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दौलत शोहरत क्या करनी है: अलीगढ़ नुमाइश में सजी कैलाश खेर की महफिल, झूमे दर्शक, सेल्फी लेने की मची होड़

Tue, 13 Feb 2024 04:00 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 13 Feb 2024 04:00 AM IST
सार

अलीगढ़ नुमाइश में आए कैलाश खेर ने कहा कि अलीगढ़ वासियों हम यहां से ताला तो नहीं ले जाएंगे, लेकिन तालियों को साथ जरूर ले जाएंगे। कैलाश ने हीरे मोती मैं न चाहूं, मैं तो चाहूं संगम तेरा...,सैंया.., गीत सुनाकर दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने हर-हर महादेव व जय सिया राम के नारे लगाकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। दर्शक मोबाइल फोन की लाइट जलाकर सेल्फी लेने लगे।

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Kailash Kher in Aligarh exhibition
नुमाइश में कोहिनूर मंच पर कैलाश खेर - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ की राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी (नुमाइश) के कोहिनूर मंच पर 12 फरवरी रात प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर की आवाज का जादू श्रोताओं पर खूब चला। कैलाश खेर के सुरों की गंगा में श्रोताओं ने देर रात तक डुबकी लगाई। कैलाश ने अभी तक सूनी पड़ी अलीगढ़ की नुमाइश में जान डाल दी। कैलाश बैंड की मधुर धुनों पर दर्शक खूब झूमें। यह तीसरा मौका था जब कैलाश खेर ने अपनी गायकी का जादू अलीगढ़वासियों पर चलाया। उन्होंने सुरों का ऐसा जादू बिखरा कि हर कोई उनका कायल हो गया। 

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कैलाश खेर नाइट का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। गीतों का जादू इस कदर चला कि मंच पर पहुंचते ही उनके स्वागत को दर्शक अपनी सीटों से खड़े हो गए। दीवानगी का आलम यह था कि पूरा पांडाल समय से काफी पहले ही भर चुका था। कैलाश ने मंच पर आने के बाद सबसे पहले संस्कृत का श्लोक पड़ा। इसके बाद उन्होंने दौलत शोहरत क्या करनी है..., '''' क्या कभी अंबर से सूर्य निकलता है... कैसी ये अनहोनी हर आंख हुई नम ..., तेरे नाम से जी लूं ..., ''''तेरी दीवानी...  पर श्रोता कैलाश की आवाज में खो गए। 
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उन्होंने कैलाशा बैंड पर डांस के लिए कुछ चुनिंदा दर्शकों को मंच पर बुलाया। उन्हें आने में कुछ देरी हुई तो कैलाश खेर ने चुटकी लेते हुए कहा कि सब कुछ है हमरे पास बस टाइम नहीं हैं, जल्दी करो। इसके बाद कैलाश ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरा पांडाल कैलाश के गीतों पर झूमता नजर आया। उन्होंने नहीं तीर, तलवार.. आज चख लेन दे..., आओ जी-आओ जी, तौबा-तौबा उफ......, आज फट्टे चक लेन दे..., पिया के रंग दीनी..., तू जाने ना..., अल्हा के वंदे..., बम लहरी... जय-जयकारा..., स्वामी देना साथ हमारा..., जोबन छलकें... छाप तिलक सब छीनी रे... ''''मै तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया...जैसे सुपरहिट गाने सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद-''''राह बुहारूं, पग पखारूं, तम निहारूं जी, आओ जी..., ''''तेरे बिन नई लगता दिल मेरा डोलना... आदि गीतों के जरिए दर्शकों को उनकी मांग पर कई सूफी गीत सुनाए। 
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कैलाश खेर ने कहा कि अलीगढ़ वासियों हम यहां से ताला तो नहीं ले जाएंगे, लेकिन तालियों को साथ जरूर ले जाएंगे। कैलाश ने हीरे मोती मैं न चाहूं, मैं तो चाहूं संगम तेरा...,सैंया.., गीत सुनाकर दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने हर-हर महादेव व जय सिया राम के नारे लगाकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। दर्शक मोबाइल फोन की लाइट जलाकर सेल्फी लेने लगे। जिला प्रशासन की ओर से एसएसनी संजीव कुमार, एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, एडीएम प्रशासन पंकज कुमार, एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक, एसपी देहात पलाश बंसल आदि ने कैलाश खेर को सम्मानित किया।

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