मन्नान प्रकरण के बाद रडार पर कश्मीरी छात्र, एएमयू पर फिर से खुफिया एजेंसियों की नजर
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मन्नान वानी के एएमयू से लापता होने का प्रकरण इस वर्ष जनवरी महीने में सामने आया तो अलगाववादी गुटों से यहां का कनेक्शन एक बार फिर से सामनेे आया। खुफिया एजेंसियों का स्पष्ट मानना है कि यहां पर अगर कुछ छात्रों को छोड़ दें तो बाकी सभी छात्र शांति प्रिय और अध्ययन ही करने वाले हैं। वैचारिक रूप से मत भिन्नता अलग बात हो सकती है, लेकिन खुफिया एजेंसियां यहां विगत काल में हुई कुछ गतिविधियों को नजर अंदाज नहीं कर सकीं।
इनमें से एक गतिविधि यहां पर सिमी की स्थापना की थी। इस संगठन के आज भी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की घटनाएं प्रकाश में आती हैं। खुफिया एजेंसियों को यहां पर खास तौर से इस बात की जानकारी करनी थी और अब भी करनी है कि कहीं यहां पर छात्रों की विचारधारा को भटकाने का काम तो नहीं किया जा रहा है।
मन्नान वानी प्रकरण के बाद यहां पर एक शिक्षक की भूमिका संदेह के घेरे में आयी थी जिस पर छात्रों को भटकाने का आरोप लगा। विश्वविद्यालय ने भी अपने स्तर से इस प्रकरण में जांच कमेटी का गठन किया। अब मन्नान को मार गिराने के बाद खुफिया एजेंसियां इसके प्रति स्वरूप होने वाले घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
अब एएमयू में ‘आजादी-आजादी’ का वीडियो वायरल
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अब ‘आजादी-आजादी’ का नारा लगाते हुए छात्रों का वीडियो वायरल हुआ है। हालांकि वीडियो देखने के बाद यह पता नहीं चलता है कि आखिर आजादी किससे चाहिए।
वायरल वीडियो की पृष्ठभूमि में कैनेडी हॉल दिखाई दे रहा है और चलते-फिरते युवक ‘आजादी-आजादी’ का नारा लगाते हुए दिख रहे हैं।
चर्चा है कि यह वीडियो गुरुवार को उस समय का है जब प्रॉक्टोरियल टीम द्वारा नमाज-ए-जनाजा पढ़ने का प्रयास कर रहे कश्मीर के छात्रों को खदेड़ दिया गया। इससे नाराज छात्र नारेबाजी करते हुए वहां से भाग गए।
इसी क्रम में उन्होंने आजादी-आजादी एवं एएमयू प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए थे। एएमयू जनसंपर्क कार्यालय के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई आजादी-आजादी के नारे से अनभिज्ञता जता रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मन्नान के मारे जाने के बाद कश्मीर के छात्रों ने उसे शहीद घोषित कर कैनेडी हॉल में नमाज-ए-जनाजा का आयोजन करने का प्रयास किया था, लेकिन सीनियर छात्रों एवं प्रॉक्टोरियल टीम के विरोध एवं सख्ती के कारण कश्मीरी छात्र अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सकें। अन्य छात्रों के विरोध के कारण कश्मीर के छात्र अलग-थलग पड़ गए।
एएमयू के छात्रावासों को खाली कराकर एक-एक छात्र की हो जांच
सांसद सतीश कुमार गौतम ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति से कश्मीर में जवानों के हाथों मारे गए आतंकी एवं पूर्व छात्र मन्नान वानी को शहीद घोषित कर कैंपस में जनाजे की नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाले छात्रों के खिलाफ अब तक की गयी कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।
इसके साथ ही यह भी सुझाव दिया है कि एएमयू के कैंपस एवं छात्रावासों को खाली कराकर एक-एक छात्र खासकर कश्मीरी छात्र-छात्राओं की जांच करा ली जाए। उसके बाद ही उनको अध्ययन के लिए प्रवेश दिया जाए।
सांसद का कहना है कि कोई भी एक दिनमें आतंकवादी नहीं बन जाता है। आजकल कैंपस में सरकार एवं देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीरी आतंकवादी अफजल गुरू की फांसी के समय किये गये कार्यक्रम की परिणति है आज यहां मन्नान वानी पैदा हो गया। एएमयू के सभी काउंसलिंग सेंटर्स को कार्यवाही सेंटर्स में बदल देने का समय अब आ गया है। सांसद सतीश कुमार गौतम ने बताया कि एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर से कार्रवाई का ब्योरा मांगा है ताकि अगली कोर्ट मीटिंग में उस पर चर्चा हो सकें।