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अलीगढ़ः टूटी सड़कें, अवैध पार्किंग और दुकानों के पट्टों से घिरा रहता है जयगंज मार्ग
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जयगंज बाजार में टूटी सड़क।
- फोटो : CITY OFFICE
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सासनीगेट चौराहे से लेकर फूल चौराहा सराफा बाजार तक जाने वाला जयगंज मार्ग टूटी सड़क, अवैध पार्किंग और दुकानों से बाहर निकले पट्टों से घिरा रहता है। आलम यह है कि पुराने शहर की डेढ़ किलोमीटर का यह सबसे व्यस्त मार्ग है, लेकिन अपार समस्याओं से राहगीरों के साथ स्थानीय निवासी व व्यापारी परेशान रहते हैं।
प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे तृतीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। अमर उजाला ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के साथ यातायात समस्याओं से भरा शहर सप्ताह अभियान चलाया है। जिसके क्रम में बृहस्पतिवार को सासनीगेट-जयगंज-फूल चौराहे के जयगंज मार्ग की पड़ताल की गई। डेढ़ किलोमीटर का यह मार्ग मथुरा-और आगरा की तरफ से सीधे पुराने शहर को जोड़ता है। मार्च 2020 से इस मार्ग में जगह-जगह सड़कें पाइप लाइन डालने के लिए खोद दी गई हैं, लेकिन सड़क को ठीक नहीं किया गया। मार्च 2021 में पड़ी शिवरात्रि पर तो खुदाई को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। मार्च 2020 से लेकर डेढ़ साल से ऊपर होने के बावजूद अभी इस मार्ग का काम पूरा नहीं हुआ है। जबकि स्थानीय व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर पट्टे निकाल रखे हैं। अवैध रूप से सड़कों पर जहां तहां वाहन खड़े किए जाते हैं। इसके ऊपर ठेल-ढकेल, सब्जी के फड़ और ई-रिक्शा से सड़क में जाम जैसे हालात बने रहते हैं। अब तो कई राहगीर इस मार्ग से गुजरना पसंद नहीं करते हैं। क्योंकि 15 मिनट की दूरी अब घंटों में तय होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेल-ढकेल, अवैध सब्जियों के फड़ और अवैध पार्किंग से राह निकलना मुश्किल रहता है। जयगंज सब्जी मंडी में तो हाल बेहाल हैं।
टॉयलेट की भी नहीं है कोई व्यवस्था
-स्थानीय लोगों ने बताया कि सबसे पुराने शहर में टॉयलेट की कोई व्यवस्था नहीं है। आदमी तो जहां तहां हट बचकर मूत्र विसर्जन कर लेते हैं। युवतियों के साथ महिलाओं को काफी परेशानी होती है।
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- कहने को शहर स्मार्ट सिटी बन रहा है, लेकिन यातायात व्यवस्था काफी खराब है। शहर में जगह=-जगह तो जाम लगता ही है। जयगंज मार्ग पर टूटी सड़कें और अवैध रूप से लगने वाले फड़ों से मार्ग संकरा हो जाता है। यहां भी कई बार जाम लगता है।
- अनिल कुमार
- जयगंज मार्ग पर कहीं भी शौचालय की व्यवस्था नहीं है। यातायात व्यवस्था के लिए यहां कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। इसी कारण व्यापारियों ने दुकानों के पट्टे बाहर निकाल दिए हैं। जबकि अब तो टूटी और खुदी पड़ी सड़कों से राहगीर परेशान हैं। कई बार वाहन चालक टूटी सड़कों की वजह से गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।
- लाला हरिशंकर
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प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे तृतीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। अमर उजाला ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के साथ यातायात समस्याओं से भरा शहर सप्ताह अभियान चलाया है। जिसके क्रम में बृहस्पतिवार को सासनीगेट-जयगंज-फूल चौराहे के जयगंज मार्ग की पड़ताल की गई। डेढ़ किलोमीटर का यह मार्ग मथुरा-और आगरा की तरफ से सीधे पुराने शहर को जोड़ता है। मार्च 2020 से इस मार्ग में जगह-जगह सड़कें पाइप लाइन डालने के लिए खोद दी गई हैं, लेकिन सड़क को ठीक नहीं किया गया। मार्च 2021 में पड़ी शिवरात्रि पर तो खुदाई को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। मार्च 2020 से लेकर डेढ़ साल से ऊपर होने के बावजूद अभी इस मार्ग का काम पूरा नहीं हुआ है। जबकि स्थानीय व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर पट्टे निकाल रखे हैं। अवैध रूप से सड़कों पर जहां तहां वाहन खड़े किए जाते हैं। इसके ऊपर ठेल-ढकेल, सब्जी के फड़ और ई-रिक्शा से सड़क में जाम जैसे हालात बने रहते हैं। अब तो कई राहगीर इस मार्ग से गुजरना पसंद नहीं करते हैं। क्योंकि 15 मिनट की दूरी अब घंटों में तय होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेल-ढकेल, अवैध सब्जियों के फड़ और अवैध पार्किंग से राह निकलना मुश्किल रहता है। जयगंज सब्जी मंडी में तो हाल बेहाल हैं।
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टॉयलेट की भी नहीं है कोई व्यवस्था
-स्थानीय लोगों ने बताया कि सबसे पुराने शहर में टॉयलेट की कोई व्यवस्था नहीं है। आदमी तो जहां तहां हट बचकर मूत्र विसर्जन कर लेते हैं। युवतियों के साथ महिलाओं को काफी परेशानी होती है।
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- कहने को शहर स्मार्ट सिटी बन रहा है, लेकिन यातायात व्यवस्था काफी खराब है। शहर में जगह=-जगह तो जाम लगता ही है। जयगंज मार्ग पर टूटी सड़कें और अवैध रूप से लगने वाले फड़ों से मार्ग संकरा हो जाता है। यहां भी कई बार जाम लगता है।
- अनिल कुमार
- जयगंज मार्ग पर कहीं भी शौचालय की व्यवस्था नहीं है। यातायात व्यवस्था के लिए यहां कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। इसी कारण व्यापारियों ने दुकानों के पट्टे बाहर निकाल दिए हैं। जबकि अब तो टूटी और खुदी पड़ी सड़कों से राहगीर परेशान हैं। कई बार वाहन चालक टूटी सड़कों की वजह से गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।
- लाला हरिशंकर