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अलीगढ़ः कॉलेज में घुसा तेंदुआ, एक को नोचा, 11 घंटे बाद दबोचा गया
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तेंदुए को पकड़ती रेस्क्यू टीम
- फोटो : CHHARRA
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बुधवार की सुबह आठ बजे कस्बे के बरौली रोड स्थित चौ. निहाल सिंह इंटर कॉलेज में एक तेंदुआ घुस गया। उसने परीक्षा देने के लिए अपनी कक्षा की ओर जा रहे 15 वर्षीय छात्र लखीराज पुत्र खगेंद्र सिंह निवासी बरौली पर हमला कर दिया। पंजों के नाखून से छात्र की छाती व बांह में चोट आई है। तेंदुए को देखकर कॉलेज में हड़कंप मच गया। कॉलेज प्रशासन ने तत्काल ही सभी विद्यार्थियों को बाहर निकालकर कॉलेज का गेट बंद करवा दिया।
घायल छात्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाया गया। सूचना पर वन विभाग के साथ पुलिस की टीम पहुंच गई। आगरा से वाइल्ड लाइफ के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बुलाई गई। करीब 11 घंटे तक कॉलेज के अंदर चले रेस्क्यू में शाम सात बजे के बाद तेंदुए को दबोच लिया गया। मुख्य वन संरक्षक अदिति शर्मा के अनुसार तेंदुए की उम्र करीब 5 वर्ष है। इंजेक्शन देकर बेहोश करने के बाद उसे पकड़ा गया है। चिकित्सक से जांच करवाई जाएगी। लखनऊ से मिलने वाले आदेश के अनुसार उसे आगे किसी जंगल में छोड़ा जाएगा।
यह तेंदुआ करीब 11 घंटे तक कॉलेज के अंदर ही रहा। कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों ने उसे पकड़ने में मदद की। इस दौरान कॉलेज के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ लगी रही। बच्चे व महिलाएं डर की वजह से छतों पर मौजूद रहकर तेंदुए को देखने के लिए कॉलेज की ओर टकटकी लगाए रहे। वहीं वन विभाग व पुलिस टीम ने प्रचार करवाकर ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के लिए चेताया। देर शाम सात बजे के बाद तेंदुआ को दबोचा गया तब जाकर वन विभाग की टीम समेत ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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तेंदुए की दहशत... थर-थर कांपे छात्र, कॉलेज में मची भगदड़, ऊंची छतों पर दुबके बच्चे
चौ. निहाल सिंह इंटर कॉलेज कस्बे से बाहर बरौली की ओर है। कॉलेज में अद्धवार्षिक परीक्षा के लिए सुबह छात्र पहुंचे थे। अचानक एक छात्र पर तेंदुआ ने हमला बोला और फिर एक कमरे की ओर भागा तो छात्र की चीख और तेंदुए को देखकर अन्य छात्र डर के मारे थर-थर कांपने लगे। छात्रों के बीच कॉले से बाहर भागने के लिए भगदड़ मच गई। अन्य छात्रों को शिक्षकों ने कॉलेज से सुरक्षित बाहर निकाला।
उधर कॉलेज में तेंदुआ घुसने की खबर फैली तो कॉलेज के आसपास के इलाके में लोगों ने बच्चों को घरों में कैद कर दिया। तेंदुए की दहशत थी लेकिन उसे देखने की ललक भी जिसके चलते बच्चे और महिलाएं ऊंचे मकानों की छतों पर एकत्र रहीं। कॉलेज से दूर ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद रही। हालांकि पुलिस के साथ वन विभाग के कर्मचारी और बड़े, बुजुर्ग भी सभी को सतर्क रहने के लिए चेतावनी देते रहे। दरअसल तेंदुए के कॉलेज से निकलकर बस्ती की ओर भागने की आशंका भी लगातार बनी हुई थी।
कोतवाली से कॉलेज तक पहुंचने में पुलिस को लगे ढाई घंटे
सुबह 8 बजे तेंदुए के कॉलेज मेें छात्र पर हमला करने के तत्काल बाद कॉलेज की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। छर्रा कोतवाली भी कस्बे में ही है लेकिन कोतवाली से कॉलेज तक पहुंचने में पुलिस को करीब ढाई घंटे का समय लग गया। यह दीगर बात है कि दोनों की दूरी चंद मिनट की है। कॉलेज में तेंदुए के घुसने की सूचना पर मुख्य वन संरक्षक आगरा अदिति शर्मा, डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ हाथरस सीपी सिंह, एसडीओ सतीश कुमार, बीटी शर्मा, राहुल चौधरी, वाइल्ड लाइफ की एसओएस आगरा टीम से डॉ. रोहित, डॉ. राहुल प्रसाद, अनुज कुमार, श्रेष्ठ कुमार, हातम, कर्मवीर पहुंच गए।
हर घंटे अपनी जगह बदलता रहा तेंदुआ
सुबह करीब 8 बजे कॉलेज के पिछले गेट से अंदर घुसा तेंदुआ कक्ष संख्या 10 में जाकर बैठ गया था। इसके बाद हर घंटे वह अपनी जगह बदलते हुए कॉलेज के अन्य कक्षों में बैठने के साथ छत की सीढ़ियों पर भी बैठा। सीसीटीवी कैमरों के जरिए रेस्क्यू टीम उसकी हर लोकेशन पर नजर गड़ाए रही। इससे उसे पकड़ने में भी आसानी हुई। सीढ़ियों में जब वन विभाग की टीम ने जाल बिछाया तो वह फिर से अपनी पुरानी जगह पर जाकर बैठ गया। आगरा से रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले मुख्य वन संरक्षक अदिति शर्मा ने टीम के साथ मिलकर तेंदुए को एक जगह पर ही रोके रखने का प्लान तैयार किया। इसके तहत कपड़ों में आग लगाकर ऊपरी तल में फेंके गए ताकि आग की वजह से वह एक ही जगह पर रहे। वहीं कॉलेज की छत से ग्राउंड की ओर जाल बिछाया गया ताकि कूदकर भागने की कोशिश में वह जाल में फंस जाए। इधर-उधर जाकर जान-माल को नुकसान न पहुंचाए।
सबसे पहले गांव बरौली में देखा गया था तेंदुआ
कॉलेज से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर ग्रामसभा बरौली है। वहां के ग्राम प्रधान मनोज लोधी ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब पांच बजे गांव की महिलाओं को सरसों के खेत में तेंदुआ दिखाई पड़ा था। उन महिलाओं ने गांव में खबर दी। इसके बाद से सभी गांव वाले तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुटे थे। उधर ग्रामीणों से बचते हुए यह तेंदुआ कॉलेज में जा घुसा।
पूर्ण वयस्क है यह तेंदुआ
मुख्य वन संरक्षक अदिति शर्मा के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ पूर्ण वयस्क है। उसकी उम्र करीब 5 वर्ष की होगी। तेंदुआ मुख्य रूप से जंगलों के अंदर न जंगल के बाहरी क्षेत्र में रहते हैं। हरिद्वार, खटीमा अथवा लखीमपुर खीरी के जंगलों से भी यह आ सकता है। हो सकता है कि गंगा की बेल्ट में कहीं तेंदुए का कोई परिवार हो। वहीं से घूमते हुए यह आ गया हो। तेंदुए को पकड़ने के लिए आगरा से वाइल्ड लाइफ की टीम बुलाई गई थी। इसमें वेटनरी के वह डॉक्टर शामिल होते हैं जो जंगली व हिंसक पशुओं पर काबू पाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किए जाते हैं।
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घायल छात्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाया गया। सूचना पर वन विभाग के साथ पुलिस की टीम पहुंच गई। आगरा से वाइल्ड लाइफ के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बुलाई गई। करीब 11 घंटे तक कॉलेज के अंदर चले रेस्क्यू में शाम सात बजे के बाद तेंदुए को दबोच लिया गया। मुख्य वन संरक्षक अदिति शर्मा के अनुसार तेंदुए की उम्र करीब 5 वर्ष है। इंजेक्शन देकर बेहोश करने के बाद उसे पकड़ा गया है। चिकित्सक से जांच करवाई जाएगी। लखनऊ से मिलने वाले आदेश के अनुसार उसे आगे किसी जंगल में छोड़ा जाएगा।
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यह तेंदुआ करीब 11 घंटे तक कॉलेज के अंदर ही रहा। कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों ने उसे पकड़ने में मदद की। इस दौरान कॉलेज के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ लगी रही। बच्चे व महिलाएं डर की वजह से छतों पर मौजूद रहकर तेंदुए को देखने के लिए कॉलेज की ओर टकटकी लगाए रहे। वहीं वन विभाग व पुलिस टीम ने प्रचार करवाकर ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के लिए चेताया। देर शाम सात बजे के बाद तेंदुआ को दबोचा गया तब जाकर वन विभाग की टीम समेत ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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तेंदुए की दहशत... थर-थर कांपे छात्र, कॉलेज में मची भगदड़, ऊंची छतों पर दुबके बच्चे
चौ. निहाल सिंह इंटर कॉलेज कस्बे से बाहर बरौली की ओर है। कॉलेज में अद्धवार्षिक परीक्षा के लिए सुबह छात्र पहुंचे थे। अचानक एक छात्र पर तेंदुआ ने हमला बोला और फिर एक कमरे की ओर भागा तो छात्र की चीख और तेंदुए को देखकर अन्य छात्र डर के मारे थर-थर कांपने लगे। छात्रों के बीच कॉले से बाहर भागने के लिए भगदड़ मच गई। अन्य छात्रों को शिक्षकों ने कॉलेज से सुरक्षित बाहर निकाला।
उधर कॉलेज में तेंदुआ घुसने की खबर फैली तो कॉलेज के आसपास के इलाके में लोगों ने बच्चों को घरों में कैद कर दिया। तेंदुए की दहशत थी लेकिन उसे देखने की ललक भी जिसके चलते बच्चे और महिलाएं ऊंचे मकानों की छतों पर एकत्र रहीं। कॉलेज से दूर ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद रही। हालांकि पुलिस के साथ वन विभाग के कर्मचारी और बड़े, बुजुर्ग भी सभी को सतर्क रहने के लिए चेतावनी देते रहे। दरअसल तेंदुए के कॉलेज से निकलकर बस्ती की ओर भागने की आशंका भी लगातार बनी हुई थी।
कोतवाली से कॉलेज तक पहुंचने में पुलिस को लगे ढाई घंटे
सुबह 8 बजे तेंदुए के कॉलेज मेें छात्र पर हमला करने के तत्काल बाद कॉलेज की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। छर्रा कोतवाली भी कस्बे में ही है लेकिन कोतवाली से कॉलेज तक पहुंचने में पुलिस को करीब ढाई घंटे का समय लग गया। यह दीगर बात है कि दोनों की दूरी चंद मिनट की है। कॉलेज में तेंदुए के घुसने की सूचना पर मुख्य वन संरक्षक आगरा अदिति शर्मा, डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ हाथरस सीपी सिंह, एसडीओ सतीश कुमार, बीटी शर्मा, राहुल चौधरी, वाइल्ड लाइफ की एसओएस आगरा टीम से डॉ. रोहित, डॉ. राहुल प्रसाद, अनुज कुमार, श्रेष्ठ कुमार, हातम, कर्मवीर पहुंच गए।
हर घंटे अपनी जगह बदलता रहा तेंदुआ
सुबह करीब 8 बजे कॉलेज के पिछले गेट से अंदर घुसा तेंदुआ कक्ष संख्या 10 में जाकर बैठ गया था। इसके बाद हर घंटे वह अपनी जगह बदलते हुए कॉलेज के अन्य कक्षों में बैठने के साथ छत की सीढ़ियों पर भी बैठा। सीसीटीवी कैमरों के जरिए रेस्क्यू टीम उसकी हर लोकेशन पर नजर गड़ाए रही। इससे उसे पकड़ने में भी आसानी हुई। सीढ़ियों में जब वन विभाग की टीम ने जाल बिछाया तो वह फिर से अपनी पुरानी जगह पर जाकर बैठ गया। आगरा से रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले मुख्य वन संरक्षक अदिति शर्मा ने टीम के साथ मिलकर तेंदुए को एक जगह पर ही रोके रखने का प्लान तैयार किया। इसके तहत कपड़ों में आग लगाकर ऊपरी तल में फेंके गए ताकि आग की वजह से वह एक ही जगह पर रहे। वहीं कॉलेज की छत से ग्राउंड की ओर जाल बिछाया गया ताकि कूदकर भागने की कोशिश में वह जाल में फंस जाए। इधर-उधर जाकर जान-माल को नुकसान न पहुंचाए।
सबसे पहले गांव बरौली में देखा गया था तेंदुआ
कॉलेज से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर ग्रामसभा बरौली है। वहां के ग्राम प्रधान मनोज लोधी ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब पांच बजे गांव की महिलाओं को सरसों के खेत में तेंदुआ दिखाई पड़ा था। उन महिलाओं ने गांव में खबर दी। इसके बाद से सभी गांव वाले तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुटे थे। उधर ग्रामीणों से बचते हुए यह तेंदुआ कॉलेज में जा घुसा।
पूर्ण वयस्क है यह तेंदुआ
मुख्य वन संरक्षक अदिति शर्मा के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ पूर्ण वयस्क है। उसकी उम्र करीब 5 वर्ष की होगी। तेंदुआ मुख्य रूप से जंगलों के अंदर न जंगल के बाहरी क्षेत्र में रहते हैं। हरिद्वार, खटीमा अथवा लखीमपुर खीरी के जंगलों से भी यह आ सकता है। हो सकता है कि गंगा की बेल्ट में कहीं तेंदुए का कोई परिवार हो। वहीं से घूमते हुए यह आ गया हो। तेंदुए को पकड़ने के लिए आगरा से वाइल्ड लाइफ की टीम बुलाई गई थी। इसमें वेटनरी के वह डॉक्टर शामिल होते हैं जो जंगली व हिंसक पशुओं पर काबू पाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किए जाते हैं।

तेंदुए को रेस्क्यू करने के बाद पकड़ कर ले जाते हुई टीम- फोटो : CHHARRA

छर्रा क्षेत्र के एक कॉलेज के अंदर कक्ष में घुसा तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में हुअर कैद। - फोटो : CHHARRA