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Aligarh News: बहू की हत्या में दोषी सास को उम्रकैद, आग लगाकर उतारा था मौत के घाट
Fri, 30 Sep 2022 01:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Sep 2022 01:51 AM IST
सार
घटना 30 अप्रैल 2011 की है। वादी मुकदमा मूल रूप से चौकड़ा मांट मथुरा हाल बालाजीपुरम औरंगाबाद मथुरा निवासी जयवीर सिंह ने इगलास में मुकदमा दर्ज कराया था।
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विस्तार
इगलास क्षेत्र के गांव अलहदा में विवाहिता की शादी के दस वर्ष बाद केरोसिन डालकर आग लगाकर मारने की घटना में दोषी सास को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-14 अभय प्रताप सिंह प्रथम की अदालत से सुनाया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार, घटना 30 अप्रैल 2011 की है। वादी मुकदमा मूल रूप से चौकड़ा मांट मथुरा हाल बालाजीपुरम औरंगाबाद मथुरा निवासी जयवीर सिंह ने इगलास में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें कहा कि उसने घटना से दस वर्ष पूर्व अपनी दो बहनों सावित्री व राजकुमारी की शादी अलहदा इगलास के दो भाइयों संतोष व हरिओम संग की थी।
शादी के बाद से ही सावित्री को उसकी सास वीरमती परेशान करने लगी। घटना वाले दिन मारपीट कर उसे केरोसिन डालकर जला दिया गया। उपचार के दौरान उसकी अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने सावित्री के मृत्यु पूर्व बयान भी दर्ज कराए।
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मुकदमे के आधार पर चार्जशीट आदि कार्रवाई की। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर वीरमती को दोषी करार दिया गया है। हालांकि घटना के समय वीरमती की ओर से कहीं दूसरी जगह होने की दलील दी गई। मगर उसे साबित नहीं किया जा सका। इस आधार पर उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
मतपेटिका लूट की घटना में जमानत अर्जी खारिज
चंडौस के गांव ओगीपुर में 23 अगस्त 2005 को पंचायत चुनाव के मतदान के दिन मतपेटिका लूट की घटना में नामजद की जमानत अर्जी एडीजे-3 राजेश भारद्वाज की अदालत से खारिज की गई है। एडीजीसी केएम जौहरी के अनुसार इस घटना में गांव के ही नामजद अजय की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया है।
पूर्व विधायक मामले में अभियोजन को आखिरी मौका
पूर्व विधायक वीरेश यादव के खिलाफ दादों थाने के वर्ष 2006 के मुकदमे में न्यायालय ने अभियोजन को गवाह पेशी का आखिरी मौका दिया है। एमपी/एमएलए मामलों की सुनवाई वाली निचली अदालत एसीजेएम प्रथम संदीप चौधरी के यहां इस प्रकरण में बृहस्पतिवार को सुनवाई की तारीख नियत थी। मगर नियत तारीख पर गवाह पेश नहीं किया जा सका। इस पर न्यायालय ने अंतिम अवसर देते हुए अब 11 अक्तूबर तारीख नियत कर दी है।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार, घटना 30 अप्रैल 2011 की है। वादी मुकदमा मूल रूप से चौकड़ा मांट मथुरा हाल बालाजीपुरम औरंगाबाद मथुरा निवासी जयवीर सिंह ने इगलास में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें कहा कि उसने घटना से दस वर्ष पूर्व अपनी दो बहनों सावित्री व राजकुमारी की शादी अलहदा इगलास के दो भाइयों संतोष व हरिओम संग की थी।
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शादी के बाद से ही सावित्री को उसकी सास वीरमती परेशान करने लगी। घटना वाले दिन मारपीट कर उसे केरोसिन डालकर जला दिया गया। उपचार के दौरान उसकी अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने सावित्री के मृत्यु पूर्व बयान भी दर्ज कराए।
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मुकदमे के आधार पर चार्जशीट आदि कार्रवाई की। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर वीरमती को दोषी करार दिया गया है। हालांकि घटना के समय वीरमती की ओर से कहीं दूसरी जगह होने की दलील दी गई। मगर उसे साबित नहीं किया जा सका। इस आधार पर उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
मतपेटिका लूट की घटना में जमानत अर्जी खारिज
चंडौस के गांव ओगीपुर में 23 अगस्त 2005 को पंचायत चुनाव के मतदान के दिन मतपेटिका लूट की घटना में नामजद की जमानत अर्जी एडीजे-3 राजेश भारद्वाज की अदालत से खारिज की गई है। एडीजीसी केएम जौहरी के अनुसार इस घटना में गांव के ही नामजद अजय की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया है।
पूर्व विधायक मामले में अभियोजन को आखिरी मौका
पूर्व विधायक वीरेश यादव के खिलाफ दादों थाने के वर्ष 2006 के मुकदमे में न्यायालय ने अभियोजन को गवाह पेशी का आखिरी मौका दिया है। एमपी/एमएलए मामलों की सुनवाई वाली निचली अदालत एसीजेएम प्रथम संदीप चौधरी के यहां इस प्रकरण में बृहस्पतिवार को सुनवाई की तारीख नियत थी। मगर नियत तारीख पर गवाह पेश नहीं किया जा सका। इस पर न्यायालय ने अंतिम अवसर देते हुए अब 11 अक्तूबर तारीख नियत कर दी है।