डीएवी इंटर कॉलेज के मैदान में चल रही श्री हनुमंत कथा में बृहस्पतिवार को लंका दहन का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास डॉ. अनुराग कृष्ण पाठक ने हनुमानजी की भक्ति, बुद्धि, पराक्रम और सेवा भावना का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि बजरंगबली ने अपने लिए कभी कुछ नहीं मांगा।
उनका प्रत्येक कार्य प्रभु श्रीराम और लोककल्याण के लिए रहा। कथाव्यास ने कहा कि हनुमानजी के चरित में भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम है। आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने प्रभु के दूत के रूप में विनम्रता दिखाई और अधर्म के सामने अपने पराक्रम का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि लंका दहन अहंकार, अधर्म और अत्याचार के विनाश का प्रतीक है। कोल विधायक अनिल पाराशर और उनकी पत्नी हेमलता पाराशर ने अतिथियों व श्रद्धालुओं का स्वागत किया। संचालन राजनारायण सिंह ने किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, आरएसएस के प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र, विभाग प्रचारक गोविंद, महानगर प्रचारक रामजी, पूर्व विधायक पप्पू भारतौल, देवेंद्र हनुमान आदि मौजूद रहे।