Good News: अलीगढ़-पलवल हाईवे पर खैर-जट्टारी बाईपास को मिली मंजूरी, 200 करोड़ से बनगा, जाम से मिलेगी निजात
अलीगढ़-पलवल हाईवे पर बहुप्रतीक्षित खैर-जट्टारी बाईपास बनने का रास्ता साफ हो गया है। दोनों बाईपास बनने से इस हाईवे पर सफर करने वालों को खैर और जट्टारी में मिलने वाले जाम से राहत मिलेगी।
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अलीगढ़-पलवल हाईवे पर बहुप्रतीक्षित खैर-जट्टारी बाईपास बनने का रास्ता साफ हो गया है। दोनों बाईपास बनने से इस हाईवे पर सफर करने वालों को खैर और जट्टारी में मिलने वाले जाम से राहत मिलेगी। नेशनल हाईवे अथारिटी (एनएचआईए) ने बाईपास का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर उसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा था, जिसे हरी झंडी मिल गई है। भूमि अधिग्रहण और सड़क निर्माण के लिए धनराशि भी जारी कर दी गई है।
67 किलोमीटर लंबा अलीगढ़-पलवल हाईवे टप्पल इंटरचेंज के पास यमुना एक्सप्रेस वे से मिलता है। यह अलीगढ़ को सीधे हरियाणा के पलवल जिले से जोड़ता है। यमुना एक्सप्रेस वे के माध्यम से नोएडा सहित एनसीआर, आगरा और मथुरा से जोड़ता है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने 552 करोड़ की लागत से इस हाईवे का निर्माण कराया था। खैर और जट्टारी में बाईपास नहीं बनने से इस हाईवे पर घंटों जाम से जूझना पड़ता है। इससे बचने के लिए खैर में 10 किमी और जट्टारी में 5.5 किलोमीटर लंबे बाईपास की मांग लंबे समय से हो रही थी।
निर्माण में फंसा था पेंच
कस्बा खैर व जट्टारी बाईपास के निर्माण में लंबे समय से पेंच फंसा हुआ था। दरअसल, लोक निर्माण विभाग ने अलीगढ़-पलवल हाईवे का निर्माण कराया था। हाईवे बनने के बाद इसे नेशनल हाईवे अथारिटी ( एनएचएआई ) में शामिल कर लिया गया। दो विभागों में उलझने के कारण दोनों बाईपास के निर्माण की मंजूरी नहीं मिल पाई थी। कुछ दिन पहले एनएचआईए की ओर से दोनों बाईपास के निर्माण का प्रस्ताव तैयार इसकी डीपीआर शासन को भेजी गई। अब जाकर इसकी मंजूरी मिल पाई है।
बाईपास अलीगढ़ के लिए बेहद महत्वपूर्ण
अलीगढ़-पलवल हाईवे पर ही अलीगढ़ की बड़ी विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं। इसी हाईवे पर खेरेश्वरधाम मंदिर, राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट नगर, ग्रेटर अलीगढ़, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इंडियन बॉटलिंग प्लांट, बीज निगम के गोदाम हैं।
खैर और जट्टारी बाईपास निर्माण के लिए भेजी गई डीपीआर को शासन ने मंजूरी दे दी है। दोनों बाईपास के निर्माण का बजट भी जारी कर दिया है। भूमि अधिग्रहण व मुआवजा वितरण के बाद इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।-प्रमोद कौशिक, परियोजना प्रबंधक एनएचएआई।