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सचल लोक अदालत से साकार होगी न्याय आपके द्वार परिकल्पना : जिला जज

Thu, 12 Aug 2021 12:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 12:45 AM IST
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Justice will be realized by mobile Lok Adalat at your doorstep: District Judge
11 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने एवं न्याय को आम जन तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर सचल लोक अदालत वैन बुधवार को रवाना हुई। इसे जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विवेक संगल ने हरी झंडी दिखाई। जिला न्यायाधीश ने कहा कि इस वैन से न्याय आपके द्वार परिकल्पना साकार होगी।
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प्राधिकरण सचिव महेंद्र कुमार द्वितीय ने बताया कि सचल मोबाइल वैन के माध्यम से आम लोगों को कानूनी बारीकियों, खर्चे, समय की बचत व 11 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी दी जाएगी। यह वैन विभिन्न तहसीलों में भ्रमण करेगी। इस दौरान वैन में मौजूद स्वयं सेवक वैवाहिक, पारिवारिक एवं अन्य विवादों को मध्यस्थता तथा सुलह-समझौते के आधार पर निपटारे, कैदियों एवं विचाराधीन अभियुक्तों को नि:शुल्क अधिवक्ता व विधिक राय, गरीब एवं पात्र व्यक्ति को न्याय शुल्क, नि:शुल्क अधिवक्ता एवं वाद व्यय, गुमशुदा बच्चों एवं व्यक्तियों के मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट अंकित करवाने के लिए नि:शुल्क वकील की सेवाएं, अपराध से पीड़ित व्यक्ति या उसके आश्रितों के पुनर्वास के लिए उप्र पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति प्रदान करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।
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नि:शुल्क विधिक सेवा के हकदारों की जानकारी देते हुए सचिव महेंद्र कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के सदस्य, मनुष्यों का अवैध व्यापार किए जाने से आहत व्यक्ति, महिलाएं एवं बच्चे, अंधापन, कुष्ठ रोग, बहरापन, दिमागी कमजोरी से ग्रस्त व्यक्ति, खानाबदोश व्यक्ति, सामूहिक आपदा, जातीय हिंसा, वर्ग विशेष पर अत्याचार, प्राकृतिक, आपदा, बाढ़, अकाल, भूकंप अथवा औद्योगिक आपदा से ग्रस्त व्यक्ति, किशोर अपराधी, परीक्षणाधीन व्यक्ति जो हिरासत में हो, सुरक्षा गृह, मानसिक अस्पताल, या तीन लाख से कम वार्षिक आय वाला व्यक्ति नि:शुल्क विधिक सेवा के पात्र हैं। इस मौके पर प्रथम अपर जिला जज व नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत शाहिद रजा, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी एवं परा विधिक स्वयं सेवक आदि उपस्थित थे।
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