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Aligarh: दिन में गर्मी व रात को ठंड... लापरवाही से पड़ रहे बीमार, अस्पतालों में लगी लंबी लाइनें

Sat, 15 Oct 2022 12:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 15 Oct 2022 12:33 AM IST
सार

बारिश के बाद मौसम के बदलाव का असर सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार के रूप में नजर आ रहा है। बीमारियों के लिए यही मौसम जिम्मेदार होता है। इस दौरान नाक, कान, गले की एलर्जी, सांस लेते समय छाती में परेशानी, आंखों पर स्ट्रेन, आवाज बैठना, जुकाम व खांसी जैसी बीमारी ज्यादा होती हैं। 

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ligarh: Hot during the day and cold at night... ill due to carelessness
सर्दी जुकाम

विस्तार

तीन दिन की बारिश के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है। दिन में गर्मी का अहसास रहता है और रात को गुलाबी ठंड महसूस होने लगी है। ऐसे में लापरवाही लोगों की तबियत बिगाड़ रही है। खासतौर पर सर्दी व वायरल की चपेट में लोग आ रहे हैं। मलखान सिंह जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में मरीज पहुंच रहे हैं। मगर डॉक्टरों की कमी के चलते मरीज निजी अस्पतालों के सहारे उपचार पा रहे हैं।

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बारिश के बाद मौसम के बदलाव का असर सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार के रूप में नजर आ रहा है। बीमारियों के लिए यही मौसम जिम्मेदार होता है। इस दौरान नाक, कान, गले की एलर्जी, सांस लेते समय छाती में परेशानी, आंखों पर स्ट्रेन, आवाज बैठना, जुकाम व खांसी जैसी बीमारी ज्यादा होती हैं। ये बीमारियां इन दिनों होने वाली आतिशबाजी, फसल की कटाई, शुष्क मौसम, सड़कों पर उड़ती धूल आदि से होती हैं।
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कॉमन कोल्ड या जुकाम - इसमें नाक बंद हो जाती है। छींकें आती हैं। खांसी हो जाती है। गला खराब रहता है और बुखार भी आ जाता है। इसके फैलने का कारण वातावरण में मौजूद वायरस है। जो एक दूसरे में सांस के जरिए छींकने से या खांसने पर फैलता है। डेंगू, मलेरिया, फ्लू, चिकनगुनिया, पीलिया, डायरिया और हेपेटाइटिस भी वायरस से फैलते हैं। सामान्य दर्द और बुखार से लेकर एंकेफ्लाइटिस और मेनिनजाइटिस तक वायरल इंफेक्शन से हो सकता है।
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प्रदूषण है वायरस फैलने की वजह
जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ईश्वर देवी बत्रा कहती हैं कि इन दिनों वातावरण में स्मॉग की एक परत छाई रहती है। इसी हवा में हम सांस लेते हैं। जिसमें हजारों तरह के वायरस होते हैं। भीड़भाड़ वाली जगह पर इकट्ठा होने से भी वायरस फैलता है।

बच्चे हो रहे हैं मौसम का सबसे ज्यादा शिकार
शहर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास मल्होत्रा कहते हैं कि आम भाषा में बोले जाने वाले कॉमन कोल्ड या जुकाम की शुरुआत बच्चों में नाक बहने, छींक, आंखों से पानी आने और हल्की खांसी से होती है। इसे वायरल भी कहते हैं। बड़े लोग तो अपनी बीमारी के बारे में बता सकते हैं, लेकिन दूध पीता बच्चा बोल नहीं पाता। ऐसे बच्चे सांस लेते वक्त आवाजें करते हैं। ऐसा लगता है कि उनकी नाक में ब्लॉकेज है। बच्चा बेवजह रोने लगता है। उसे हल्का बुखार भी हो सकता है। दूसरी ओर ऐसे बच्चे जो बोल सकते हैं, उनमें भी वायरल के वही लक्षण होते हैं।


शाम को धुंध व रात को ओस कर रही परेशान
अलीगढ़। इस बीमारी को बढ़ाने के लिए शाम के समय विशेष तरह की धुंध व रात को ओस बड़ी जिम्मेदार है। लोगों को इस मौसम में सावधान रहने की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं।

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