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Aligarh: जुमा अलविदा की नमाज में मांगी अमन-चैन की दुआ, कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज, ड्रोन से हुई निगरानी
Fri, 13 Mar 2026 09:45 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 13 Mar 2026 09:45 PM IST
सार
सुबह से ही नमाज की तैयारियां शुरू हो गईं थीं। नमाज के समय मस्जिदों में भीड़ उमड़ी। लोगों ने एक-दूसरे से गले लगकर रमजान और जुमा अलविदा की मुबारकबाद दी।
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नमाज अता करते नमाजी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
जुमा अलविदा पर अलीगढ़ शहर की ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद, शाहजमाल, जमालपुर, एएमयू समेत अन्य मस्जिदों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने नमाज अता की। इसमें देश-दुनिया में अमन, चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी गई। नमाज से पहले उलेमाओं ने रमजान के आखिरी अशरे की फजीलत और इंसानियत, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद करने पर रोशनी डाली।
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सुबह से ही नमाज की तैयारियां शुरू हो गईं थीं। नमाज के समय मस्जिदों में भीड़ उमड़ी। लोगों ने एक-दूसरे से गले लगकर रमजान और जुमा अलविदा की मुबारकबाद दी। पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। ऊपरकोट समेत संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस, आरएएफ और पीएसी को तैनात किया गया था। ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों से भी पैनी नजर रखी गई। ऊपरकोट समेत प्रमुख मस्जिदों के आसपास बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया।
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एसएसपी नीरज कुमार जादाैन, एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव, एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल गुप्ता समेत अन्य अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि जुमा अलविदा की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई है।
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यह आत्मचिंतन का दिन
एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेहान अख्तर कासमी ने कहा कि रमजान का यह आखिरी जुमा मुसलमानों के लिए विशेष इबादत और आत्मचिंतन का दिन होता है। जकात और सदका इस्लाम में जरूरतमंदों की मदद का अहम जरिया हैं। ईद‑उल‑फितर से पहले इन्हें अदा करना जरूरी है, ताकि गरीब और जरूरतमंद भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।