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Aligarh News: 22 गांवों के पट्टेदारों का जमीन आवंटन निरस्त
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तहसील गभाना में प्रशासन ने श्रेणी तीन एवं चार में दर्ज 22 गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर बीघा जमीन पर पट्टेदारों के आवंटन को निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से आसामी पट्टेधारकों में अफरा-तफरी का माहौल है। वह पिछले कई सालों से सरकारी जमीन पर खेती कर रहे थे। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2006 में जारी किए गए आदेशों के आधार पर यह कार्रवाई की है।
कोल, खैर, अतरौली एवं इगलास समेत चार तहसीलों में अब भी पुराने आदेशों के आधार पर ही इन दोनों श्रेणियों में किसानों के खाते राजस्व दस्तावेजों में दर्ज चले आ रहे हैं। गभाना तहसील में यह आदेश सबसे पहले लागू हुआ है। एसडीएम गभाना कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि श्रेणी तीन में आसामी पट्टेदार आते हैं।
इसमें ग्रामसभा की जमीन को किसी व्यक्ति के लिए एक या अधिकतम पांच साल के लिए पट्टे पर दिया जाता है, लेकिन गभाना तहसील क्षेत्र में आसामी पट्टेधारक आवंटन होने के बाद से कई दशकों से काबिज चले आ रहे हैं। श्रेणी चार में वह जमीनें हैं, जिनमें ग्रामसभा की जमीन पर अवैध कब्जा होता है। प्रशासन ऐसे लोगों को चिन्हित कर हर गांव में एक सूची बनाता है। शासन स्तर से वर्ष 2006 में एक आदेश पारित हुआ था।
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इसमें श्रेणी तीन एवं चार में दर्ज खातों को निरस्त करने के निर्देश दिए थे। तहसील में इस आदेश पर अमल नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि करीब 16 साल बाद गभाना तहसील क्षेत्र के 22 गांवों में इन दोनों श्रेणियों पर दर्ज खातों को निरस्त कर दिया गया है। कलुवा, टीकरी भवापुर, दबथला, पनिहावर, बघियाना, बाहरपुर, रामपुर, मोरथल आदि समेत सात गांवों में श्रेणी तीन के खाते निरस्त किए गए हैं।
श्रेणी चार में अमृतपुर- बख्तपुर, इमलहरा, ऊमरी, कलुवा, ख्यामई, गभाना, तालेपुर, दाऊदपुर कोटा, फरीदपुर, वीरपुरा, भोजपुर, गढ़िया, मदनपुर छबीला, राऊपुर, लोहपूठ, समस्तपुर कोटा समेत 15 गांवों में खाता निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। एसडीएम ने बताया कि शासन स्तर से पूर्व में ही श्रेणी तीन व चार में दर्ज खातों को निरस्त करने का आदेश आ चुका है, लेकिन अब तक इस आदेश पर अमल नहीं हुआ था।
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कोल, खैर, अतरौली एवं इगलास समेत चार तहसीलों में अब भी पुराने आदेशों के आधार पर ही इन दोनों श्रेणियों में किसानों के खाते राजस्व दस्तावेजों में दर्ज चले आ रहे हैं। गभाना तहसील में यह आदेश सबसे पहले लागू हुआ है। एसडीएम गभाना कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि श्रेणी तीन में आसामी पट्टेदार आते हैं।
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इसमें ग्रामसभा की जमीन को किसी व्यक्ति के लिए एक या अधिकतम पांच साल के लिए पट्टे पर दिया जाता है, लेकिन गभाना तहसील क्षेत्र में आसामी पट्टेधारक आवंटन होने के बाद से कई दशकों से काबिज चले आ रहे हैं। श्रेणी चार में वह जमीनें हैं, जिनमें ग्रामसभा की जमीन पर अवैध कब्जा होता है। प्रशासन ऐसे लोगों को चिन्हित कर हर गांव में एक सूची बनाता है। शासन स्तर से वर्ष 2006 में एक आदेश पारित हुआ था।
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इसमें श्रेणी तीन एवं चार में दर्ज खातों को निरस्त करने के निर्देश दिए थे। तहसील में इस आदेश पर अमल नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि करीब 16 साल बाद गभाना तहसील क्षेत्र के 22 गांवों में इन दोनों श्रेणियों पर दर्ज खातों को निरस्त कर दिया गया है। कलुवा, टीकरी भवापुर, दबथला, पनिहावर, बघियाना, बाहरपुर, रामपुर, मोरथल आदि समेत सात गांवों में श्रेणी तीन के खाते निरस्त किए गए हैं।
श्रेणी चार में अमृतपुर- बख्तपुर, इमलहरा, ऊमरी, कलुवा, ख्यामई, गभाना, तालेपुर, दाऊदपुर कोटा, फरीदपुर, वीरपुरा, भोजपुर, गढ़िया, मदनपुर छबीला, राऊपुर, लोहपूठ, समस्तपुर कोटा समेत 15 गांवों में खाता निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। एसडीएम ने बताया कि शासन स्तर से पूर्व में ही श्रेणी तीन व चार में दर्ज खातों को निरस्त करने का आदेश आ चुका है, लेकिन अब तक इस आदेश पर अमल नहीं हुआ था।