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रामघाट पर श्रद्धालुओं की संख्या का नहीं था अनुमान, आफत में आ गई थी जान

Thu, 11 Mar 2021 01:56 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Mar 2021 01:56 AM IST
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lots of kanvariya yatri gathred on mahashivratri
महाशिवरात्रि पर श्री खेरेश्वर धाम मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए मंदिर का द्वार खुलने का इंतजार ? - फोटो : CITY OFFICE
रामघाट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का जिला प्रशासन अनुमान नहीं लगाया पाया। बुधवार सुबह आठ बजे जन सैलाब उमड़ा तो हजारा नहर पर कांवड़ियों की जान आफत में आ गई थी। सैकड़ों की संख्या में कांवड़िये नहर में गिर गए। बाल-बाल बचे सादाबाद के नीति निवास गांव के श्रद्धालुओं ने बताया कि उनको महाशिवरात्रि पर दूसरा जीवन मिला है। पुलिस प्रशासन ने शाम साढ़े तीन बजे बांस का पुल बनवाया, तब कहीं जाकर हालात सामान्य हुए।
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यह आंखों देखा हाल सादाबाद के नीति निवास गांव के सुरेश कुमार कुशवाहा पुत्र राजू, आकाश ओझा पुत्र कृष्ण कुमार ओझा, दिलीप पुत्र खेमचंद, विकास ओझा पुत्र विनय कुमार ओझा, बृजमोहन पुत्र मित्रपाल, अजय पुत्र राजू ने बताया। श्रद्धालुओं ने बताया, सुबह आठ बजे सभी ने कांवड़ भर ली थी। रामघाट के हजारा नहर पुल पर अलीगढ़ से पहुंचने वाले लोगों की संख्या एकाएक बढ़ गई। दोनों तरफ से भीड़ इतनी बढ़ गई कि धक्का-मुक्की होने लगी।
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इसी जद्दोजहद के बीच सैकड़ों श्रद्धालु नहर में गिर गए। हजारा नहर गहरी भी है। मौके पर तैराकों ने डूबते कांवड़ियों को बचाया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां भी फटकारी। हम सभी गिरने से बाल-बाल बचे। जैसे तैसे पीछे घाट की तरफ चले गए। काफी देर तक भीड़ कम होने का इंतजार किया। सभी का कहना था, जिला प्रशासन को कांवड़ियों की संख्या का अनुमान नहीं था। पहली बार इतनी भीड़ देखी है। पुल पर तो लगा था कि आज तो जान गई। बस भोलेनाथ की कृपा रही और बचने से गिर गए।
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हजारा नहर के पहले पुल पर चार घंटे फंसे रहे धनीपुर के योगेश
धनीपुर के संजय गांधी कॉलोनी निवासी योगेश कुमार ने बताया कि वह बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे बस से रामघाट पहुंचे थे। हजारा नहर के पहले पुल पर भीड़ काफी थी। जब पुल पर भीड़ नहीं समाई तो पानी रोकने के लिए बने बांध के ऊपर से होकर कांवड़िए निकलने लगे। यहां बांध में कोई गिर जाता तो जख्मी हो जाता।
पुलिस ने बल प्रयोग कर यहां का आवागमन बंद कराया। योगेश ने बताया कि जब हजारा नहर के दूसरे पुल पर बड़ी मशक्कत करते डेढ़ बजे तक पहुंचे। यहां से पुलिस ने नहर में लोगों के गिरने और भीड़ में दबने की जानकारी देकर नरौरा की तरफ जाने के लिए कहा। इसके बाद ढाई बजे तक नरौरा पहुंचे। वहां से कांवड़ भरकर सवा तीन बजे चले। 1999 से कांवड़ लेकर आ रहा हूं। इतनी भीड़ आज तक नहीं देखी है।

150 रुपये की कांवड़ बिकी दो हजार रुपये में
कांवड़ियों ने बताया कि रामघाट पर 150 रुपये की कांवड़ दो हजार रुपये में बिक रही थी। मजबूरन दो हजार रुपये में कांवड़ खरीदकर भरकर लाए हैं।
भीड़ ने पीट डाले पुलिस कर्मी
कांवड़ियों ने बताया कि हजारा नहर के दूसरे पुल पर भीड़ को संभालने के लिए पुलिस ने लाठी फटकारी तो कुछ श्रद्धालु नाराज हो गए थे। उन्होंने भी पुलिसवालों की वर्दी पकड़कर गिरा दिया। हाथापाई भी हुई। इसी चक्कर में पुल पर भगदड़ की स्थिति बनी थी।

अचलेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिये लगी कांवड़ियों की भीड़।

अचलेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिये लगी कांवड़ियों की भीड़।- फोटो : CITY OFFICE

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