं जंगलों में पड़ा था और उसके आसपास कुछ महिलाएं खड़ी थीं। उन्हीं महिलाओं ने उसे पानी डालकर होश में लाया था। उसका टूटा चश्मा और फटे कपड़े भी वहीं थे। जेब में आधार कार्ड भी था, जिसके आधार पर उन्हीं महिलाओं की मदद से युवक किसी तरह अलीगढ़ के लिए बस में सवार हुआ।
वापस घर आने पर उसने अपने भाई को पूरी बात बताई। इसके बाद भाई उसे चुपचाप ले जाकर बरेली छोड़ आया। इस बीच एएमयू सुरक्षाकर्मी भाई ने कुछ एएमयू छात्र नेता फैजुल हसन को यह वाकया बताया। इस पर युवक को 25 जून की शाम को बरेली से वापस बुलाकर रेलवे पुलिस को जानकारी दी। मगर रेलवे पुलिस स्तर से मदद नहीं मिली। बाद में मामला स्थानीय पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।
इस पर देर रात जवां थाने में पीड़ित की ओर से अज्ञात युवकों के खिलाफ तहरीर दी गई है। सीओ तृतीय अनिल समानिया के अनुसार मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा जवां थाने में दर्ज किया जा रहा है। बाकी मामले में चंदौसी जीआरपी को भी बता दिया गया है। जांच के लिए प्रकरण वहीं ट्रांसफर
किया जाएगा। रहा सवाल युवक संग घटना का तो वह कौन लोग थे और क्यों यह सब हुआ, जांच के बाद ही तय होगा।